छत्तीसगढ़ सरकारी अस्पताल पैथोलॉजी समय सीमा तय, 5 मिनट में मिलेगी रिपोर्ट
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में पहली बार पैथोलॉजी लैब जांच की समय सीमा तय की गई है। हीमोग्लोबिन जैसी जांच 30 मिनट में होगी। 137 प्रकार की जांचों के लिए अलग-अलग समय सीमा निर्धारित की गई है। देरी होने पर लैब प्रभारी और अस्पताल प्रभारी जिम्मेदार होंगे। रिपोर्ट SMS और WhatsApp पर मिलेगी, अस्पताल का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा।
पहली बार सरकारी लैब में डेडलाइन
अब तक सरकारी अस्पतालों में जांच रिपोर्ट के लिए मरीजों को अगले कार्यदिवस तक इंतजार करना पड़ता था। अब यह व्यवस्था बदल गई है। स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पतालों में होने वाली 137 प्रकार की जांच के लिए TAT (TAT – Turn Around Time) यानी समय सीमा तय कर दी है। यह 5 मिनट से लेकर 120 घंटे तक अलग-अलग है।
कौन सी जांच कितने समय में
सर्जरी और सिजेरियन डिलीवरी से पहले होने वाले ब्लीडिंग टाइम और क्लॉटिंग टाइम टेस्ट की रिपोर्ट अब अधिकतम 5 मिनट में देनी होगी। हीमोग्लोबिन, सोडियम, पोटेशियम और कैल्शियम जैसी जांचों की रिपोर्ट 30 मिनट में मिलेगी। विस्तृत यूरिन जांच की रिपोर्ट के लिए एक घंटे का समय तय किया गया है। इमरजेंसी मामलों में रिपोर्ट सामान्य समय से 2 से 3 घंटे पहले उपलब्ध कराई जाएगी।
देरी हुई तो कौन होगा जिम्मेदार
नई व्यवस्था के तहत देरी की जिम्मेदारी आउटसोर्स एजेंसी पर नहीं बल्कि अस्पताल और लैब प्रबंधन पर तय की गई है। यदि तय समय में रिपोर्ट नहीं दी गई तो संबंधित लैब प्रभारी और अस्पताल प्रभारी अधिकारी सीधे जवाबदेह होंगे। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
SMS और WhatsApp पर आएगी रिपोर्ट
इस नई व्यवस्था में निजी पैथोलॉजी की तरह जांच रिपोर्ट मरीज के मोबाइल नंबर पर SMS और WhatsApp के जरिए भेजी जाएगी। सैंपल लेने से लेकर जांच पूरी होने और रिपोर्ट तैयार होने तक हर अपडेट मरीज के मोबाइल पर पहुँचेगा। मरीज कहीं से भी एक क्लिक पर अपनी रिपोर्ट देख सकेगा।
HLL की क्या है भूमिका
स्वास्थ्य विभाग और HLL (HLL – Hindustan Lifecare Limited) के बीच हुए अनुबंध के अनुसार HLL अस्पतालों की लैब में मशीनें, रीजेंट और जरूरी स्टाफ उपलब्ध कराएगा। आधुनिक उपकरणों के संचालन के लिए प्रशिक्षण भी HLL देगा। लेकिन लैब के संचालन की जिम्मेदारी अस्पताल प्रभारी और उनके द्वारा नियुक्त लैब प्रभारी की होगी।
FAQ
- छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पताल में अब कितने समय में पैथोलॉजी रिपोर्ट मिलेगी?
उ. हीमोग्लोबिन जैसी जांच की रिपोर्ट 30 मिनट में मिलेगी। सर्जरी से पहले की जांच 5 मिनट में होगी। 137 जांचों के लिए अलग-अलग समय सीमा तय है जो 5 मिनट से 120 घंटे तक है। - छत्तीसगढ़ के सरकारी लैब की रिपोर्ट देरी से आए तो क्या होगा?
उ. तय समय से देरी होने पर लैब प्रभारी और अस्पताल प्रभारी अधिकारी सीधे जवाबदेह होंगे। यह जिम्मेदारी आउटसोर्स एजेंसी पर नहीं, बल्कि अस्पताल प्रबंधन पर है। व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू है। - क्या सरकारी अस्पताल की रिपोर्ट WhatsApp पर मिल सकती है?
उ. हाँ, नई व्यवस्था में जांच रिपोर्ट SMS और WhatsApp पर मरीज के मोबाइल पर भेजी जाएगी। सैंपल से रिपोर्ट तैयार होने तक हर अपडेट मोबाइल पर आएगा। मरीज को अस्पताल का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा।
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