अब स्लीपर क्लास में भी मिलेगा बेडरोल, छत्तीसगढ़ में यहां से होगी शुरुआत, इतना लगेगा किराया
RAIPUR. रेल यात्रा को और आरामदायक बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने एक नया कदम उठाया है। नए साल से रायपुर रेल मंडल में भी स्लीपर क्लास के यात्रियों को बेडरोल जैसी सुविधाएं मिलने वाली हैं। इस सेवा की शुरुआत दक्षिण रेलवे के चेन्नई मंडल के मॉडल पर की जा रही है। इसके तहत स्लीपर क्लास के यात्रियों को चादर, तकिया, कंबल, और हैंड टॉवल जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
50 रुपए में मिलेगा बेडरोल
रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, इस सेवा के लिए यात्रियों को कुछ अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा। चेन्नई मंडल में 1 जनवरी 2026 से यह सेवा शुरू हो रही है। इस सेवा का शुल्क इस प्रकार होगा:
- एक बेडरोल सेट (1 चादर + 1 तकिया + 1 कवर) का शुल्क 50 रुपए
- सिर्फ चादर का शुल्क 20 रुपए
- सिर्फ कवर के साथ तकिया का शुल्क 30 रुपए
यात्रियों को ये बेडरोल सेट कोच अटेंडेंट से प्राप्त करना होगा और उसे 50 रुपए का शुल्क देना होगा। यह शुल्क टिकट में शामिल नहीं होगा।
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भारतीय रेलवे की रायपुर मंडल में नए प्रयोग को ऐसे समझें
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टेस्ट फेज में लागू होगी सुविधा
रायपुर रेलवे मंडल में भी इस सुविधा को शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। शुरुआत में यह सेवा केवल 10 ट्रेनों में लागू की जाएगी। अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो इसे पूरे देश में लागू किया जा सकता है।
स्लीपर क्लास में बेडरोल की सुविधा के फायदे
अब तक बेडरोल (चादर और तकिया) केवल एसी क्लास में ही उपलब्ध था। अब रेलवे ने यह कदम उठाया है ताकि स्लीपर क्लास के यात्रियों को भी यात्रा के दौरान आराम मिल सके। इससे यात्रा की गुणवत्ता में सुधार होगा और यात्री आरामदायक यात्रा का अनुभव करेंगे।
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नई सेवा की शुरुआत क्यों?
रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करना है, ताकि वे अपनी यात्रा में अधिक आराम महसूस कर सकें। खासकर लंबी यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह सुविधा बहुत उपयोगी साबित होगी। साथ ही, इससे रेलवे को अतिरिक्त राजस्व भी मिलेगा। यह सुविधा यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा।