छत्तीसगढ़ कोयला घोटाले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, संपत्ति पर ED का नहीं रहेगा कब्जा

Kanak Durga Jha | Jul 23, 2025, 19:08 IST
High Courts big decision Chhattisgarh coal scam ED not possession property
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला लेवी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बड़ा झटका मिला है। हाईकोर्ट ने इस मामले में अटैच की गई संपत्तियों पर ED का सीधा कब्जा खारिज कर दिया है।

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से सौम्या चौरसिया और सूर्यकांत तिवारी सहित परिवार की संपत्ति अटैच करने को लेकर हाईकोर्ट का फैसला आ गया है। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की डिवीजन बेंच ने केस की अंतिम सुनवाई तक याचिकाकर्ता संपत्ति का उपयोग कर सकेंगे। अटैच प्रापर्टी पर ED का अधिकार नहीं है। इस आदेश के साथ ही इस मामले में दायर अलग-अलग 10 याचिकाओं को खारिज कर दी है।



दरअसल, ED ने अवैध कोयला लेवी घोटाले के केस में मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी और अन्य से संबंधित पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत 30 जनवरी 2025 तक 49.73 करोड़ रुपए मूल्य की 100 से अधिक चल और अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क किया है, जिसमें बैंक बैलेंस, वाहन, नकदी, आभूषण और जमीन शामिल हैं।



प्रापर्टी अटैच करने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील

कोयला घोटाले मामले में ED ने घोटाले से जुड़े लोगों की संपत्ति कुर्क की है। ये संपत्तियां कोयला घोटाले के कथित मास्टरमाइंड सूर्यकांत तिवारी के साथ बाकी आरोपियों की भी है। ED की जांच में पता चला है कि कुछ लोगों ने पिछली सरकार में रहे नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों से मिलीभगत कर कोयला ट्रांसपोर्टर्स से जबरन वसूली की।





हाईकोर्ट का बड़ा फैसला– कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अटैच संपत्तियों के उपयोग की स्वतंत्रता दी।

ED की जब्ती को चुनौती– कुल 10 याचिकाओं के जरिए ED की कार्रवाई को कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

करोड़ों की संपत्ति अटैच– ED ने 49.73 करोड़ की 100+ चल-अचल संपत्तियों को कुर्क किया था।

दस्तावेजी सबूतों की कमी– याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि ED के पास संपत्तियों की अवैधता का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है।

कोर्ट में 5 दिन तक चली सुनवाई– हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद याचिकाएं खारिज कीं।



हाईकोर्ट ने स्वतंत्रता देते हुए खारिज की याचिकाएं

एडवावेकेट हर्षवर्धन परगनिहा ने बताया कि हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में इस केस की लगातार पांच दिनों तक सुनवाई चली थी। उनका कहना था कि ED ने केवल सहआरोपियों के बयान के आधार पर प्रापर्टी को जब्त किया है। जांच में ED ने केवल यह कह दिया है कि प्रापर्टी कोयला घोटाले से अर्जित की गई है।



लेकिन, इसका कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया है। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिस पर बुधवार को फैसला आया है। हाईकोर्ट ने याचिकाओं को खारिज करते हुए याचिकाकर्ताओं को संपत्ति के उपयोग की स्वतंत्रता दी है।



Chhattisgarh High Court | Chhattisgarh High Court decision | कोयला घोटाला | ईडी छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला | कोयला घोटाला केस में सुनवाई | छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला | छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट



thesootr links



द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



Tags:
  • Chhattisgarh High Court
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
  • कोयला घोटाला
  • ईडी छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला
  • Chhattisgarh High Court decision
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला
  • कोयला घोटाला केस में सुनवाई