कवर्धा धान घोटाला: केंद्र प्रभारी के घर छापा, 16 लाख कैश और कंप्यूटर जब्त

Harrison Masih | Jul 11, 2026, 16:04 IST
कवर्धा धान घोटाला 2026
कबीरधाम जिले के चर्चित धान घोटाले की जांच तेज हो गई है। लोहारा धान उपार्जन केंद्र के प्रभारी के घर और कार्यालय में पुलिस ने छापा मारकर 16 लाख रूपए नकद, बैंक पासबुक, महत्वपूर्ण दस्तावेज और कंप्यूटर जब्त किए हैं।

Kawardha. कबीरधाम जिले में सामने आए बहुचर्चित धान घोटाले की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंचती नजर आ रही है। धान उपार्जन केंद्रों से बड़ी मात्रा में धान गायब होने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए शुक्रवार को लोहारा धान उपार्जन केंद्र के प्रभारी गंगादास मानिकपुरी के घर और कार्यालय में छापेमार कार्रवाई की।



तलाशी के दौरान पुलिस ने 16 लाख रूपए नकद, बैंक पासबुक, महत्वपूर्ण दस्तावेज और कार्यालय में रखे कंप्यूटर जब्त किए हैं। इन सभी सामग्रियों को जांच के लिए कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी गई है।



अब तक 6 एफआईआर दर्ज, जांच का दायरा बढ़ा

जानकारी के मुताबिक, कबीरधाम जिले के विभिन्न धान उपार्जन केंद्रों से धान के गायब होने और रिकॉर्ड में गड़बड़ी के मामले में अब तक 6 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।



पुलिस और प्रशासन की संयुक्त जांच में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है।



जांच एजेंसियां धान खरीदी, भंडारण, परिवहन और रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही हैं। साथ ही बैंक खातों और आर्थिक लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि घोटाले की पूरी परतें खोली जा सकें।



घर और कार्यालय से मिले अहम साक्ष्य

पुलिस की छापेमार कार्रवाई के दौरान गंगादास मानिकपुरी के घर से 16 लाख रूपए नकद बरामद किए गए। इसके अलावा बैंक पासबुक, वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और कार्यालय में रखे कंप्यूटर भी जब्त किए गए हैं।



जांच अधिकारियों का मानना है कि इन दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड से घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।



जब्त किए गए कंप्यूटर और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी, ताकि धान खरीदी और स्टॉक संबंधी रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा सके।



फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में नामजद कई आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।



पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी आरोपियों के घरों और कार्यालयों की तलाशी लेकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।



और बड़े खुलासों की संभावना

धान घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए तथ्य सामने आने की संभावना भी बढ़ती जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जब्त किए गए दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा के विश्लेषण के बाद घोटाले के नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकेगी।



फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है और जिले में इस मामले को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।



अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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