GST वसूली पर छत्तीसगढ़ सरकार सख्त: व्यापारियों पर 23 सौ करोड़ बकाया, वसूली के लिए खाते किए जा रहे फ्रीज

Sanjay Dhiman | Sept 17, 2025, 11:51 IST
Photograph: (the sootr)
छत्तीसगढ़ में जीएसटी वसूली के लिए कारोबारियों के खातों को फ्रीज किया जा रहा है, जिनके पास 2300 करोड़ रुपए का बकाया है। ये कार्रवाई पांच साल से चल रहे टैक्स भुगतान के मामले में की जा रही है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में जीएसटी वसूली के लिए सरकार ने कारोबारियों के बैंक खातों को फ्रीज करना शुरू कर दिया है। राज्य में पिछले पांच साल से जीएसटी का बकाया 2300 करोड़ रुपए से अधिक हो चुका है, जिसे वसूलने के लिए यह सख्त कदम उठाया जा रहा है। यह कार्रवाई नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट के बाद की गई है, जिसमें जीएसटी वसूली में देरी पर सवाल उठाए गए थे। अब कारोबारियों को चेतावनी दी जा रही है कि यदि वे बकाया टैक्स का भुगतान नहीं करते, तो उनके बैंक खाते फ्रीज रहेंगे।



25,000 से अधिक कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई

राज्य के अधिकारियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में जीएसटी वसूली के लिए 25,000 से अधिक कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इन पर 5 से 10 करोड़ तक का टैक्स बकाया है। विभाग ने इन कारोबारियों के बैंक खातों को फ्रीज करना शुरू कर दिया है, और इसके लिए 40 से अधिक बैंकों को नोटिस भेजा गया है। इन नोटिसों के तहत, जब तक कारोबारियों द्वारा बकाया टैक्स नहीं चुकता किया जाता, उनके बैंक खाते का लेन-देन रोक दिया जाएगा।



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टैक्स भुगतान में ढिलाई और विभाग की कार्रवाई

अब तक की कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि जिन कारोबारियों ने पिछले पांच सालों में टैक्स का भुगतान नहीं किया है, उनके लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। यह उन व्यापारियों के लिए चेतावनी है, जो सरकार के निर्देशों की अनदेखी कर रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि बकाया टैक्स की वसूली में तेजी आई है, क्योंकि खातों को फ्रीज करने के बाद कारोबारियों ने भुगतान करना शुरू कर दिया है।



जीएसटी वसूली पर सख्ती और व्यापारियों की स्थिति को ऐसे समझें



छत्तीसगढ़ जीएसटी वसूली में सख्त: 2300 करोड़ रुपए से अधिक के बकाया टैक्स की वसूली के लिए राज्य सरकार ने कारोबारियों के बैंक खातों को फ्रीज करना शुरू किया है।

नोटिस के बावजूद टैक्स न भरने पर कार्रवाई: पांच साल से व्यापारियों के खिलाफ लगातार नोटिस भेजे जा रहे थे, लेकिन फिर भी कई कारोबारी टैक्स का भुगतान नहीं कर रहे थे।

बैंक खाते फ्रीज होने के बाद व्यापारी हड़बड़ाए: बैंकों से लेन-देन रुकने पर व्यापारी भुगतान करने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे टैक्स की वसूली में तेजी आई है।

10% भुगतान करने पर खाता चालू: व्यापारी 10% बकाया जीएसटी भुगतान करके अपने फ्रीज खाते को फिर से सक्रिय कर सकते हैं।

इन व्यापारियों पर सबसे ज्यादा बकाया: लोहा, कोयला, स्टील और सीमेंट कारोबारियों पर 45% बकाया टैक्स है, जिनमें 5 से 20 करोड़ तक का बकाया है।

छत्तीसगढ़ में कारोबारियों के खातों पर नकेल

पुष्पेंद्र कुमार मीणा, स्टेट कमिश्नर, छत्तीसगढ़ जीएसटी के अनुसार, जो व्यापारी समय पर टैक्स का भुगतान करते हैं, उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। लेकिन जिन्होंने बार-बार नोटिस के बावजूद टैक्स का भुगतान नहीं किया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। विभाग के अनुसार, सबसे ज्यादा बकाया लोहा, कोयला, स्टील, और सीमेंट कारोबारियों पर है। इन व्यापारियों पर बकाया टैक्स का लगभग 45% हिस्सा है।



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10 फीसदी भुगतान पर चालू करवा सकते है खाते

इस नई प्रक्रिया के अनुसार, व्यापारी अगर बकाया टैक्स का 10% भुगतान करते हैं, तो उनके फ्रीज किए गए खाते को पुनः चालू किया जा सकता है। इसके अलावा, यदि व्यापारी चाहें, तो वे बकाया टैक्स के खिलाफ ट्रिब्यूनल में अपील भी कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें 20% की राशि का भुगतान करना होगा। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया के बाद, कई व्यापारियों ने अपने बकाया टैक्स का भुगतान करना शुरू कर दिया है।



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