खाकी की सख्त पहचान और संवेदनशील सोच ....आईपीएस भावना पांडे की कहानी
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले को हाल ही में नई पुलिस अधीक्षक मिली हैं। वर्ष 2025 में आईपीएस बनीं भावना पांडे ने जिले की 21वीं एसपी के रूप में कार्यभार संभाला है। हालांकि, यह उनकी नई शुरुआत नहीं है। दो दशकों से भी अधिक लंबे प्रशासनिक और पुलिस अनुभव के साथ वे पहले ही अपनी एक अलग पहचान बना चुकी हैं। रायपुर से लेकर दंतेवाड़ा तक और पुलिस मुख्यालय से लेकर खुफिया तंत्र तक, उन्होंने हर जिम्मेदारी को अलग अंदाज में निभाया है। भावना पांडे उन अधिकारियों में गिनी जाती हैं, जिन्होंने बदलते समय के साथ अपनी कार्यशैली को भी लगातार बदला और हर चुनौती का डटकर सामना किया।
मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ तक का सफर
भावना पांडे वर्ष 2000 बैच की राज्य पुलिस सेवा (पीसीएस) अधिकारी हैं। उस समय छत्तीसगढ़ अलग राज्य नहीं बना था और पूरा क्षेत्र मध्य प्रदेश का हिस्सा था। प्रशासनिक पुनर्गठन के बाद जब छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया, तब उनके सामने नई परिस्थितियां और नई चुनौतियां थीं। राज्य गठन के बाद उनकी पहली नियुक्ति रायपुर में नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) के रूप में हुई। राजधानी में काम करते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और जनसंपर्क जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुभव हासिल किया। रायपुर के बाद भावना पांडे को दंतेवाड़ा भेजा गया। उस समय दंतेवाड़ा नक्सल गतिविधियों के कारण देश के सबसे संवेदनशील इलाकों में शामिल था। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने लगभग तीन वर्षों तक वहां अपनी सेवाएं दीं। दंतेवाड़ा में उनकी सबसे बड़ी चुनौती केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं थी, बल्कि आम लोगों और पुलिस के बीच भरोसे का माहौल तैयार करना भी था। यही वजह रही कि उनकी कार्यशैली को राज्य स्तर पर सराहना मिली।
जब मिला आईपीएस का दर्जा
करीब 25 वर्षों तक राज्य पुलिस सेवा में अपनी जिम्मेदारियां निभाने के बाद वर्ष 2025 में भावना पांडे को बड़ी उपलब्धि मिली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सूची के आधार पर 27 अगस्त 2025 को उन्हें राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में पदोन्नत किया गया। यह उपलब्धि केवल एक पदोन्नति नहीं थी, बल्कि उनके लंबे अनुभव, मेहनत और समर्पण का सम्मान भी थी। आईपीएस बनने से पहले भावना पांडे पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) विशेष शाखा के पद पर भी कार्य कर चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने खुफिया सूचनाओं के विश्लेषण, सुरक्षा रणनीति तैयार करने और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नक्सल प्रभावित इलाकों में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। उनकी इसी भूमिका को देखते हुए वर्ष 2023 में उन्हें आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पुलिस सेवा पदक से सम्मानित किया गया।
धमतरी में नई जिम्मेदारी
धमतरी जिले की कमान संभालने के बाद भावना पांडे ने साफ कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि पुलिस और आम लोगों के बीच विश्वास को भी मजबूत करना है। उन्होंने कहा है कि लोगों को बिना किसी डर और झिझक के अपनी शिकायत पुलिस तक पहुंचाने का अवसर मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से सामुदायिक पुलिसिंग को और मजबूत बनाने की योजना बनाई जा रही है। धमतरी जिले में भावना पांडे के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ साइबर अपराधों पर नियंत्रण, महिला सुरक्षा को मजबूत करना और पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा। आईपीएस भावना पांडे की कहानी यह बताती है कि सफलता केवल बड़े पद तक पहुंचने में नहीं, बल्कि लंबे समय तक ईमानदारी और समर्पण के साथ जिम्मेदारियों को निभाने में भी होती है। एक राज्य पुलिस सेवा अधिकारी से आईपीएस अधिकारी बनने तक का उनका सफर इसी सोच की मिसाल है।
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