जांजगीर में भाजपा नेता को फंसाना पड़ा भारी, एएसआई लाइन अटैच, प्रभारी को थमाया नोटिस

Aishwarya Dwivedi | May 22, 2026, 13:22 IST
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जांजगीर के मुड़पार में भाजपा नेता पर दर्ज काउंटर एफआईआर जांच में फर्जी पाई गई, जिसके बाद एसपी ने दोषी एएसआई को लाइन हाजिर किया और थाना प्रभारी को नोटिस थमाया।

NEWS IN SHORT

  • भाजपा नेता अमर सुल्तानिया पर दर्ज काउंटर एफआईआर फर्जी मिली।
  • दोषी एएसआई कृष्ण कुमार कोशले को तुरंत लाइन हाजिर किया।
  • लापरवाही बरतने पर कोतवाली प्रभारी जय गुप्ता को नोटिस जारी।
  • झूठी रिपोर्ट लिखाने वाले प्रहलाद गिर पर कड़ी कार्रवाई होगी।
  • अवैध खनन के विवाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले के नैला चौकी अंतर्गत ग्राम मुड़पार में हुआ विवाद अब पुलिस महकमे के लिए गले की हड्डी बन गया है। भाजपा नेता अमर सुल्तानिया के खिलाफ दर्ज कराई गई काउंटर एफआईआर (FIR) जांच में पूरी तरह झूठी पाई गई है। इस गंभीर लापरवाही और 'फर्जी खेल' का खुलासा होने के बाद पुलिस अधीक्षक (एसपी) विजय कुमार पांडेय ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले में जहां एक एएसआई को लाइन अटैच कर दिया गया है, वहीं कोतवाली प्रभारी पर भी गाज गिरनी तय हो गई है।



अवैध खनन के विवाद से शुरू हुआ पूरा मामला

यह पूरा मामला क्षेत्र में अवैध खनन के आरोपों और एक वायरल वीडियो से शुरू हुआ था।सबसे पहले भाजपा नेता अमर सुल्तानिया पर अवैध खनन का आरोप लगाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, जिसकी शिकायत भी दर्ज कराई गई। उसी रात अमर सुल्तानिया के गार्ड की ओर से मारपीट किए जाने की FIR दर्ज कराई गई। इसके जवाब में यानी काउंटर अटैक करते हुए अगले दिन प्रह्लाद गिर गोस्वामी और अन्य लोगों ने भाजपा नेता अमर सुल्तानिया के खिलाफ ही केस दर्ज करवा दिया। जब मामले की उच्चस्तरीय जांच हुई, तो अमर सुल्तानिया के खिलाफ दर्ज कराया गया यह काउंटर केस पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत पाया गया।



एएसआई ने खेला फर्जी खेल

जांच में यह बात सामने आई है कि नैला चौकी के एएसआई कृष्ण कुमार कोशले ने नियमों को ताक पर रखकर काम किया। एएसआई को 18 मई को ही इस मामले का आवेदन मिल गया था, लेकिन उन्होंने इसकी भनक अपने चौकी प्रभारी तक को नहीं लगने दी और चुपके से फर्जी केस दर्ज कर लिया। इस मामले में कोतवाली प्रभारी जय प्रकाश गुप्ता की भूमिका और उनकी 'चुप्पी' पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर उनके नाक के नीचे इतना बड़ा फर्जीवाड़ा कैसे हो गया? पर्यवेक्षकीय और मॉनिटरिंग में बड़ी लापरवाही बरतने के लिए कोतवाली प्रभारी को भी नोटिस जारी करने की तैयारी कर ली गई है।



पुलिस कर्मचारीयों पर हुई कार्रवाई

> "कानून के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।" — विजय कुमार पांडेय, एसपी, जांजगीर



एसपी ने साफ कर दिया है कि इस मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। एएसआई कृष्ण कुमार कोशले को तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) भेज दिया गया है। वहीं, झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वाले मुख्य आरोपी प्रहलाद गिर गोस्वामी के खिलाफ भी अब उन्हीं धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिनका इस्तेमाल उन्होंने भाजपा नेता को फंसाने के लिए किया था। इस कार्रवाई से जांजगीर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।



निष्कर्ष

मुड़पार कांड में पुलिस की जल्दबाजी और लापरवाही ने उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, एसपी की त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि कानून के साथ खिलवाड़ करने वाले चाहे अंदर के हों या बाहर के, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।



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