रायपुर के नए निगम आयुक्त… जानिए तेजतर्रार आईएएस संबित मिश्रा की कहानी

Harrison Masih | May 12, 2026, 19:53 IST
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संबित मिश्रा, छत्तीसगढ़ कैडर के युवा IAS अफसर, IIT कानपुर और JNU से पढ़ाई के बाद UPSC में ऑल इंडिया 51वीं रैंक हासिल कर चुके हैं। उन्होंने रायगढ़, जशपुर और कोरबा में विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाई और अब रायपुर नगर निगम के कमिश्नर बने हैं।

छत्तीसगढ़ कैडर के युवा और चर्चित आईएएस अफसर संबित मिश्रा उन अफसरों में गिने जाते हैं, जिन्होंने तकनीकी शिक्षा, प्रशासनिक समझ और जमीनी कामकाज तीनों का बेहतरीन संतुलन बनाया है। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से निकलकर आईआईटी कानपुर तक का सफर और फिर यूपीएससी में ऑल इंडिया 51वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनना, उनकी मेहनत और लगन की कहानी है। अपनी कार्यशैली के कारण हमेशा चर्चा में रहे संबित हाल ही में हुए प्रशासनिक फेरबदल में रायपुर नगर निगम का कमिश्नर बनाए गए हैं।



भुवनेश्वर से शुरू हुआ सफर

आईएएस संबित मिश्रा मुख्य रुप से ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के रहने वाले हैं। शुरुआती पढ़ाई के बाद उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में शामिल आईआईटी कानपुर से बायोलॉजिकल साइंस एंड बायो इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इंजीनियरिंग के बाद भी उनका पढ़ाई से जुड़ाव खत्म नहीं हुआ। उन्होंने जवाहर नेहरू यूनिवर्सिटी से पब्लिक मैनेजमेंट में एमए की डिग्री हासिल की। यही वजह रही कि तकनीकी समझ के साथ-साथ प्रशासनिक विषयों पर भी उनकी मजबूत पकड़ बनी।



IAS Sambit Mishra


लक्ष्य बनाया तो हासिल हुआ मुकाम

आईआईटी और जेएनयू जैसे संस्थानों में पढ़ाई करने के बाद संबित मिश्रा ने सिविल सर्विस को अपना लक्ष्य बनाया। कठिन तैयारी और लगातार मेहनत के दम पर उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 51वीं रैंक हासिल की। साल 2018 में वे आईएएस बने और छत्तीसगढ़ कैडर मिला। 27 अगस्त 2018 को उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा जॉइन की। इसके बाद ट्रेनिंग पूरी की और फिर उन्हें फील्ड ट्रेनिंग के लिए रायगढ़ जिले में सहायक कलेक्टर बनाया गया। फील्ड ट्रेनिंग के बाद संबित मिश्रा को रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ में एसडीएम की जिम्मेदारी मिली। युवा अफसर होने के बावजूद उन्होंने प्रशासनिक कामकाज में अपनी अलग पहचान बनाई। इसके बाद वे जशपुर जिला पंचायत के सीईओ भी रहे, जहां ग्रामीण विकास और पंचायत योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर उनकी कार्यशैली की चर्चा हुई। उसके बाद वे कोरबा जिला पंचायत के सीईओ रहे। कोरबा जैसे औद्योगिक और आदिवासी बहुल जिले में काम करना प्रशासनिक रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन संबित मिश्रा ने लगातार फील्ड विजिट और योजनाओं की मॉनिटरिंग के जरिए वहां सक्रिय अफसर की छवि बनाई। अब वे रायपुर नगर निगम के आयुक्त बनाए गए हैं।



आईएएस संबित मिश्रा

एक स्टोरी ऐसी भी

संबित मिश्रा की निजी जिंदगी भी काफी चर्चित रही है। उन्होंने अपनी ही बैच की आईएएस अफसर प्रतिष्ठा ममगई से शादी की है। प्रतिष्ठा पहले आंध्र प्रदेश कैडर में थीं, लेकिन इंटर कैडर ट्रांसफर पॉलिसी के तहत उन्होंने छत्तीसगढ़ कैडर चुन लिया। दिलचस्प बात यह है कि दोनों पति-पत्नी कोरबा जिले में ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। जहां संबित मिश्रा जिला पंचायत सीईओ रहे, वहीं प्रतिष्ठा ममगई कोरबा नगर निगम की आयुक्त हैं। प्रशासनिक गलियारों में यह जोड़ी युवा और प्रभावशाली अफसर कपल के रूप में जानी जाती है।



युवा अफसरों में अलग पहचान

आईआईटी का बैकग्राउंड, जेएनयू की पढ़ाई, यूपीएससी में शानदार रैंक और जमीनी प्रशासनिक अनुभव की वजह से संबित मिश्रा को छत्तीसगढ़ के उभरते हुए युवा आईएएस अफसरों में गिना जाता है। शांत स्वभाव, तकनीकी समझ और प्रशासनिक सक्रियता उनकी कार्यशैली की खास पहचान मानी जाती है।



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