शराब के नशे में स्कूल पहुंचे थे हेडमास्टर साहब, DEO ने किया निलंबित

Pravesh Shukla | Aug 18, 2025, 20:06 IST
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दो प्रधान पाठक पढ़ाई के समय पर शराब पीकर स्कूल पहुंचे, जिसकी शिकायतें मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जांजगीर-चांपा। जिले में शिक्षा व्यवस्था को कलंकित करने वाली घटना सामने आई है। यहां दो प्रधान पाठक पढ़ाई के समय पर शराब पीकर स्कूल पहुंचे, जिसकी शिकायतें मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।



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शराब पीकर पहुंचे थे स्कूल

पहला मामलाअकलतराविकासखंडकेअमोरागांव स्थित प्राथमिक स्कूल का है। यहां पदस्थ प्रधान पाठक लोकपालबर्मनशराब के नशे में स्कूल पहुंचे। बच्चों और गांव के लोगों ने उनकी हालत देखकर आपत्ति जताई।



ग्रामीणों ने बनाया वीडियो

इसदौरान उनकावीडियोभी बनाया गया, जोसोशलमीडिया पर तेजी सेवायरलहुआ।वीडियोसामने आने के बाद ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने गंभीरता दिखाते हुएलोकपालबर्मनको निलंबित कर दिया।



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प्रधान पाठक पर गिरी गाज

दूसरा मामलाबम्हनीडीहब्लॉककेमुक्तराजागांव केमिडिलस्कूल का है। यहां पदस्थ प्रधान पाठक रामायण प्रसाद कर्ष भी शराब सेवन कर विद्यालय पहुंचे थे। उनके खिलाफ भी गांव के लोगों ने शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर विभाग ने उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।



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शराब पीकर स्कूल पहुंचे प्रधान पाठक: जिले के दो अलग-अलग स्कूलों के प्रधान पाठक पढ़ाई के समय शराब के नशे में स्कूल पहुंचे, जिससे बच्चों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।

वीडियो बनाकर शिकायत की गई: अमोरा गांव के प्रधान पाठक लोकपाल बर्मन का नशे में वीडियो ग्रामीणों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया और फिर शिक्षा विभाग से शिकायत की।

दोनों प्रधान पाठकों को निलंबन: शिकायत और प्राथमिक जांच के बाद अमोरा के लोकपाल बर्मन और मुक्तराजा के रामायण प्रसाद कर्ष – दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

शिक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई: जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कड़ी कार्रवाई की बात कही है और चेतावनी दी है कि भविष्य में भी ऐसी घटनाओं पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

शिक्षकों को आदर्श बनने की नसीहत: DEO ने कहा कि शिक्षक बच्चों के भविष्य निर्माता होते हैं, इसलिए उनका व्यवहार अनुशासित और प्रेरणादायक होना चाहिए। नशे में स्कूल आना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।

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ऐसी घटना बर्दाश्त नहीं: DEO

डीईओने दोनों मामलों को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कहा कि स्कूल परिसर में शराब सेवन या नशे की हालत में पहुंचने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। उनका कहना है कि शिक्षक बच्चों केभविष्य निर्माता होते हैं, ऐसे में उनकी ओर से अनुशासनहीन आचरण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



FAQ

  1. सवाल: जांजगीर-चांपा जिले में किन शिक्षकों को निलंबित किया गया और क्यों?
    जिले में दो प्रधान पाठकों — लोकपाल बर्मन (अमोरा गांव) और रामायण प्रसाद कर्ष (मुक्तराजा गांव) — को स्कूल में पढ़ाई के समय शराब के नशे में पहुंचने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके नशे की हालत के वीडियो वायरल होने और ग्रामीणों की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई की।

FAQ

  1. सवाल 1 : जांजगीर-चांपा जिले में किन शिक्षकों को निलंबित किया गया और क्यों?
    जवाब: जिले में दो प्रधान पाठकों — लोकपाल बर्मन (अमोरा गांव) और रामायण प्रसाद कर्ष (मुक्तराजा गांव) — को स्कूल में पढ़ाई के समय शराब के नशे में पहुंचने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके नशे की हालत के वीडियो वायरल होने और ग्रामीणों की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई की।
  2. सवाल 2 : इन घटनाओं की शिकायत कैसे सामने आई और प्रशासन ने क्या कदम उठाया?
    जवाब: ग्रामीणों और बच्चों ने प्रधान पाठकों की नशे में होने की हालत देखकर वीडियो बनाए और सोशल मीडिया पर साझा किए। इसके बाद उन्होंने शिक्षा विभाग से औपचारिक शिकायत की। शिकायत की पुष्टि होने पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने दोनों शिक्षकों को निलंबित करने का आदेश दिया।
  3. सवाल 3 : जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) का इस मामले पर क्या बयान है?
    जवाब: DEO ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखते हुए कहा कि स्कूल परिसर में नशा करना या नशे की हालत में आना किसी भी शिक्षक के लिए अस्वीकार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, क्योंकि शिक्षक बच्चों के भविष्य निर्माता होते हैं।


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