केंद्र की तुलना में कम मिल रही छत्तीसगढ़िया अधिकारी- कर्मचारियों को सैलरी, दिवाली से पहले भत्ता-एरियर्स देने सरकार पर दबाव
बढ़ी हुई दरें जुलाई 2026 से लागू होंगी। इसके बाद छत्तीसगढ़ में भी महंगाई भत्ते का मुद्दा गरमा गया है।
राज्य के करीब 5 लाख अधिकारी-कर्मचारी और पेंशनर केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि केंद्र और राज्य के कर्मचारियों के DA में अब 5 प्रतिशत का अंतर हो गया है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी को पत्र भेजा है। संगठन ने दिवाली से पहले बकाया महंगाई भत्ता एरियर सहित देने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जा सकता है।
केंद्र ने बढ़ाया DA, छत्तीसगढ़ में इंतजार
केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी। अक्टूबर की सैलरी के साथ जुलाई से एरियर मिलने की जानकारी भी सामने आई है।
इस बढ़ोतरी से केंद्र सरकार पर हर साल करीब 10,016 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।
दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों को फिलहाल 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। केंद्र की नई दर के बाद केंद्रीय कर्मचारियों का DA 63 प्रतिशत हो गया है। इस तरह दोनों के बीच 5 प्रतिशत का अंतर हो गया है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महंगाई का असर सभी पर पड़ता है। ऐसे में राज्य के कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता मिलना चाहिए। इसी मांग को लेकर संगठन सरकार पर दबाव बना रहे हैं।
हर महीने वेतन में हजारों रुपये का अंतर
महंगाई भत्ते में 5 प्रतिशत का अंतर कर्मचारियों की जेब पर असर डाल रहा है। वेतन के अनुसार, हर महीने करीब 4 हजार से 20 हजार रुपये तक का अंतर पड़ सकता है।
इसका असर परिवार के बजट पर भी पड़ता है। घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और दूसरी जरूरतों के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं। ऐसे में कर्मचारी चाहते हैं कि सरकार जल्द फैसला ले।
पेंशनरों के लिए भी महंगाई राहत का अंतर चिंता का विषय है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच समय पर राहत मिलना जरूरी है।
केंद्र सरकार की घोषणा के बाद अब राज्य सरकार के फैसले का इंतजार है। कर्मचारियों की मांग है कि छत्तीसगढ़ में भी DA की दर केंद्र के बराबर की जाए।
दिवाली से पहले एरियर देने की मांग
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने इस मामले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी को पत्र भेजा है। फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक और राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल वर्मा ने 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता एरियर सहित देने की मांग की है।
संगठन का कहना है कि कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता मिलना चाहिए। साथ ही बकाया राशि का भुगतान भी किया जाना चाहिए।
फेडरेशन ने यह भी कहा है कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता एरियर सहित देने का वादा किया था। अब सरकार को इस वादे पर अमल करना चाहिए।
संगठन चाहता है कि कर्मचारियों को दिवाली से पहले आर्थिक राहत मिले। इससे त्योहार के खर्चों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
महंगाई भत्ते को लेकर कर्मचारी संगठन लगातार सक्रिय हैं। फेडरेशन की 6 सितंबर को हुई प्रांतीय बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी।
बैठक में फैसला लिया गया था कि दिवाली से पहले महंगाई भत्ता जारी कराने के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। इसी के तहत मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को मांग पत्र भेजा गया है।
फेडरेशन ने साफ किया है कि अगर सरकार जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लेती है, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।
अब सरकार के फैसले पर कर्मचारियों की नजर है। संगठन चाहता है कि 5 प्रतिशत बकाया महंगाई भत्ता और एरियर का भुगतान जल्द किया जाए।
क्या दिवाली से पहले मिलेगी राहत?
छत्तीसगढ़ में महंगाई भत्ते का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। केंद्र सरकार की घोषणा के बाद कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांग तेज कर दी है।
करीब 5 लाख अधिकारी-कर्मचारी और पेंशनर राज्य सरकार से राहत की उम्मीद कर रहे हैं। उनकी मांग है कि महंगाई भत्ता केंद्र के समान किया जाए और बकाया राशि एरियर सहित दी जाए।
फिलहाल, राज्य सरकार की ओर से इस मांग पर फैसला होना बाकी है। दिवाली से पहले भुगतान होगा या कर्मचारियों को इंतजार करना पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
कर्मचारियों की नजर अब सरकार के अगले कदम पर है। वहीं, संगठन ने संकेत दिया है कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन किया जा सकता है।