नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कामयाबी : कांकेर बॉर्डर पर मिला हथियारों का डंप
समझें क्या है पूरा मामला
Kanker। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए एक डंप को सुरक्षाबलों ने बरामद किया है। यह कार्रवाई थाना कोयलीबेड़ा क्षेत्र के ग्राम आलपरस और गुमचुर के बीच स्थित जंगल-पहाड़ी इलाके में की गई।
पुलिस के अनुसार नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षा बल लगातार संवेदनशील इलाकों में सर्चिंग अभियान चला रहे हैं। इसी अभियान के दौरान डीआरजी, बीएसएफ और बीडीएस की संयुक्त टीम को नक्सलियों के छिपे हुए सामान की जानकारी मिली थी। इसके बाद इलाके में गहन तलाशी अभियान चलाया गया।
संयुक्त टीम ने जंगल में खोज निकाला नक्सली डंप
11 जुलाई को डीआरजी, बीएसएफ और बीडीएस की टीम ने कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर के जंगल क्षेत्र में संयुक्त अभियान शुरू किया। सर्चिंग के दौरान टीम को जमीन में छिपाकर रखा गया नक्सली डंप मिला।
जांच के दौरान सुरक्षा बलों ने हथियारों और अन्य सामग्री को बरामद किया। बरामद सामान में 303 राइफल के दो नग शामिल हैं। इसके अलावा 303 राइफल के 32 राउंड कारतूस भी मिले हैं।
सुरक्षा बलों को एक लैपटॉप और एक टैबलेट भी मिला है। इसके अलावा वायरलेस सेट की तीन बैटरियां, एक रेडियो, चार्जर, अतिरिक्त बैटरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद की गई है।
नक्सली वर्दी और साहित्य भी मिला
सुरक्षा बलों की कार्रवाई में नक्सली वर्दी के दो नग भी बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही पांच पोच, नक्सली साहित्य और संगठन से जुड़ी अन्य सामग्री भी मिली है।
पुलिस का मानना है कि नक्सली इस डंप का इस्तेमाल हथियारों और जरूरी सामान को सुरक्षित रखने के लिए कर रहे थे। बरामद सामग्री के आधार पर आगे की जांच की जा रही है। सुरक्षा बल यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह डंप किस नक्सली दल से जुड़ा था और इसे यहां कब से छिपाकर रखा गया था।
सीमावर्ती इलाकों में लगातार चल रहा अभियान
कांकेर जिले के संवेदनशील और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की गतिविधियां लगातार जारी हैं। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर जंगल क्षेत्रों में नियमित सर्चिंग की जा रही है।
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज बद्री नारायण मीणा के निर्देशन में अभियान चलाया जा रहा है। वहीं डीआईजी बीएसएफ भानुप्रतापपुर दीपक तिवारी, कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा और बीएसएफ अधिकारियों के मार्गदर्शन में संयुक्त टीमों को तैनात किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि नक्सल गतिविधियों को रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कई अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
इस अभियान में बीएसएफ और डीआरजी के कई अधिकारियों और जवानों ने भाग लिया। अभियान का नेतृत्व बीएसएफ 40वीं वाहिनी के अधिकारियों और कोयलीबेड़ा थाना प्रभारी ने किया।
टीम में बीएसएफ के अधिकारी अंकुश कुमार, अनुज कुमार, नवीन प्रकाश, सौरभ यादव सहित डीआरजी टीम कमांडर नरेंद्र नेताम और अन्य जवान शामिल रहे।
सुरक्षा बलों की इस सफलता से इलाके में सक्रिय नक्सली संगठनों पर दबाव बढ़ने की संभावना है। पुलिस ने साफ किया है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि
कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र लंबे समय से नक्सली गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील रहा है। ऐसे क्षेत्रों में हथियारों और सामग्री के डंप मिलने से सुरक्षा बलों को नक्सलियों की गतिविधियों की जानकारी जुटाने में मदद मिलती है।
इस कार्रवाई से नक्सलियों की हथियार आपूर्ति और संसाधन जुटाने की कोशिशों को झटका लगा है। सुरक्षा एजेंसियां अब बरामद सामग्री के आधार पर आगे की रणनीति तैयार कर रही हैं।
IMP FACTS
स्थान: कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर, थाना कोयलीबेड़ा क्षेत्र
गांव: आलपरस-गुमचुर के बीच जंगल-पहाड़ी इलाका
कार्रवाई की तारीख: 11 जुलाई 2026
संयुक्त टीम: डीआरजी, बीएसएफ और बीडीएस टीम
बरामद हथियार: 303 राइफल – 2 नग
कारतूस: 303 राइफल राउंड – 32 नग
इलेक्ट्रॉनिक सामग्री: 1 लैपटॉप, 1 टैबलेट, 1 रेडियो
बैटरी व संचार सामग्री: वायरलेस बैटरी 3 नग, चार्जर 2 नग, बैटरी 1 नग
अन्य बरामदगी: 2 नक्सली वर्दी, 5 पोच, नक्सली साहित्य और अन्य सामग्री
अभियान का उद्देश्य: नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाना
निर्देशन: बस्तर रेंज आईजी बद्री नारायण मीणा के मार्गदर्शन में अभियान चलाया गया
शामिल अधिकारी: बीएसएफ 40वीं वाहिनी, कोयलीबेड़ा थाना और डीआरजी टीम के जवान शामिल रहे
सुरक्षा बलों की उपलब्धि: नक्सलियों के हथियार और संसाधन भंडारण नेटवर्क को बड़ा झटका मिला।
FAQ
- कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर सुरक्षा बलों को क्या मिला?
सुरक्षा बलों को नक्सलियों के छिपाए डंप से 303 राइफल, कारतूस, लैपटॉप, टैबलेट और अन्य सामग्री मिली। - नक्सल डंप कहां से बरामद किया गया?
यह डंप कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र में ग्राम आलपरस-गुमचुर के बीच जंगल-पहाड़ी इलाके से मिला। - नक्सलियों के खिलाफ यह कार्रवाई किसने की?
डीआरजी, बीएसएफ और बीडीएस की संयुक्त टीम ने 11 जुलाई 2026 को यह अभियान चलाया था।
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