महंगे तेल और खाद संकट पर सरकार क्यों मौन : भूपेश बघेल
NEWS IN SHORT
- चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल 8 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ।
- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल।
- छत्तीसगढ़ की सहकारी समितियों में डीएपी-यूरिया खाद की भारी किल्लत।
- 1300 रुपए का डीएपी बाजार में 2500 रूपए में बिक रहा।
- महंगी खेती के कारण फसलों के उत्पादन प्रभावित होने की आशंका।
NEWS IN DETAIL
चुनावों का शोर थमते ही छत्तीसगढ़ की सियासत में महंगाई और किसानों के मुद्दे पर उबाल आ गया है। मतदान समाप्त हुए अभी महज 12 दिन ही बीते हैं, लेकिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 8 रुपए प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। इस मुद्दे पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार को आड़े हाथों लिया है।
भूपेश बघेल ने कहा कि राहुल गांधी ने पहले ही देश को आगाह किया था कि चुनाव बाद 'आर्थिक तूफान' आने वाला है, जिसे तब प्रधानमंत्री और उनके मंत्रियों ने 'विपक्ष का भ्रम' बताकर खारिज कर दिया था। बघेल ने सवाल दागा, "अब जब जनता तेल के दामों से त्रस्त है, तो केंद्र और राज्य के सत्ताधारी नेता मौन क्यों हैं? क्या यही इनके 'अच्छे दिन' हैं?"
ब्लैक में खाद खरीदने को मजबूर अन्नदाता
बात सिर्फ पेट्रोल-डीजल की नहीं है, छत्तीसगढ़ के किसानों के सामने खरीफ सीजन से ठीक पहले बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सरकार भले ही 80 फीसदी डीएपी (DAP) आपूर्ति का दावा करे, लेकिन प्रदेश की सहकारी समितियों (सोसायटियों) में सन्नाटा पसरा है। किसानों को खाद की एक बोरी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। इस किल्लत के बीच राज्य में खाद की भारी कालाबाजारी शुरू हो गई है:
- DAP खाद: सरकारी दाम 1300 रुपए की जगह खुले बाजार में 2500 रुपए तक बेची जा रही है।
- यूरिया : 266 रुपए की बोरी के लिए किसानों से 800 रुपए से एक हजार रुपए वसूले जा रहे हैं।
भूपेश बघेल की चेतावनी : "महंगे डीजल और ब्लैक में मिल रही खाद से छत्तीसगढ़ के किसानों की खेती की लागत दोगुनी हो जाएगी। इसका सीधा असर प्रदेश के कृषि उत्पादन पर पड़ेगा। अगर सरकार ने तुरंत दखल नहीं दिया, तो किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।"
निष्कर्ष
चुनाव बीतते ही पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी और छत्तीसगढ़ में खाद की भारी किल्लत ने सरकार के दावों की पोल खोल दी है। भूपेश बघेल के आरोपों और जमीनी हकीकत को देखें तो स्पष्ट है कि आर्थिक बोझ और कालाबाजारी से अन्नदाता बेहाल है, जिससे आने वाले समय में कृषि संकट गहरा सकता है।
FAQ
- चुनाव के ठीक बाद पेट्रोल-डीजल के दाम कितने बढ़े हैं?
मतदान समाप्त होने के महज 12 दिनों के भीतर तेल की कीमतों में ₹8 प्रति लीटर तक की भारी बढ़ोतरी हुई है। - छत्तीसगढ़ में खाद (DAP और यूरिया) का क्या संकट है?
सरकारी सोसायटियों में खाद बिल्कुल नहीं मिल रही है, जिससे खरीफ सीजन से ठीक पहले किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। - बाजार में खाद किस रेट पर ब्लैक हो रही है?
1300 रुपए की DAP बोरी 2500 रुपए में और 266 रुपए की यूरिया बोरी 800 रुपए से 1000 रुपए के ब्लैक रेट पर बिक रही है।
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