जूस की दुकान से दुबई के बुर्ज खलीफा तक, सौरभ चंद्राकर की चौंकाने वाली कहानी, भिलाई का लड़का बना दुबई का सट्टा किंग

Arun Tiwari | Nov 02, 2026, 16:08 IST
कपड़े की दुकान से दुबई के आलीशान महलों तक: सौरभ चंद्राकर की फिल्मी और हैरान करने वाली कहानी
From a monthly job in Bhilai to the alleged mastermind of the Mahadev betting network, the controversial journey of Saurabh Chandrakar
Raipur. कभी भिलाई की कपड़ा दुकानों में 12 से 14 हजार रूपए महीने की नौकरी करने वाला सौरभ चंद्राकर आज देश के सबसे चर्चित ऑनलाइन सट्टेबाजी मामलों में से एक, महादेव ऐप का प्रमुख प्रमोटर है। दुबई में 200 करोड़ रूपए की शादी, विदेशी नागरिकता, हजारों एजेंटों का नेटवर्क और करीब 1700 करोड़ रूपए की संपत्तियों पर ED की कार्रवाई।

सौरभ की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। अब ओमान से भारत लाए जाने के बाद वह फिर सुर्खियों में है। CBI उसे रायपुर की विशेष अदालत में पेश करने की तैयारी में है। आइए जानते हैं सौरभ की जिंदगी से जुड़े कुछ चर्चित किस्से।



12 हजार की नौकरी से शुरू हुआ सफर

सौरभ चंद्राकर भिलाई के एक सामान्य परिवार से आता है। उसके पिता नगर निगम में ग्रेड-4 कर्मचारी थे। सौरभ ने 12वीं तक पढ़ाई की और 17 साल की उम्र में काम शुरू कर दिया। 2014-15 में वह आकाश गंगा इलाके की कपड़ा दुकानों में नौकरी करता था। उसे 12 से 14 हजार रूपए महीने मिलते थे। इसी दौरान क्रिकेट सट्टे से उसका संपर्क हुआ और उसकी मुलाकात रवि उप्पल से हुई। बाद में दोनों की साझेदारी ने महादेव नेटवर्क की नींव रखी।



जूस सेंटर से बेटिंग नेटवर्क तक

सौरभ ने भिलाई के नेहरू नगर में 'जूस फैक्ट्री' नाम से एक रेस्तरां भी शुरू किया था। दूसरी तरफ, वह सट्टेबाजी के कारोबार से जुड़ता गया। 2018 के आसपास रवि उप्पल के साथ मिलकर नेटवर्क के विस्तार की दिशा में काम शुरू हुआ। मार्च 2022 में दुर्ग पुलिस की कार्रवाई के बाद इस संगठित सट्टेबाजी नेटवर्क का खुलासा हुआ। अक्टूबर 2022 में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की।



दुबई को बनाया कारोबार का ठिकाना

2019 में सौरभ दुबई पहुंचा। वहां रवि उप्पल को भी बुलाया गया। दोनों ने महादेव ऑनलाइन बुक के नाम से बेटिंग नेटवर्क खड़ा किया। आरोप है कि क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन, पोकर और चुनावों तक पर ऑनलाइन दांव लगाए जाते थे। विदेश में बैठकर भारत समेत कई देशों में फैले नेटवर्क का संचालन किया जाता था।



हजारों एजेंटों का साम्राज्य

महादेव ऐप का कारोबार पैनल ऑपरेटर, एजेंट और सब-एजेंट के जरिए फैलाया गया। ग्राहकों को आईडी और पासवर्ड देकर सट्टा खेलने की सुविधा दी जाती थी। अलग-अलग बैंक खातों के जरिए रकम का लेनदेन होता था। जांच एजेंसियों को इस नेटवर्क में बड़े पैमाने पर म्यूल खातों और हवाला के इस्तेमाल के संकेत मिले।



दुबई में 200 करोड़ की शादी

फरवरी 2023 में सौरभ की शादी दुबई में हुई। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस समारोह पर करीब 200 करोड़ रूपए खर्च किए गए। मेहमानों को लाने के लिए निजी विमान लगाए गए। आलीशान होटल, भव्य सजावट और बॉलीवुड कलाकारों की प्रस्तुतियों ने इस शादी को चर्चा में ला दिया। सनी लियोनी, नेहा कक्कड़, आतिफ असलम और टाइगर श्रॉफ समेत कई चर्चित कलाकारों के नाम इस आयोजन से जुड़े।



शादी के वीडियो से खुली लग्जरी जिंदगी की झलक

शादी फरवरी में हुई, लेकिन इसके वीडियो और तस्वीरें करीब पांच महीने बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए। मुंबई और नागपुर की इवेंट कंपनियों, डेकोरेटर्स और कलाकारों को आयोजन में शामिल किया गया था। इन तस्वीरों ने सौरभ की आलीशान जीवनशैली और खर्च के स्रोत को लेकर सवाल खड़े किए। इसके बाद शादी के खर्च की भी जांच हुई।



वानूआतू की नागरिकता लेने का मामला

जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज होने के बीच सौरभ और रवि उप्पल ने प्रशांत महासागर के देश वानूआतू की नागरिकता हासिल की। अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार, सौरभ को 6 मई 2022 और रवि को 28 जून 2022 को पासपोर्ट जारी किए गए थे। एजेंसियों को आशंका थी कि विदेशी नागरिकता का इस्तेमाल भारतीय कानून और प्रत्यर्पण की कार्रवाई से बचने के लिए किया जा सकता है।



508 करोड़ के आरोप से मचा राजनीतिक तूफान

2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान ED ने दावा किया था कि महादेव ऐप के प्रमोटरों की ओर से करीब 508 करोड़ रूपए तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक पहुंचाए जाने थे। इस दावे में शुभम सोनी और असीम दास के बयानों का हवाला दिया गया। भूपेश बघेल ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया। यह मामला प्रदेश की राजनीति में बड़ा विवाद बना।



दुबई में शिव महापुराण कथा का आयोजन

दिसंबर 2024 में सौरभ और उसके परिवार की ओर से दुबई के ली मेरिडियन होटल में पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा आयोजित कराई गई। 9 से 11 दिसंबर तक चले इस आयोजन के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इनमें सौरभ अपने परिवार के साथ कथा सुनता दिखाई दिया। आयोजन को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं हुईं।



1700 करोड़ की संपत्तियों पर ED की कार्रवाई

मार्च 2026 में ED ने सौरभ चंद्राकर और उसके नेटवर्क से जुड़ी करीब 1700 करोड़ रूपए की 20 अचल संपत्तियां अटैच कीं। इनमें दुबई की 18 और दिल्ली की दो संपत्तियां शामिल बताई गईं। दुबई में बुर्ज खलीफा का अपार्टमेंट, दुबई हिल्स एस्टेट के विला और बिजनेस बे की संपत्तियां भी जांच के दायरे में आईं। ED के मुताबिक, इस मामले में अब तक 4336 करोड़ रूपए की संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं।



अब जांच के केंद्र में सौरभ

ओमान से भारत लाए जाने के बाद सौरभ से पूछताछ में महादेव ऐप के वित्तीय नेटवर्क, हवाला कारोबार, विदेशी संपत्तियों और कथित संरक्षण तंत्र से जुड़े कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि इस पूरे कारोबार का पैसा किन लोगों तक पहुंचा और नेटवर्क में किसकी क्या भूमिका थी। सौरभ की गिरफ्तारी से महादेव सट्टा मामले की कई अनसुलझी कड़ियों के सामने आने की संभावना है।

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