खरोरा की अडानी फैक्ट्री में शराब बिक्री को लेकर बवाल, मजदूरों के दो गुट आपस में भिड़े, पुलिसकर्मी भी घायल

VINAY VERMA | Oct 05, 2026, 14:29 IST
अडानी फैक्ट्री में बवाल
रायपुर से लगे खरोरा के रायखेड़ा स्थित अडानी फैक्ट्री में सोमवार को शराब बिक्री के विवाद ने ऐसा तूल पकड़ा कि मजदूरों के दो गुट आमने-सामने आ गए। पहले कहासुनी हुई, फिर धक्का-मुक्की और देखते ही देखते दोनों पक्षों में जमकर मारपीट शुरू हो गई। मामला यहीं नहीं रुका। फैक्ट्री परिसर में तोड़फोड़ शुरू हो गई और कुछ ही देर में पूरा इलाका हंगामे की चपेट में आ गया।

फैक्ट्री के अंदर शराब पर विवाद

बताया जा रहा है कि फैक्ट्री के भीतर शराब बेचने की बात को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। ग्रामीण भी गांव में शराब बिक्री का विरोध कर रहे थे। इसी मुद्दे को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव बढ़ता गया। सोमवार को यह तनाव अचानक हिंसक हो गया। मजदूरों के गुट भिड़े तो फैक्ट्री का माहौल पूरी तरह बिगड़ गया।



तोड़फोड़ में सरपंच की गाड़ी

हंगामा बढ़ने के बाद उपद्रवियों ने फैक्ट्री परिसर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। रायखेड़ा के सरपंच दिनेश वर्मा की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया गया। इससे साफ है कि विवाद सिर्फ मजदूरों की आपसी मारपीट तक सीमित नहीं रहा। भीड़ के बेकाबू होने से फैक्ट्री प्रबंधन और आसपास के लोगों में भी दहशत का माहौल बन गया।



पुलिस पहुंची, हालात और बिगड़े

बवाल की सूचना मिलते ही खरोरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को अलग करने और भीड़ को शांत कराने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की हुई और एक पुलिसकर्मी के चोटिल होने की जानकारी सामने आई है। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाया और इलाके को अपने घेरे में ले लिया।




फैक्ट्री में तनाव बरकरार

मौके पर पुलिस की मौजूदगी के बावजूद तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। फैक्ट्री और आसपास के इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस उपद्रव करने वालों को अलग करने के साथ स्थिति पर नजर रख रही है। किसी नए विवाद की आशंका को देखते हुए इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है।



बाहरी मजदूरों को लेकर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि फैक्ट्री में दूसरे राज्यों से आए बड़ी संख्या में मजदूर काम करते हैं। आरोप है कि फैक्ट्री और आसपास अलग-अलग गुटों की सक्रियता के कारण आए दिन विवाद की स्थिति बनती है। हालांकि, सोमवार को हुए बवाल में असल विवाद किस बात से शुरू हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही होगा।



कौन चला रहा था शराब का खेल?

अब सबसे बड़ा सवाल फैक्ट्री के भीतर शराब बिक्री को लेकर है। अगर फैक्ट्री परिसर में शराब बेची जा रही थी तो इसे रोकने की जिम्मेदारी किसकी थी? ग्रामीण पहले से विरोध कर रहे थे तो मामला फैक्ट्री प्रबंधन और पुलिस की नजर में क्यों नहीं आया? मजदूरों के दो गुटों के बीच विवाद इतना बड़ा कैसे हो गया कि तोड़फोड़ और पुलिसकर्मी के घायल होने तक नौबत पहुंच गई? इन सवालों के जवाब जांच में तलाशे जाएंगे।




पुलिस जुटी पहचान में

पुलिस अब बवाल में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। मौके पर मौजूद लोगों और घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है। तोड़फोड़ और मारपीट में किसकी क्या भूमिका रही, इसे भी जांच में देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



जांच के बाद होगी कार्रवाई

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंचल तिवारी ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। विवाद की शुरुआत किस वजह से हुई, मारपीट और तोड़फोड़ में कौन लोग शामिल थे और घटनाक्रम में किसकी भूमिका रही, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।



Tags:
  • खरोरा अडानी फैक्ट्री
  • शराब बिक्री
  • अडानी फैक्ट्री
  • छत्तीसगढ़
  • हिंसक झड़प
  • Adani Factory Dispute