आरटीआई पर छत्तीसगढ़ सरकार का खुलासा, 65 फीसदी आवेदन पेंडिंग
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ सरकार ने सोमवार को विधानसभा में एक बड़ा खुलासा किया है। पिछले दो सालों में ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल पर मिले आवेदन लंबित हैं। कुल 1.5 लाख से ज्यादा आवेदनों में से 65% पेंडिंग हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सदन में आंकड़े पेश किए हैं। आरटीआई कार्यकर्ताओं ने इन आंकड़ों पर गहरी चिंता जताई है।
हजारों आरटीआई लंबित
छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को सूचना के अधिकार को लेकर बड़ा मामला सामने आया। सरकार ने स्वीकार किया कि राज्य में बड़ी संख्या में आरटीआई आवेदन लंबित हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सदन में लिखित रूप में दी है।
दीपेश यादव के सवाल पर जवाब
भारतीय जनता पार्टी के विधायक दीपेश यादव ने इस संबंध में सवाल पूछा था। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के आरटीआई आवेदनों की जानकारी मांगी थी। उन्होंने पूछा था कि कितने आवेदन मिले और कितने पेंडिंग हैं।
मुख्यमंत्री साय ने सदन को वित्तीय वर्षवार आंकड़े उपलब्ध कराए हैं। इन आंकड़ों ने राज्य में आरटीआई की स्थिति को साफ कर दिया है। डिजिटल पोर्टल होने के बाद भी आवेदनों का निपटारा नहीं हो पा रहा है।
जानिए क्या कहते हैं आंकड़े
मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 69,463 आवेदन मिले थे। इनमें से केवल 20,409 आवेदनों का ही समाधान हो सका। इसके बाद भी 49,054 आवेदन पेंडिंग रह गए।
अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 में आवेदनों की संख्या और बढ़ गई। इस साल पोर्टल के जरिए कुल 84,935 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से प्रशासन ने 33,310 आवेदनों का निपटारा किया।
कुल पेंडिंग आवेदनों की स्थिति
दोनों वित्तीय वर्षों को मिलाकर कुल 1,54,398 आरटीआई आवेदन मिले। इनमें से अब तक केवल 53,719 आवेदनों का निपटारा हुआ है। कुल 1,00,679 आवेदन अभी भी पूरी तरह लंबित हैं। यह कुल प्राप्त आवेदनों का लगभग 65.2 फीसदी हिस्सा है। इतनी बड़ी संख्या में आवेदनों का पेंडिंग होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
कार्यकर्ताओं ने जताई गहरी चिंता
आरटीआई कार्यकर्ताओं ने इन सरकारी आंकड़ों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। आरटीआई कानून का असली मकसद लोगों को समय पर जानकारी देना है।
देरी से मिली जानकारी का कोई महत्व नहीं रह जाता है। देश में आरटीआई का इस्तेमाल गरीब और पिछड़े लोग ज्यादा करते हैं। उन्हें अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए जानकारी चाहिए होती है।
रायपुर के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने भी नाराजगी जाहिर की है। उनका आरोप है कि राज्य में कानून को लगातार कमजोर किया जा रहा है। अधिकारी जानकारी देने में जानबूझकर लापरवाही बरत रहे हैं।
FAQ
- छत्तीसगढ़ में दो सालों में कितने ऑनलाइन आरटीआई आवेदन पेंडिंग हैं?
उत्तर 1: छत्तीसगढ़ में पिछले दो सालों में कुल 1,00,679 ऑनलाइन आरटीआई आवेदन लंबित हैं। यह कुल मिले आवेदनों का लगभग 65.2 प्रतिशत है। - विधानसभा में आरटीआई से जुड़ा यह सवाल किसने पूछा था?
उत्तर 2: यह सवाल भारतीय जनता पार्टी के विधायक दीपेश यादव ने पूछा था। इसका जवाब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिया। - वित्तीय वर्ष 2024-25 में कितने आरटीआई आवेदन हल हुए?
उत्तर 3: वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 69,463 आवेदन मिले थे। इनमें से केवल 20,409 आवेदनों का समाधान हुआ और 49,054 पेंडिंग रहे।
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