दो शादी मामले में हेल्थ डिप्टी डायरेक्टर सस्पेंड, आयुष्मान भारत के स्टेट नोडल का था प्रभार, डॉक्टरों ने बताया प्रतिशोध
पुरानी शिकायत पर अब कार्रवाई
डॉ. गहवई पर पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने का आरोप पुराना है। अब इसी मामले को निलंबन की कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि अगर शिकायत करीब दो साल पुरानी थी, तो विभाग ने कार्रवाई अब क्यों की?
क्या इस दौरान जांच हुई थी? शिकायत की पुष्टि के लिए कोई प्रक्रिया अपनाई गई थी या कोई नया तथ्य सामने आया था? इन सवालों के जवाब विभाग की ओर से सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किए गए हैं। आरोप लगना और नियमों का उल्लेख होना अपने आप में दोष साबित होने के बराबर नहीं है।
डॉक्टरों ने निलंबन की कार्रवाई पर उठाए सवाल
डॉ. गहवई के निलंबन पर छत्तीसगढ़ इन-सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन (CIDA) ने कड़ी आपत्ति जताई है। एसोसिएशन का कहना है कि डॉ. गहवई उन चिकित्सकों में शामिल हैं, जिन्होंने स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय (DHS) के चिकित्सकीय कैडर के प्रशासनिक पदों पर गैर-चिकित्सकीय अधिकारियों की नियुक्तियों को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
CIDA का दावा है कि ऐसे समय में याचिकाकर्ता डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई गंभीर सवाल खड़े करती है। एसोसिएशन को आशंका है कि इससे न्यायिक लड़ाई लड़ रहे चिकित्सकों पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि, प्रतिशोध के आरोप एसोसिएशन की आशंका हैं, साबित तथ्य नहीं।
चिकित्सकीय कैडर की लड़ाई तेज
स्वास्थ्य विभाग में विवाद सिर्फ डॉ. गहवई के निलंबन तक सीमित नहीं है। चिकित्सकीय कैडर के डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच अहम पदों पर नियुक्तियों को लेकर खींचतान चल रही है।
CIDA का कहना है कि एडिशनल डायरेक्टर सहित चिकित्सकीय कैडर से जुड़े पदों पर नियुक्तियों में संवर्गीय पात्रता, वरिष्ठता और भर्ती नियमों का पालन होना चाहिए। एसोसिएशन ने RMA, जॉइंट डायरेक्टर और DHS से संबंधित विवादित पदस्थापनाओं को लेकर हाईकोर्ट में अतिरिक्त याचिकाएं दायर करने की तैयारी की बात कही है।
सड़क पर उतरने की चेतावनी
CIDA ने चेतावनी दी है कि यदि डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई दुर्भावना या प्रतिशोध से प्रेरित पाई गई, तो वह कानूनी लड़ाई के साथ प्रदेशव्यापी लोकतांत्रिक आंदोलन भी करेगा।
एसोसिएशन ने डॉ. गहवई के निलंबन के आधारों की निष्पक्ष समीक्षा करने, प्रतिशोधात्मक कार्रवाई साबित होने पर निलंबन रद्द करने और याचिका दायर करने वाले चिकित्सकों पर दबाव नहीं बनाने की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग को देना होगा जवाब
इस पूरे मामले में अब दो सवाल अहम हैं। पहला, दो शादियों से जुड़ी पुरानी शिकायत पर कार्रवाई का आधार क्या है और कार्रवाई में इतना समय क्यों लगा? दूसरा, क्या निलंबन का संबंध चिकित्सकीय कैडर के पदों को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई से है?
फिलहाल, CIDA ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, लेकिन प्रतिशोध का आरोप साबित नहीं हुआ है। विभाग का विस्तृत पक्ष और निलंबन आदेश में दर्ज तथ्यों की जानकारी सामने आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
FAQs
- डॉ. धर्मेंद्र गहवई कौन हैं?
डॉ. धर्मेंद्र कुमार गहवई छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में उप संचालक के पद पर कार्यरत चिकित्सक हैं। - डॉ. धर्मेंद्र गहवई को निलंबित क्यों किया गया?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके निलंबन की कार्रवाई पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने से जुड़ी करीब दो साल पुरानी शिकायत के संदर्भ में की गई है। निलंबन आदेश के विस्तृत आधारों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। - CIDA क्या है और उसने डॉ. गहवई के निलंबन पर आपत्ति क्यों जताई?
CIDA यानी छत्तीसगढ़ इन-सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन है। एसोसिएशन ने निलंबन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि डॉ. गहवई स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकीय कैडर के प्रशासनिक पदों पर नियुक्तियों से जुड़े मामले में हाईकोर्ट गए चिकित्सकों में शामिल हैं।