छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिलेंगे 6 नए जज, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दी मंजूरी, जानें कौन हैं ये नाम

Harrison Masih | Oct 31, 2026, 11:35 IST
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जजों की कमी होगी दूर, कॉलेजियम ने 6 नए नामों पर लगाई मुहर
The Supreme Court Collegium has approved six names for appointment as new judges to the Chhattisgarh High Court
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कमी दूर करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाईकोर्ट में 6 नए जजों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि इन 6 नामों में चार अधिवक्ता और दो न्यायिक अधिकारी शामिल हैं। लंबे समय से जजों के खाली पदों की चर्चा के बीच फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नए न्यायाधीशों के आने से अदालत में कामकाज बढ़ने और लंबित मामलों की सुनवाई को गति मिलने की उम्मीद है।



सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 30 अक्टूबर को हुई बैठक में इन नामों पर सहमति बनी। हालांकि, अभी नियुक्ति की अंतिम प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। संवैधानिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि पूरा मामला क्या है और नए जजों के नाम कौन-कौन से हैं।



समझें क्या है पूरा मामला?

  • सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक 30 अक्टूबर को हुई।
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए 6 नए न्यायाधीशों के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।
  • इनमें चार अधिवक्ता वर्ग से और दो न्यायिक अधिकारी वर्ग से हैं।
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में स्वीकृत पद 22 हैं।
  • सितंबर 2026 की नियुक्तियों के बाद कार्यरत जज 14 बताए गए हैं।

कॉलेजियम ने किन 6 नामों को दी मंजूरी?

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए जिन 6 नामों को मंजूरी दी है, उनमें अनुभवी अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों को शामिल किया गया है।



अधिवक्ता वर्ग से मंजूर किए गए चार नाम:



  1. आनंद शुक्ला
  2. रत्न निधि पुष्टी (आर.एन. पुष्टी या रतन पुष्टी के नाम से भी जाने जाते हैं)
  3. शशांक ठाकुर
  4. सौरभ शर्मा

न्यायिक अधिकारी वर्ग से मंजूर किए गए दो नाम:



  1. रजनीश श्रीवास्तव
  2. बलराम प्रसाद वर्मा

इन सभी नामों को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीश बनाने के प्रस्ताव पर कॉलेजियम की सहमति मिली है। यानी अब इनकी नियुक्ति से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।




अब आगे क्या होगी नियुक्ति की प्रक्रिया?

कॉलेजियम से मंजूरी मिलने के बाद भी किसी नाम पर नियुक्ति की प्रक्रिया तुरंत पूरी नहीं हो जाती। इसके लिए कुछ संवैधानिक औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं।



इस मामले में भी 6 नामों को मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया बाकी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इन नियुक्तियों को अंतिम रूप संवैधानिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दिया जाएगा।



अभी इन नए न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण या कार्यभार संभालने की तारीख सामने नहीं आई है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि सभी नए जज किसी निश्चित तारीख से अदालत में काम शुरू कर देंगे।



बिलासपुर हाईकोर्ट में अभी कितने जज हैं?

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का मुख्यालय बिलासपुर में है। यहां न्यायाधीशों के कुल 22 पद स्वीकृत हैं। लेकिन सभी पदों पर नियुक्तियां नहीं होने के कारण स्वीकृत संख्या और कार्यरत जजों की संख्या में अंतर है।



सितंबर 2026 में हुई नई नियुक्तियों के बाद हाईकोर्ट में काम करने वाले न्यायाधीशों की कुल संख्या 14 बताई गई है। इसका मतलब है कि अभी भी स्वीकृत पदों के मुकाबले अदालत में कम जज कार्यरत हैं।



इसी वजह से 6 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के प्रस्ताव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि इन सभी नामों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो अदालत में न्यायाधीशों की उपलब्धता बढ़ेगी।




हाईकोर्ट में कौन-कौन से जज हैं कार्यरत?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों के नाम इस प्रकार हैं:



  • जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू
  • जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास
  • जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी
  • जस्टिस सचिन सिंह राजपूत
  • जस्टिस राकेश मोहन पांडे
  • जस्टिस संजय कुमार जायसवाल
  • जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल
  • जस्टिस बिभू दत्ता गुरु
  • जस्टिस अमेंद्र किशोर प्रसाद

इसके अलावा सितंबर 2026 में नियुक्त किए गए न्यायाधीशों में जस्टिस संतोष शर्मा, जस्टिस सुषमा सावंत और जस्टिस सुधीर कुमार के नाम भी शामिल हैं।



इस तरह सितंबर में हुई नियुक्तियों के बाद हाईकोर्ट में न्यायिक कामकाज संभालने वाले जजों की संख्या 14 बताई गई है।




नए जजों की नियुक्ति से क्या होगा फायदा?

हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से न्यायिक कामकाज को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिल सकती है। अदालतों में कई तरह के मामले सुनवाई के लिए आते हैं। इनमें पुराने मामले भी शामिल होते हैं, जिनका निपटारा होना बाकी रहता है।



जब अदालत में पर्याप्त संख्या में न्यायाधीश उपलब्ध होते हैं, तो अलग-अलग मामलों की सुनवाई के लिए अधिक समय और अवसर मिल सकता है। इससे लंबित मामलों को निपटाने की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद रहती है।



छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में भी 6 नए जजों की नियुक्ति से Judicial Strength बढ़ सकती है। इसका फायदा सुनवाई की व्यवस्था और अदालत के कामकाज में देखने को मिल सकता है।

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