सीएम साय का बड़ा फैसला, सरकारी गाड़ियां होंगी इलेक्ट्रिक; ओपी चौधरी ने भी घटाया काफिला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेशन फर्स्ट आह्वान का असर अब छत्तीसगढ़ में दिखाई देने लगा है। सीएम विष्णुदेव साय ने ईंधन संरक्षण और सरकारी संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर घोषणा की है कि अब उनके आधिकारिक दौरों में केवल जरूरी वाहनों को ही कारकेड में शामिल किया जाएगा। सरकार इसे सिर्फ प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी से जोड़कर देख रही है।
वैश्विक संकट का हवाला देकर लिया फैसला
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि दुनिया इस समय ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के कठिन दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में पेट्रोल-डीजल जैसे मूल्यवान संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर बड़े परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। यही वजह है कि अब सरकारी खर्च और ईंधन खपत को सीमित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
अब कम होगा वीआईपी कल्चर का प्रदर्शन
मुख्यमंत्री साय (cm sai) ने साफ संकेत दिए हैं कि अब सरकारी दौरों में अनावश्यक गाड़ियों की लंबी कतारें नहीं दिखेंगी। उन्होंने मंत्रीगणों और निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी सरकारी वाहनों के सीमित उपयोग का आग्रह किया है। लंबे समय से वीआईपी कारकेड और सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में सरकार का यह कदम राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तर पर बड़ा संदेश माना जा रहा है।
सरकारी गाड़ियां होंगी इलेक्ट्रिक
सरकार ने भविष्य की योजना भी साफ कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की दिशा में ठोस कार्रवाई शुरू की जाएगी। माना जा रहा है कि आने वाले समय में मंत्रालय से लेकर जिलों तक सरकारी अमला इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करता दिखाई दे सकता है। इससे ईंधन खर्च कम होने के साथ प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
जनता से भी की कारपूलिंग की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने और अनावश्यक निजी वाहनों के इस्तेमाल से बचने की अपील की है। सरकार चाहती है कि ईंधन बचत केवल सरकारी अभियान न रहकर जनआंदोलन बने। “नेशन फर्स्ट” की भावना के साथ इसे सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
ओपी चौधरी ने भी घटाया कारकेड
सरकार के इस अभियान को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी समर्थन दिया है। ओपी चौधरी ने अपने कारकेड से अतिरिक्त गाड़ियां हटाने का ऐलान कर दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में दूसरे मंत्री और अधिकारी भी इसी रास्ते पर चलते नजर आ सकते हैं। अब देखने वाली बात होगी कि यह पहल सिर्फ घोषणाओं तक सीमित रहती है या फिर छत्तीसगढ़ में वीआईपी संस्कृति (vip culture) और सरकारी खर्च पर वास्तविक नियंत्रण की शुरुआत बनती है।
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