बलरामपुर के कार्तिकेय बने असिस्टेंट कमांडेंट, 25 बार हार के बाद ऐसे हुए सफल

Umeshwari Baghel | Aug 12, 2026, 20:35 IST
बलरामपुर के कार्तिकेय बने असिस्टेंट कमांडेंट
बलरामपुर के कार्तिकेय प्रसाद ने 25 प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलता के बाद भी हार नहीं मानी। लगातार मेहनत और अपनी गलतियों से सीख लेकर उन्होंने UPSC CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा पास की। उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • 25 बार हारे, फिर भी नहीं छोड़ी मेहनत
  • बलरामपुर के कार्तिकेय बने असिस्टेंट कमांडेंट
  • असफलताओं से सीखकर रचा सफलता का इतिहास
  • लगातार प्रयासों के बाद पूरा हुआ सपना
  • कार्तिकेय की मेहनत बनी युवाओं की प्रेरणा

बलरामपुर। सफलता की राह हमेशा आसान नहीं होती। कई बार लगातार मिलने वाली असफलताएं इंसान को तोड़ देती हैं, लेकिन कुछ लोग इन्हीं मुश्किलों को अपनी ताकत बना लेते हैं। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर निवासी कार्तिकेय प्रसाद की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। 25 प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रयास और कई असफलताओं के बाद आखिरकार उन्होंने यूपीएससी की सीएपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा में सफलता हासिल कर ली।



कार्तिकेय की यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कुछ प्रयासों के बाद निराश होकर तैयारी छोड़ देते हैं। उन्होंने अपनी गलतियों से सीखते हुए लगातार खुद को बेहतर बनाया और अपने लक्ष्य तक पहुंचे।



पिता CISF में, मां संभालती हैं घर और खेती

बलरामपुर के रहने वाले कार्तिकेय प्रसाद का परिवार साधारण पृष्ठभूमि से आता है। उनके पिता कबीर प्रसाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर हैं। वहीं उनकी मां सुशीला बाई किसान होने के साथ गृहिणी भी हैं।



पिता की नौकरी के कारण कार्तिकेय की पढ़ाई देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई। उन्होंने केंद्रीय विद्यालय दुर्ग से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद भिलाई के कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की।



रायपुर की नालंदा लाइब्रेरी में की तैयारी

सरकारी नौकरी का सपना पूरा करने के लिए कार्तिकेय ने रायपुर में रहकर तैयारी शुरू की। उन्होंने नालंदा लाइब्रेरी में घंटों पढ़ाई की और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया।



इस दौरान उन्हें कई बार असफलता मिली। हालांकि उन्होंने हर परीक्षा के बाद अपनी कमियों को समझा और उनमें सुधार करने की कोशिश जारी रखी।



UPSC समेत 25 परीक्षाओं में किया प्रयास

कार्तिकेय ने बताया कि उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में पांच बार प्रयास किया। इसके अलावा सीएपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा में भी चार बार शामिल हुए। इसके साथ ही उन्होंने ईपीएफओ, आरबीआई ग्रेड-बी समेत कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं भी दीं।



लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने तैयारी बंद नहीं की। उनका मानना था कि हर परीक्षा एक नया अनुभव देती है और हर गलती से सीख लेकर आगे बढ़ा जा सकता है।



असफलता को समझा सीखने का मौका

कार्तिकेय का कहना है कि असफलता को बोझ या अभिशाप नहीं मानना चाहिए। असफलता यह बताती है कि कहां सुधार की जरूरत है।



उन्होंने कहा कि एक ही गलती को लंबे समय तक दोहराने से बेहतर है कि समय रहते अपनी रणनीति बदली जाए। सही मार्गदर्शन और बेहतर योजना से तैयारी की दिशा बदली जा सकती है।



युवाओं को दिया सफलता का मंत्र

कार्तिकेय युवाओं को सलाह देते हैं कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में अनुशासन और समय प्रबंधन सबसे जरूरी है। उनका कहना है कि केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि आसपास की दुनिया को समझना भी जरूरी है।



वह युवाओं को नियमित रूप से अखबार पढ़ने और व्यावहारिक जानकारी बढ़ाने की सलाह देते हैं। साथ ही उनका मानना है कि मोबाइल पर बेवजह समय बिताने से बचना चाहिए।



मेहनत और धैर्य से बदली किस्मत

कार्तिकेय की सफलता यह साबित करती है कि बार-बार मिलने वाली हार अंतिम परिणाम तय नहीं करती। अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो सफलता जरूर मिलती है।



25 प्रयासों के बाद मिली यह सफलता उनके धैर्य, मेहनत और आत्मविश्वास की कहानी बन गई है। अब कार्तिकेय असिस्टेंट कमांडेंट बनकर देश सेवा के अपने सपने को आगे बढ़ाएंगे।



FAQ

  1. कार्तिकेय प्रसाद कौन हैं?
    कार्तिकेय प्रसाद बलरामपुर, छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं, जिन्होंने UPSC CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा में सफलता हासिल की है।
  2. कार्तिकेय ने कितनी प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रयास किया था?
    कार्तिकेय ने करीब 25 प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रयास किया। कई असफलताओं के बाद उन्होंने सफलता हासिल की।
  3. कार्तिकेय ने असिस्टेंट कमांडेंट बनने के लिए कौन-सी परीक्षा पास की?
    कार्तिकेय ने UPSC की केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा पास की है।

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