मैथ्स का सवाल नहीं बता पाई 8 साल की बच्ची, राज्यपाल के हाथों सम्मानित शिक्षक ने बरसाए थप्पड़, विभाग ने बैठाई जांच
सवाल का जवाब न मिलने पर तथाकथित आदर्श शिक्षक भागचंद चतुर्वेदी का पारा ऐसा चढ़ा कि उसने आव देखा न ताव और नन्ही बच्ची पर थप्पड़ों की बरसात कर दी। इस घटना को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और शिक्षक की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ने पर विभान ने जांच समिति गठित की है।
गाल पर छपे उंगलियों के निशान
शिक्षक की इस बर्बर पिटाई का खौफनाक मंजर बच्ची के चेहरे पर साफ नजर आ रहा है। मास्टर साहब के हाथ इतने भारी पड़े कि मासूम के गाल और कान के पास चोट के गहरे लाल निशान उभर आए हैं। आठ साल की यह बच्ची इस कदर सहमी हुई है कि उसने डर के मारे खाना-पीना छोड़ दिया है और रात-रात भर खौफ के साए में जाग रही है। पूरे स्कूल के बाकी नौनिहाल भी इस वहशियाना हरकत के बाद बुरी तरह दहशत में आ गए हैं।
राज्यपाल अवार्डी का काला चेहरा
सबसे ज्यादा शर्मनाक और चौंकाने वाली बात यह है कि मासूम पर हाथ उठाने वाला यह आरोपी शिक्षक कोई मामूली मुलाजिम नहीं, बल्कि बाकायदा राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित है। जो शिक्षक मंचों पर सम्मान बटोर चुका हो, उसका एक छोटी सी बच्ची के प्रति ऐसा वहशियाना सलूक पूरे शिक्षा तंत्र के मुंह पर जोरदार तमाचा है। पीड़िता के पिता वेदव्यास ने साफ लफ्जों में सवाल उठाया है कि क्या बच्चों को स्कूल में इसी तरह बेरहमी से पीटने के लिए भेजा जाता है?
तीन दिन में नपेंगे आरोपी शिक्षक
जब गांव में आक्रोश भड़का और ग्रामीणों ने शिक्षक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, तब जाकर शिक्षा विभाग की नींद टूटी। गरियाबंद के जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर ने मामले की नजाकत को देखते हुए आनन-फानन में तीन प्राचार्यों अजीत जाट, वर्षा नेताम और एम. एल. कंवर की जांच कमेटी गठित कर दी है। इस टीम को तीन दिन के भीतर पूरे मामले की रिपोर्ट पेश करने का कड़ा फरमान सुनाया गया है।
अब रफा-दफा नहीं होगा मामला
गांव वाले अब आर-पार के मूड में हैं। उनका दो टूक कहना है कि पुरस्कार की आड़ में इस दरिंदगी को रफा-दफा करने की कोशिश कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तीन दिन बाद जब रिपोर्ट टेबल पर आएगी, तब देखना होगा कि विभाग अपने लाडले अवार्डी शिक्षक को बचाने का खेल खेलता है या फिर उस मासूम बच्ची को इंसाफ दिलाते हुए इस जल्लाद मास्टर को सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेजता है।
- गरियाबंद में स्कूल मारपीट का मामला क्या है?
मिली जानकारी के अनुसार, प्राथमिक स्कूल में पढ़ने वाली आठ साल की छात्रा साधना के साथ शिक्षक द्वारा कथित तौर पर मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। - स्कूल में बच्चों के साथ मारपीट होने पर शिकायत कहां करें?
ऐसी घटना होने पर स्कूल प्रबंधन, संबंधित शिक्षा विभाग, स्थानीय पुलिस या बाल सहायता हेल्पलाइन 1098 पर शिकायत की जा सकती है। तत्काल खतरे की स्थिति में पुलिस से संपर्क करें। - गरियाबंद स्कूल मारपीट मामले में क्या कार्रवाई हुई है?
मामले में जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। 9 अक्टूबर 2026 की मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, समिति को तीन दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।