झारखंड के जंगलों में ऑपरेशन जारी: 75 दिनों में 46 बंदूकें और 16 बम बरामद

Harrison Masih | Jun 15, 2026, 12:29 IST
जंगलों से नक्सलियों के हथियार बरामद 2026
झारखंड के कोकर में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। 75 दिनों से चल रहे सर्च ऑपरेशन में अब तक 46 बंदूकें और 16 टिफिन-कुकर बम बरामद किए गए हैं।

झारखंड के कोकर जिले में नक्सलवाद खत्म होने के बाद भी सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। अप्रैल महीने से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त टीम जंगलों में नक्सली डंप की तलाश कर रही है। अभियान का उद्देश्य इलाके को पूरी तरह सुरक्षित बनाना और छिपाए गए हथियारों को बरामद करना है।



75 दिनों में बड़ी बरामदगी

पुलिस के अनुसार, अब तक चलाए गए 75 दिनों के अभियान में कुल 46 बंदूकें, 16 टिफिन-कुकर बम बरामद किए जा चुके हैं। इसके अलावा अन्य विस्फोटक और हथियार भी अलग-अलग स्थानों से मिले हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि नक्सलियों ने इन्हें पहले से जंगलों में डंप कर रखा था।



हाल में ही बड़ी बरामदगी

14 जून को छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के टेकमीटोला गांव के जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान एक कुकर बम बरामद किया गया। पुलिस-बीएसएफ की संयुक्त टीम गश्त पर थी, तभी पहाड़ी इलाके में संदिग्ध झोला दिखाई दिया।



जांच करने पर नीली पॉलिथीन में रखा गया लगभग 5 किलो का शक्तिशाली कुकर बम मिला। बम निरोधक दस्ता (BDS) ने मौके पर ही उसे सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया। अधिकारियों के अनुसार धमाके की क्षमता काफी अधिक थी।



जून में लगातार बम बरामदगी

जून महीने के पहले 15 दिनों में ही 5 बम बरामद किए जा चुके हैं:

3 जून: हिदूर क्षेत्र से 3 टिफिन बम (लगभग 3-3 किलो वजन)


6 जून: गट्टाकाल पहाड़ी से प्रेशर कुकर बम


14 जून: टेकमीटोला से कुकर बम


हथियारों का बड़ा जखीरा भी मिला



अब तक जिले में चलाए गए अभियान में सुरक्षा बलों ने कुल:

1 BGL लांचर


66 BGL सेल


11 कुकर बम


4 टिफिन बम


1 तीर बम


8 भरमार बंदूक


15 सिंगल शॉट बंदूक


2 12 बोर देशी कट्टा


1 .315 बोर बंदूक


2 पिस्टल



इसके अलावा अब तक कुल 86 ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें:

SLR, LMG: 1-1


303 राइफल: 5


देशी सिंगल शॉट गन: 11



पुलिस का दावा और आगे की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों द्वारा छोड़े गए सभी डंप अभी पूरी तरह बरामद नहीं हुए हैं। कोयलीबेड़ा और छोटेबेठिया जैसे घने जंगल अब भी संवेदनशील माने जा रहे हैं।



सर्च ऑपरेशन में स्थानीय ग्रामीणों और आत्मसमर्पित नक्सलियों की भी मदद ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान इलाके को पूरी तरह नक्सल मुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



FAQ

  1. झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान क्यों चलाया जा रहा है?
    कोकर जिले में नक्सल गतिविधियों को खत्म करने के बाद भी पुलिस-बीएसएफ द्वारा जंगलों में छिपाए गए हथियार और विस्फोटक (नक्सली डंप) की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य पूरे क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित बनाना है।
  2. क्या अभी भी जंगलों में नक्सलियों के हथियार मौजूद हैं?
    हाँ, पुलिस के अनुसार कोयलीबेड़ा और छोटेबेठिया जैसे घने जंगलों में अभी भी नक्सली डंप मौजूद हो सकते हैं। इसलिए सर्च ऑपरेशन जारी है और लगातार तलाशी की जा रही है।


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