बोर्ड परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं में एक जैसे जवाब, कहीं आधी हिंदी,आधी अंग्रेजी, मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल

Arun Tiwari | Apr 18, 2026, 14:52 IST
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बोर्ड परीक्षाओं में कई छात्रों ने एक जैसे जवाब लिखे, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। कुछ उत्तरपुस्तिकाओं में आधे हिंदी और आधे अंग्रेजी में जवाब दिए गए, जो मूल्यांकन में भ्रम उत्पन्न कर रहे हैं।

RAIPUR : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई हैं। जिसने पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आ रही जानकारी के मुताबिक कई उत्तरपुस्तिकाओं में छात्रों के जवाब एक जैसे पाए गए हैं। वहीं कुछ कॉपियों में आधे उत्तर हिंदी और आधे अंग्रेजी में लिखे हुए मिले हैं।



नकल की आशंका:

मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों के अनुसार इस बार बड़ी संख्या में ऐसी कॉपियां सामने आई हैं, जिनमें उत्तरों की भाषा और शैली लगभग समान है। इससे नकल या किसी प्रकार की संगठित गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। कई केंद्रों से यह भी शिकायत आई है कि परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त निगरानी नहीं होने के कारण छात्र आसानी से अनुचित साधनों का उपयोग कर पाए।



जल्द आने वाला है रिजल्ट:

10वीं और 12वीं की कॉपियों का मूल्यांकन तेजी से चल रहा है और अगले दो-चार दिनों में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद परिणाम जारी करने की तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी। हालांकि, मूल्यांकन के दौरान सामने आई इन गड़बड़ियों ने शिक्षा विभाग के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।



इस तरह की गड़बड़ी:

मूल्यांकन कार्य में लगे सूत्रों के अनुसार कुछ उत्तरपुस्तिकाओं में छात्रों ने एक जैसे शब्दों और वाक्यों का प्रयोग किया है, जो सामान्य रूप से संभव नहीं लगता। वहीं कई कॉपियों में आधा उत्तर हिंदी में और आधा अंग्रेजी में लिखा गया है। जिससे यह स्पष्ट होता है कि छात्रों ने उत्तर लिखते समय किसी बाहरी स्रोत का सहारा लिया हो सकता है।



कई जिलों में नकल की शिकायत:

प्रदेश के कई जिलों में नकल की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। इस बार भी मूल्यांकन के दौरान मिली इन विसंगतियों ने उन आशंकाओं को और मजबूत कर दिया है। खासतौर पर दूरदराज और संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।



शिक्षा विभाग गंभीर:

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया है और संबंधित जिलों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी केंद्र पर गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।



इतने छात्रों ने लिया हिस्सा:

इस बार परीक्षा में कुल करीब 19 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार परिणाम बेहतर रहने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन मूल्यांकन प्रक्रिया (evaluation process) में सामने आई इन खामियों ने परिणामों की विश्वसनीयता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।



विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इन गड़बड़ियों पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इससे शिक्षा व्यवस्था की साख पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने सुझाव दिया है कि परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, उड़नदस्तों की संख्या में वृद्धि और मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी साधनों का अधिक उपयोग किया जाना चाहिए।



रिजल्ट से पहले जांच:

शिक्षा मंडल ने स्पष्ट किया है कि परिणाम घोषित करने से पहले सभी संदिग्ध मामलों की जांच की जाएगी, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभाग इन शिकायतों पर किस तरह कार्रवाई करता है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।



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