छत्तीसगढ़ में बच्चों की पसंदीदा चोको पाई होगी बैन, दिल्ली भेजी गई रिपोर्ट
समझें क्या है पूरा मामला
- दुर्ग में लोटे चोको पाई का एक बैच अमानक मिला है।
- खाद्य विभाग ने इस बैच की बिक्री और स्टॉक पर रोक लगाई।
- भोपाल में हुई जांच में सैंपल मानकों पर खरा नहीं उतरा।
- सैंपल को दोबारा जांच के लिए दिल्ली लैब भेजा जाएगा।
- विभाग अब पूरे छत्तीसगढ़ में इसे बैन करने की तैयारी में है।
Lotte Choco Pie का बैच अमानक
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बच्चों की पसंदीदा लोटे चोको पाई को लेकर बड़ी कार्रवाई हुई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA – Food and Drugs Administration) ने इसके एक बैच की बिक्री पर रोक लगा दी है। जांच के दौरान यह प्रोडक्ट अमानक पाया गया था।
विभाग अब इस खास बैच पर पूरे राज्य में प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहा है। इस खबर के बाद से राज्य के दुकानदारों और ग्राहकों के बीच हड़कंप मच गया है।
भोपाल लैब की जांच में फेल हुआ बैच
यह मामला तब शुरू हुआ जब खाद्य विभाग ने बाजार से नमूने लिए थे। इन नमूनों की जांच भोपाल स्थित लैब में कराई गई। जांच रिपोर्ट में लोटे चोको पाई का एक पूरा बैच मानकों पर सही नहीं पाया गया। जिस बैच पर कार्रवाई हुई है, उसका कोड NM 10 DC 2 है।
यह 672 ग्राम का पैक है। रिपोर्ट आते ही दुर्ग जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने बाजार से इस बैच को हटाने के निर्देश जारी कर दिए।
कार्रवाई केवल एक बैच तक सीमित
अधिकारियों ने साफ किया है कि यह कार्रवाई पूरे ब्रांड पर नहीं है। केवल अमानक पाए गए खास बैच पर ही रोक लगाई गई है। बाजार में बिक रहे अन्य बैच के चोको पाई पर कोई प्रतिबंध नहीं है। ग्राहक दूसरे बैच के प्रोडक्ट खरीद सकते हैं। विभाग पूरी सावधानी बरत रहा है। बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला होने के कारण अधिकारी कोई जोखिम नहीं लेना चाहते।
दिल्ली लैब में होगी दोबारा जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विभाग बड़ा कदम उठा रहा है। सैंपल को अब दिल्ली स्थित केंद्रीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। वहां इस नमूने की दोबारा गहन जांच की जाएगी। दिल्ली लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही खराबी के सही स्तर का पता चलेगा। अगर केंद्रीय लैब में भी सैंपल फेल होता है, तो कंपनी पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पूरे प्रदेश में सप्लाई रोकने की तैयारी
दुर्ग में बिक्री रुकने के बाद अब पूरे छत्तीसगढ़ में इसकी सप्लाई रोकने की योजना है। खाद्य विभाग ने इस संबंध में दुर्ग कमिश्नर को पत्र भेजा है।पत्र में इस अमानक बैच को पूरे राज्य में पूरी तरह बैन करने की सिफारिश की गई है।
विभाग अब यह पता लगा रहा है कि यह बैच किन-किन जिलों में सप्लाई किया गया था। बाजार में इसकी कितनी मात्रा मौजूद है, इसका ब्योरा जुटाया जा रहा है।
डिस्ट्रीब्यूटर और कंपनी से जवाब तलब
खाद्य विभाग ने संबंधित डिस्ट्रीब्यूटर को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही चेन्नई स्थित मुख्य कंपनी से भी जानकारी मांगी गई है। अधिकारी यह जानना चाहते हैं कि इस बैच का कुल कितना उत्पादन हुआ था। देश के किन-किन राज्यों में इसे भेजा गया है, इसकी सूची मांगी गई है।इससे यह स्पष्ट होगा कि अमानक चोको पाई सिर्फ छत्तीसगढ़ आई थी या अन्य राज्यों में भी बिक रही है।
दुकानदारों को स्टॉक वापस करने के निर्देश
खाद्य विभाग ने सभी छोटे-बड़े दुकानदारों को सख्त हिदायत दी है। वे अमानक बैच वाले चोको पाई को तुरंत बेचना बंद कर दें। दुकानदारों से कहा गया है कि वे अपना पुराना स्टॉक डिस्ट्रीब्यूटर को वापस लौटा दें।
अगर कोई दुकानदार इसे बेचते पकड़ा गया, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल विभाग दिल्ली से आने वाली जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
FAQ
- चोको पाई के किस बैच को अमानक पाया गया है?
उत्तर: लोटे चोको पाई के NM 10 DC 2 बैच (672 ग्राम पैक) को जांच में अमानक पाया गया है। - क्या छत्तीसगढ़ में सभी लोटे चोको पाई पर प्रतिबंध लगा दिया गया है?
उत्तर: नहीं, केवल जांच में अमानक पाए गए खास बैच (NM 10 DC 2) की बिक्री और भंडारण पर रोक लगाई गई है। बाकी बैच सुरक्षित हैं। - चोको पाई के सैंपल को दोबारा जांच के लिए कहाँ भेजा जा रहा है?
उत्तर: चोको पाई के सैंपल को दोबारा और अंतिम जांच के लिए दिल्ली स्थित केंद्रीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
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