खाद्य सुरक्षा रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: फार्च्यून मैदा व जैन चुस्की चाय की बिक्री पर तुरंत प्रतिबंध, सेहत के लिए हानिकारक

Umeshwari Baghel | Sept 29, 2026, 20:13 IST
फार्च्यून मैदा व जैन चुस्की चाय की बिक्री पर प्रतिबंध
रायगढ़ में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई की है। विभाग ने फॉर्च्यून मैदा और जैन चुस्की चाय के उन बैचों की बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी है, जिनकी जांच में तय सीमा से अधिक कीटनाशक अवशेष मिले हैं। विभाग ने कारोबारियों को प्रभावित स्टॉक बाजार से वापस लेने के निर्देश भी दिए हैं।

रायगढ़ में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई की है। विभाग ने फॉर्च्यून मैदा और जैन चुस्की चाय के उन बैचों की बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी है, जिनकी जांच में तय सीमा से अधिक कीटनाशक अवशेष मिले हैं। विभाग ने कारोबारियों को प्रभावित स्टॉक बाजार से वापस लेने के निर्देश भी दिए हैं।



जांच रिपोर्ट के बाद विभाग ने लिया फैसला

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के मुताबिक दोनों उत्पादों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित बैचों को खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों पर खरा नहीं पाया गया। इसके बाद खाद्य सुरक्षा आयुक्त एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ के निर्देश पर रायगढ़ में संबंधित उत्पादों की बिक्री और वितरण रोकने की कार्रवाई की गई।




फॉर्च्यून मैदा में क्लोरपाइरीफॉस तय सीमा से ज्यादा

फॉर्च्यून मैदा के बैच नंबर FAMD55O059A की जांच में क्लोरपाइरीफॉस की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक मिली। इस बैच की निर्माण तिथि 28 फरवरी 2026 और अवसान तिथि 27 अगस्त 2026 दर्ज है।



काली-लैब्स प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल की 24 जुलाई 2026 की जांच रिपोर्ट के अनुसार मैदा में क्लोरपाइरीफॉस 0.014 पीपीएम पाया गया। इसकी निर्धारित सीमा 0.01 पीपीएम है। रिपोर्ट के आधार पर इस बैच को असुरक्षित घोषित किया गया है।




जैन चुस्की चाय में 18 गुना ज्यादा एसीटामिप्रिड

जैन चुस्की चाय के 175 ग्राम पैक वाले बैच नंबर CH 653 की जांच में भी कीटनाशक अवशेष मानक से काफी अधिक मिला। राष्ट्रीय खाद्य प्रयोगशाला, कोलकाता की 30 जुलाई 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक चाय में एसीटामिप्रिड की मात्रा 0.18 पीपीएम दर्ज की गई, जबकि निर्धारित सीमा 0.01 पीपीएम है।



यानी जांच में एसीटामिप्रिड की मात्रा तय सीमा से 18 गुना अधिक पाई गई। रिपोर्ट के बाद संबंधित बैच को असुरक्षित घोषित कर दिया गया।




कारोबारियों को स्टॉक हटाने के निर्देश

विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारियों को बाजार में मौजूद प्रभावित बैच का स्टॉक तत्काल वापस लेने को कहा है। साथ ही इन बैचों की बिक्री और वितरण नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले खाद्य उत्पादों को बाजार से हटाना है।




किस उत्पाद के किस बैच पर रोक

फॉर्च्यून मैदा के बैच नंबर FAMD55O059A और जैन चुस्की चाय के बैच नंबर CH 653 पर यह कार्रवाई की गई है। उपभोक्ताओं के लिए भी जरूरी है कि वे पैकेट पर बैच नंबर देखकर ही संबंधित उत्पाद की पहचान करें।



FAQ



  1. रायगढ़ में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने किन उत्पादों पर कार्रवाई की है?
    फॉर्च्यून मैदा और जैन चुस्की चाय के कुछ बैचों पर कार्रवाई की गई है, जिनमें कीटनाशक अवशेष निर्धारित सीमा से अधिक पाए गए हैं।
  2. फॉर्च्यून मैदा के किस बैच में कीटनाशक की मात्रा तय सीमा से अधिक मिली?
    फॉर्च्यून मैदा के बैच नंबर FAMD55O059A में क्लोरपाइरीफॉस की मात्रा 0.014 पीपीएम पाई गई, जो निर्धारित सीमा 0.01 पीपीएम से अधिक है।
  3. जैन चुस्की चाय में कितना एसीटामिप्रिड पाया गया है?
    जैन चुस्की चाय के बैच नंबर CH 653 में एसीटामिप्रिड की मात्रा 0.18 पीपीएम पाई गई, जो निर्धारित सीमा 0.01 पीपीएम से 18 गुना अधिक है।
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