भ्रष्टाचार राशि वसूली पर नया आदेश, आश्रितों को बड़ी राहत
छत्तीसगढ़ सरकार ने विभागीय जांच और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी शासकीय सेवक की विभागीय जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई के दौरान मृत्यु हो जाती है तो उसके खिलाफ चल रही कार्रवाई तत्काल समाप्त मानी जाएगी। यह राहत केवल सामान्य मामलों तक सीमित नहीं है। सरकारी धन के गबन, वित्तीय अनियमितता और शासन को हुई आर्थिक हानि वाले मामलों में भी यही व्यवस्था लागू होगी। इससे वर्षों से लंबित मामलों में फंसे आश्रितों को बड़ी राहत मिलेगी।
पुराने नियम पर खत्म हुआ भ्रम
GAD ने 2012 के परिपत्र को लेकर विभागों में बने भ्रम को दूर किया है। कई विभाग कर्मचारी की मौत के बाद भी जांच जारी रख रहे थे। इसके चलते पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य देयकों का भुगतान अटक जाता था। अब नए परिपत्र में साफ कहा गया है कि कर्मचारी की मृत्यु के बाद विभागीय कार्रवाई जारी नहीं रहेगी। मामला उसी समय समाप्त माना जाएगा। इससे सभी विभागों के लिए एक समान व्यवस्था लागू हो जाएगी।
आश्रितों को मिलेगी सीधी राहत
सरकार का मानना है कि कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके परिवार को अनावश्यक कानूनी और प्रशासनिक परेशानी नहीं झेलनी चाहिए। लंबे समय तक जांच लंबित रहने से परिवारों को पेंशन, ग्रेच्युटी, भविष्य निधि और अनुकंपा नियुक्ति जैसी सुविधाओं में देरी होती थी। नए आदेश के बाद ऐसी बाधाएं खत्म होने का रास्ता साफ हो गया है। अब विभागीय जांच आश्रितों के अधिकारों में रुकावट नहीं बनेगी।
लेकिन एक शर्त भी रखी गई
सरकार ने राहत के साथ एक अहम शर्त भी जोड़ी है। यदि कर्मचारी के जीवित रहते हुए विभागीय जांच पूरी हो चुकी थी और सक्षम प्राधिकारी ने रिकवरी या दंड का अंतिम आदेश जारी कर दिया था, तब वसूली की कार्रवाई जारी रहेगी। ऐसे मामलों में नियमानुसार कर्मचारी के देय स्वत्वों से राशि की कटौती की जा सकेगी। यानी अंतिम आदेश के बाद मृत्यु होने पर रिकवरी नहीं रुकेगी।
प्रदेशभर में लागू होंगे निर्देश
GAD के उप सचिव एस.के. सिंह की ओर से जारी परिपत्र सभी विभागों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों, जिला पंचायतों और विभागाध्यक्षों को भेजा गया है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नए आदेश का कड़ाई से पालन किया जाए। माना जा रहा है कि इससे लंबे समय से विवादों में फंसे कई मामलों का पटाक्षेप होगा। साथ ही मृत कर्मचारियों के परिवारों को समय पर उनका वैधानिक अधिकार भी मिल सकेगा।
FAQ
- क्या कर्मचारी की मृत्यु के बाद भ्रष्टाचार की जांच जारी रहेगी?
नहीं, यदि कर्मचारी की मृत्यु जांच के दौरान होती है तो विभागीय कार्रवाई समाप्त हो जाएगी। यह नियम सरकारी धन के गबन, वित्तीय अनियमितता और आर्थिक नुकसान से जुड़े मामलों में भी लागू होगा। - छत्तीसगढ़ सरकार का विभागीय जांच को लेकर नया आदेश क्या है?
छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी शासकीय कर्मचारी की विभागीय जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई के दौरान मृत्यु होने पर उसके खिलाफ चल रही कार्रवाई स्वत: समाप्त मानी जाएगी।
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