छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का असर: महादेव घाट पुल डूबा, शबरी पर बढ़ा खतरा; कई रास्तों पर आवाजाही बंद
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। पिछले 24 घंटे में हुई भारी बारिश से कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। राजधानी रायपुर में खारुन नदी का जलस्तर बढ़ने से महादेव घाट पुल पानी में डूब गया। इसके चलते रायपुर-पाटन मार्ग पर यातायात रोक दिया गया है। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर तैनात है।
महादेव घाट पुल पर बढ़ा पानी
चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से रायपुर, बस्तर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के कई जिलों में तेज बारिश हुई। बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। रायपुर में खारुन नदी का जलस्तर बढ़ने से महादेव घाट पुल के ऊपर पानी आ गया।
प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए पुल के दोनों तरफ बैरिकेड लगा दिए हैं। लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। रायपुर और पाटन को जोड़ने वाला यह मार्ग फिलहाल प्रभावित है।
शबरी पुल पर मंडरा रहा खतरा
जांजगीर-चांपा क्षेत्र में महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शबरी पुल पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। नदी का पानी पुल से करीब 4 फीट नीचे बह रहा है।
बताया जा रहा है कि गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी का जलस्तर और बढ़ सकता है। बांध से छोड़ा गया पानी करीब 12 घंटे बाद शिवरीनारायण क्षेत्र तक पहुंचता है। प्रशासन ने आसपास के लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर और अन्य अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की गई है।
रायपुर में 9 घंटे में 117 मिमी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार रायपुर में बारिश का असर काफी तेज रहा। शहर में सुबह से शाम तक 9 घंटे के दौरान 117.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।
रायपुर शहर स्टेशन पर सुबह 8:30 बजे तक 77.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके बाद शाम तक 40.1 मिमी अतिरिक्त पानी बरसा। मौसम विभाग के अनुसार 115.6 मिमी से अधिक बारिश को बहुत भारी बारिश की श्रेणी में रखा जाता है।
बारिश और तेज हवा के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। रायपुर में अधिकतम तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 7 डिग्री कम है।
बेमेतरा में कई रास्ते बंद
भारी बारिश के बाद बेमेतरा जिले में कई मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। नदी और नालों में पानी बढ़ने से कई रास्ते बंद कर दिए गए हैं।
प्रभावित प्रमुख मार्ग:
- बेमेतरा-दुर्ग मार्ग पर समोदा नाला उफान पर है।
- बेरला-रायपुर मार्ग पर पठारीडी खारुन नदी के पास रास्ता बंद है।
- साजा-थानखम्हरिया मार्ग पर नकटा नाला प्रभावित है।
- रौद्रा-बगलेड़ी मार्ग पर डोटू नाला उफान पर है।
- नवकेशा-देवकर-जलबांधा मार्ग बंद है।
- थानखम्हरिया-सिलाटी मार्ग प्रभावित है।
- बोरतरा-परपोड़ी मार्ग पर सुरही नदी का असर है।
- नवागढ़-भाठापारा मार्ग पर आवाजाही रोकी गई है।
रायपुर जिले में यहां हुई सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक रायपुर जिले के कई क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई।
- मंदिर हसौद: 197.3 मिमी
- माना एयरपोर्ट: 190.7 मिमी
- रायपुर शहर: 111.3 मिमी
- गोबरा नवापारा: 67.6 मिमी
- लाभांडी: 57.4 मिमी
- तिल्दा: 56.6 मिमी
- आरंग: 45.6 मिमी
- धरसींवा: 44.5 मिमी
कई जिलों में बारिश ने तोड़े रिकॉर्ड
प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान जगदलपुर में सबसे ज्यादा 274.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। रायपुर में भी लंबे समय बाद इतनी तेज बारिश हुई।
बारिश के कारण प्रदेश में मानसून की कुल बारिश सामान्य स्तर के आसपास पहुंच गई है। कई जिलों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
27 सितंबर से बारिश में कमी के संकेत
मौसम विभाग के अनुसार 26 सितंबर तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।
हालांकि 27 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। रायपुर सहित कई जिलों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश के आसार हैं।
मुख्यमंत्री ने लोगों से की अपील
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए सभी जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे उफनती नदियों, नालों और जलमग्न पुलों के पास जाने से बचें। सीएम ने अनावश्यक यात्रा नहीं करने और किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है।