गरियाबंद में नक्सलियों का डंप बरामद, जमीन के नीचे छिपा था जखीरा

Harrison Masih | Jun 13, 2026, 16:08 IST
गरियाबंद में नक्सलियों का डंप बरामद 2026
गरियाबंद जंगल में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त सर्च ऑपरेशन में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया IED, कुकर बम, टिफिन बम और भारी मात्रा में हथियार व विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।

समझें क्या है पूरा मामला...

गरियाबंद जिले के दंडईपानी जंगल क्षेत्र से नक्सलियों का एक बड़ा हथियार डंप बरामद हुआ है। संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान CRPF और जिला पुलिस की टीम को यह डंप मिला। डंप में 4 किलो का प्रेशर कुकर आईईडी, कुकर बम, टिफिन बम और भारी मात्रा में हथियार मिले। बीडीडीएस टीम ने विस्फोटकों को मौके पर ही सुरक्षित निष्क्रिय किया। इस कार्रवाई को नक्सल उन्मूलन अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।



दंडईपानी जंगल में मिला डंप

गरियाबंद जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत संयुक्त टीम सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। दंडईपानी जंगल क्षेत्र में तलाशी के दौरान एक संदिग्ध डंप मिला।



यह डंप नक्सलियों ने जंगल में छिपाकर रखा था। जांच के लिए तुरंत बीडीडीएस यानी बम डिस्पोजल एवं डिटेक्शन स्क्वॉड (BDDS - Bomb Disposal and Detection Squad) की टीम को बुलाया गया। टीम ने जांच में पुष्टि की कि डंप में विस्फोटक सामग्री भरी हुई है।



नक्सलियों का डंप बरामद


क्या-क्या मिला डंप में

डंप से 4 किलो वजनी प्रेशर कुकर आईईडी यानी इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED - Improvised Explosive Device) बरामद हुआ। इसके अलावा कुकर बम और टिफिन बम भी मिले। जवानों ने इन सभी विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। यदि ये हथियार किसी सड़क या गश्त दल के रास्ते में बिछाए जाते तो बड़ा नुकसान हो सकता था।



डंप से भरमार राइफल, इंटरसेप्टर, यूबीजीएल (UBGL - Under Barrel Grenade Launcher) राउंड, मैगजीन, तार, गन पाउडर और बड़ी मात्रा में नक्सली सामग्री भी जब्त की गई। दवाइयां और रोजमर्रा के सामान भी यहां से मिले।



गरियाबंद में डंप बरामद


किसने संभाला ऑपरेशन

यह संयुक्त ऑपरेशन CRPF यानी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF - Central Reserve Police Force) और गरियाबंद जिला पुलिस ने मिलकर चलाया।



कमांडेंट आनंद कुमार के नेतृत्व और द्वितीय कमान अधिकारी कुमार नीरज की देखरेख में टीम का गठन हुआ। बी/199 कंपनी और यंग प्लाटून का नेतृत्व कंपनी कमांडर राजीव कुमार ने किया। एफ/199 कंपनी की कमान निरीक्षक के.बी. पांडा ने संभाली।



अभियान जारी रहेगा

अधिकारियों ने कहा है कि बरामद सामग्री से नक्सलियों की गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है। सर्च ऑपरेशन आगे भी जारी रहेगा। दंडईपानी और आसपास के जंगल क्षेत्र में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बल नक्सलियों के नेटवर्क को तोड़ने में जुटे हैं।



FAQ

  1. नक्सलियों का डंप क्या होता है?
    नक्सलियों का डम्प वह छिपा हुआ स्थान होता है जहाँ वे हथियार, विस्फोटक (जैसे IED), गोलियां, वायर, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान जमीन के अंदर या जंगल में छिपाकर रखते हैं। इसका उपयोग वे अपने हमलों और गतिविधियों की तैयारी के लिए करते हैं, ताकि सुरक्षा बलों को इसकी भनक न लगे।
  2. IED क्या होता है और यह कितना खतरनाक होता है?
    IED यानी इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस एक घर में बना विस्फोटक उपकरण होता है। नक्सली इसे सड़क किनारे या गश्त के रास्ते में बिछाते हैं। 4 किलो का प्रेशर कुकर IED बड़े वाहन या कई जवानों को नुकसान पहुंचाने में सक्षम होता है।
  3. छत्तीसगढ़ में नक्सली डम्प कहाँ मिला है?
    छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के दंडईपानी जंगल क्षेत्र में संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया डम्प बरामद किया गया है।


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