मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर अमित शाह बोले, कांग्रेस ने मर्यादा तोड़ी, बैज ने कहा- मुद्दे से भटका रही बीजेपी
भाजपा ने इसे मर्यादा के खिलाफ बताया। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा मुद्दे से ध्यान भटका रही है।
समझें क्या है पूरा मामला
- पटना में रविवार को कांग्रेस का कार्यक्रम हुआ।
- बापू सभागार में खरगे मोदी सरकार की नीतियों पर बोल रहे थे।
- एक कार्यकर्ता ने उठकर कहा कि मोदी जी नहीं जाने वाले हैं।
- इस पर खरगे ने गुस्से में कहा, 'मोदी क्या, उसका बाप भी जाएगा।'
- खबर के मुताबिक वहां मौजूद लोगों ने उस कार्यकर्ता की पिटाई कर दी।
पटना में खरगे ने क्या कहा
खरगे ने यही बात तीन बार दोहराई। उनके भाषण में मोदी सरकार की नीतियों का जिक्र था।
कार्यकर्ता ने इससे पहले एक बात कही थी। उसके मुताबिक जब तक देश में विद्रोह नहीं होगा, मोदी सरकार नहीं हटेगी। लेकिन असली कहानी यहीं से शुरू हुई।
मोदी पर टिप्पणी वाला यह बयान अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। भाजपा इसे भाषा की मर्यादा के खिलाफ बता रही है।
इस पूरे घटनाक्रम का असर अब राज्यों की राजनीति तक पहुंचा है। पटना में खरगे के बयान से उठी बात छत्तीसगढ़ तक आ गई है।
बयान पर तकरार
कांग्रेस बनाम भाजपा की यह तकरार छत्तीसगढ़ में भी तेज दिखी। राज्य के भाजपा नेताओं ने इस बयान पर आपत्ति जताई।
छत्तीसगढ़ भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया में सबसे पहला नाम उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का है। ओपी चौधरी, तोखन साहू और संतोष पांडेय ने भी विरोध जताया है।
विजय शर्मा छत्तीसगढ़ सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं। सरोज पांडेय भाजपा की पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। दोनों ने अलग-अलग शब्दों में मर्यादा का सवाल उठाया।
विजय शर्मा बोले- ऐसी भाषा शोभा नहीं देती
'इतनी बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को ऐसी भाषा शोभा नहीं देती। प्रधानमंत्री के लिए इस तरह के शब्द कांग्रेस की सोच दिखाते हैं।'- विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ सरकार
शर्मा के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे पद पर ऐसी भाषा ठीक नहीं।
शब्दों की मर्यादा जरूरी- सरोज पांडेय
'बोलने का अधिकार सभी को है, लेकिन शब्दों की मर्यादा जरूरी है। अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर प्रधानमंत्री पद की गरिमा नहीं गिरानी चाहिए।'- सरोज पांडेय, पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भाजपा
पांडेय ने बोलने के अधिकार को माना, लेकिन शब्दों की मर्यादा पर जोर दिया।
दीपक बैज: मुद्दे से भटकाने का आरोप
खरगे ने भाषण में देश की समस्याएं भी उठाईं, लेकिन भाजपा उन पर बात करने के बजाय एक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा कर रही है। -दीपक बैज, प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ कांग्रेस
बैज ने भाजपा पर मुद्दे से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रोपेगेंडा (दुष्प्रचार) करने की बात भी कही।
इस तरह छत्तीसगढ़ में दोनों पार्टियों की लाइन साफ दिख रही है। एक तरफ भाषा पर आपत्ति है। दूसरी तरफ मुद्दों से भटकाव का आरोप।
अमित शाह ने गिनाए पुराने बयान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस बहस में उतर आए। उन्होंने खरगे के बयान को मर्यादा तोड़ने वाला बताया।
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने प्रधानमंत्री के पिताजी के बारे में अभद्र टिप्पणी कर सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी हैं। यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस पार्टी ने मोदी जी या उनके परिवार को अपशब्द कहे हों। - अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
शाह के मुताबिक कांग्रेस ने कभी प्रधानमंत्री की माताजी के बारे में अपशब्द कहे। उन्होंने "मौत का सौदागर" और "चायवाला" जैसे शब्दों का भी जिक्र किया। शाह ने कांग्रेस पर रोज अभद्रता की सीमाएं पार करने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस का रवैया बताया।
पटना कोतवाली में शिकायत
पटना के कोतवाली थाने में मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ शिकायत दी गई है। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कृष्णा कुमार सिंह ने आवेदन दिया। आवेदन में मामले की जांच और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत में प्रधानमंत्री को अपशब्द कहने का आरोप लगाया गया है।
मर्यादा बनाम मुद्दे की बहस
दोनों पक्षों की दलीलें अलग हैं। भाजपा शब्दों की मर्यादा पर सवाल उठा रही है। कांग्रेस चाहती है कि देश की समस्याओं पर बात हो।
इस विवाद में तीन तरह की बातें सामने आई हैं। पहली, भाषा की मर्यादा का सवाल। दूसरी, पुरानी टिप्पणियों का हवाला। तीसरी, शिकायत और कानूनी कार्रवाई की मांग।
सोचिए एक बार। एक बयान ने कितने नेताओं को आमने-सामने ला दिया।