निवेश का नया ठिकाना बना छत्तीसगढ़, उद्योग नीति से आकर्षित हो रही हैं बड़ी कंपनियां
Raipur. कुछ साल पहले तक छत्तीसगढ़ की पहचान मुख्य रूप से खनिज संसाधनों और कृषि प्रधान राज्य के रूप में होती थी। अब तस्वीर तेजी से बदल रही है। राज्य निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। नई औद्योगिक नीति, तेज फैसले, आसान प्रक्रियाएं और सरकार की सक्रिय पहल का असर अब आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि वित्तीय वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ ने औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
प्रोजेक्ट टुडे सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में 218 नई औद्योगिक परियोजनाओं में 1 लाख 63 हजार 749 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया है। यह देश के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है। इस उपलब्धि के साथ छत्तीसगढ़ देश के टॉप-10 निवेश आकर्षित करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। वर्ष 2024 के निवेश को जोड़ने पर राज्य में अब तक 4.4 लाख करोड़ रुपए के औद्योगिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।
इस बदलाव के पीछे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू नई औद्योगिक नीति 2024-30 की महत्वपूर्ण भूमिका है। 1 नवंबर 2024 से लागू इस नीति का उद्देश्य निवेशकों को सरल, तेज और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इसी कारण देश और विदेश की बड़ी कंपनियां अब छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाएं तलाश रही हैं।
नई औद्योगिक नीति से बदला माहौल
नई औद्योगिक नीति में 'न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन' की अवधारणा को अपनाया गया है। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ऑनलाइन आवेदन और त्वरित स्वीकृति जैसी सुविधाओं ने उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को पहले की तुलना में काफी आसान बनाया है।
नीति के तहत फार्मास्यूटिकल्स, आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और पर्यटन जैसे नए क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। उद्योगों के लिए 30 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, पांच से 12 वर्ष तक कर छूट और ब्याज अनुदान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार देने वाली इकाइयों के लिए विशेष बी-स्पोक पॉलिसी लागू की गई है। प्रति व्यक्ति 15 हजार रुपए तक का प्रशिक्षण अनुदान भी दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में पांच लाख नए रोजगार सृजित करना है।
देशभर में इन्वेस्टर कनेक्ट का असर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवेश आकर्षित करने के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इसके अलावा जापान और दक्षिण कोरिया में भी निवेशकों से संवाद किया गया है। इन आयोजनों के जरिए राज्य को अब तक 4.4 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में 6,000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले। अमेरिका और रूस के कॉन्सल जनरल ने भी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश में रुचि दिखाई है। दिल्ली में 15,184 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले, जबकि बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की सहमति बनी।
हाल ही में हैदराबाद में आयोजित 'छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट' कार्यक्रम में सात प्रमुख कंपनियों ने 9,580 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। इन परियोजनाओं से 7,800 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
हैदराबाद से मिले बड़े निवेश प्रस्ताव
हैदराबाद में सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव हाइपरनेक्स्ट डाटा सेंटर लिमिटेड की ओर से आया है। कंपनी ने भारत का पहला समर्पित डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर कैंपस छत्तीसगढ़ में स्थापित करने के लिए 4,200 करोड़ रुपए निवेश की सहमति दी है। इससे लगभग 250 लोगों को रोजगार मिलेगा और राज्य का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा।
फीग्रेड एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने सीमेंट क्षेत्र में 2,912 करोड़ रुपए निवेश का प्रस्ताव दिया है। इससे लगभग 4,000 रोजगार मिलने की संभावना है। निवाई लैब्स प्राइवेट लिमिटेड ने 1,000 करोड़ रुपए निवेश कर एआई, जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर असेंबली से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई है। इस परियोजना से लगभग 200 लोगों को रोजगार मिलेगा।
एसजी मार्ट लिमिटेड ने सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण के लिए 700 करोड़ रुपए निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 450 रोजगार सृजित होंगे। श्री सरवणा मिल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 528 करोड़ रुपए के निवेश से आधुनिक टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्माण इकाई स्थापित करने की योजना बनाई है। इससे लगभग 2,500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
काबरा ड्रग्स ने फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में 200 करोड़ रुपए तथा दिनशॉज डेयरी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने डेयरी क्षेत्र में 40 करोड़ रुपए निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन दोनों परियोजनाओं से क्रमशः लगभग 250 और 150 रोजगार सृजित होंगे।
सेमीकंडक्टर और एआई सेक्टर में भी बढ़े कदम
छत्तीसगढ़ को पहली बार सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और एआई आधारित उद्योगों के लिए बड़े निवेश प्रस्ताव मिले हैं। नवा रायपुर में राज्य के पहले सेमीकंडक्टर प्लांट का भूमिपूजन हो चुका है। सरकार की योजना नवा रायपुर को बेंगलुरु और हैदराबाद की तर्ज पर आईटी हब के रूप में विकसित करने की है। इसके लिए नैसकॉम के साथ समझौता भी किया गया है।
एक साल में 300 से ज्यादा सुधार
सरकार ने पिछले एक वर्ष में 300 से अधिक प्रशासनिक सुधार लागू किए हैं। कागजी प्रक्रियाओं को कम किया गया है और कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के जरिए स्वीकृतियां और लाइसेंस एक ही प्लेटफॉर्म से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सब्सिडी जारी करने की समय-सीमा भी सात दिन तय की गई है।
लॉजिस्टिक और ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी संभावना
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि मध्य भारत में स्थित छत्तीसगढ़ देश का सबसे उपयुक्त लॉजिस्टिक हब बनने की क्षमता रखता है। राज्य सात राज्यों से जुड़ा हुआ है और 60 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं तक सीधी पहुंच उपलब्ध कराता है। मजबूत रेलवे नेटवर्क, भारतमाला परियोजना, एयर कार्गो सुविधाएं और खनिज संसाधनों की उपलब्धता उद्योगों के लिए इसे बेहद अनुकूल बनाती है।
उन्होंने बताया कि ऊर्जा क्षेत्र में राज्य को 3.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इससे छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख पावर हब के रूप में तेजी से उभर रहा है। वहीं ग्रीन स्टील उत्पादन के क्षेत्र में भी राज्य अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है।
नवा रायपुर में बनेगा आधुनिक टेक्सटाइल हब
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नवा रायपुर में 81 एकड़ में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। यहां 235 करोड़ रुपए के निवेश से पहली गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। इस परियोजना से 4,600 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
सीएम साय बोले: रोजगार और औद्योगिक विकास हमारी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि नई औद्योगिक नीति उद्योग स्थापना के साथ रोजगार सृजन और आर्थिक विकास पर केंद्रित है। सरकार का लक्ष्य 'अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विजन 2047 नवा अंजोर' के तहत विकसित भारत के निर्माण में प्रभावी योगदान देना है। इन निवेशों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर तैयार होंगे।
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