शिक्षकों से करोड़ों की ठगी, पुलिस ने दबोचे 5 शातिर जालसाज

Umeshwari Baghel | Jul 09, 2026, 19:32 IST
शिक्षकों से करोड़ों की ठगी
कोंडागांव में लोन दिलाने के नाम पर 43 शिक्षकों से करोड़ों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शिक्षकों से लोन करवाकर 60 प्रतिशत राशि खुद रख लेते थे और तीन साल में चुकाने का झांसा देते थे।

समझें क्या है पूरा मामला

Kondagaon। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में शिक्षकों से करोड़ों रुपए की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने लोन दिलाने का झांसा देकर शिक्षकों को फंसाने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह ने अब तक 43 शिक्षकों को अपना शिकार बनाया और उनसे 12 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की।



मामले की शिकायत मिलने के बाद कोंडागांव पुलिस ने जांच शुरू की। एसपी पंकज चंद्रा ने इसे गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम का गठन किया। जांच के बाद पुलिस ने अलग-अलग जिलों में दबिश देकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।



पर्सनल लोन दिलाने का देते थे झांसा

पुलिस के अनुसार, आरोपी शिक्षकों को पर्सनल लोन आसानी से दिलाने का भरोसा देते थे। वे खुद को लोन एजेंट या मददगार बताकर शिक्षकों से संपर्क करते थे।



आरोपी शिक्षकों से लोन के लिए आवेदन करवाते थे। इसके बाद जब बैंक से लोन स्वीकृत हो जाता था, तब ठगी का खेल शुरू होता था।



गिरोह के सदस्य शिक्षकों से कहते थे कि वे लोन की पूरी राशि चुकाने की जिम्मेदारी लेंगे। इसी भरोसे में आकर कई शिक्षक उनके जाल में फंस गए।



लोन की 40 प्रतिशत राशि देकर बाकी रकम हड़पते थे

जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी एक तय तरीके से ठगी करते थे। लोन पास होने के बाद आरोपी शिक्षकों को केवल 40 प्रतिशत रकम देते थे।



इसके बाद बची हुई 60 प्रतिशत राशि अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे। आरोपी शिक्षकों को भरोसा दिलाते थे कि तीन साल के अंदर पूरा लोन चुका दिया जाएगा।



लेकिन बाद में आरोपी न तो लोन की किश्त जमा करते थे और न ही शिक्षकों की रकम लौटाते थे। इससे शिक्षकों पर बैंक का पूरा कर्ज रह जाता था।



फरसगांव और केशकाल क्षेत्र में दर्ज हुई शिकायतें

इस मामले में फरसगांव और केशकाल क्षेत्र के कई शिक्षकों ने पुलिस से शिकायत की थी। फरसगांव निवासी शिक्षक संजय कोडोपी ने भी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।



शिकायत में बताया गया कि उन्होंने और उनके साथी शिक्षकों ने पर्सनल लोन के लिए संपर्क किया था। इसी दौरान आरोपियों ने लोन दिलाने के नाम पर करीब दो करोड़ रुपए की ठगी कर ली।



इसके अलावा केशकाल क्षेत्र के शिक्षकों ने भी इसी तरह की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायतों को जोड़कर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू की।



कई इलाकों के शिक्षकों को बनाया निशाना

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं थे। उन्होंने फरसगांव, केशकाल, बड़े डोंगर, धनोरा और विश्रामपुरी सहित कई इलाकों के शिक्षकों को निशाना बनाया।



पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने संगठित तरीके से पूरा नेटवर्क तैयार किया था। वे शिक्षकों की आर्थिक जरूरतों को समझकर उन्हें अपने जाल में फंसाते थे।



बैंक रिकॉर्ड और तकनीकी जांच से खुला मामला

पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए बैंक खातों की जानकारी, मोबाइल नंबर और अन्य दस्तावेजों की जांच की।जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के बीच लेन-देन और संपर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिले। इसके बाद पुलिस टीम ने अलग-अलग जिलों में उनकी तलाश शुरू की। लोकेशन ट्रेस होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।



पांच आरोपी गिरफ्तार, सामान जब्त

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अंबिकापुर से शिवशंकर दास और दिलीप कुमार सोनी को पकड़ा। इसके अलावा जशपुर से वीरेंद्र तिर्की, सारंगढ़ से श्यामसुंदर जांगड़े और अंबिकापुर से अंशुमान सिंह को गिरफ्तार किया गया।



आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, बैंक चेकबुक, एटीएम कार्ड, डायरी, रजिस्टर, लैपटॉप और कंप्यूटर सहित कई सामान जब्त किए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने कितने और लोगों को अपना शिकार बनाया है।



शिक्षकों को पुलिस की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के कहने पर लोन से जुड़ी निजी जानकारी साझा न करें। लोन प्रक्रिया के लिए हमेशा बैंक या अधिकृत संस्थानों से ही संपर्क करें।



पुलिस का कहना है कि आसान लोन और जल्दी पैसा दिलाने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से सावधान रहने की जरूरत है। मामले में आगे की जांच जारी है।



महत्वपूर्ण तथ्य

स्थान: कोंडागांव, छत्तीसगढ़



मामला: लोन दिलाने के नाम पर शिक्षकों से करोड़ों रुपए की ठगी



पीड़ित: करीब 43 शिक्षक



ठगी का तरीका: पर्सनल लोन करवाकर राशि का बड़ा हिस्सा हड़पना



आरोपियों की संख्या: 5 आरोपी गिरफ्तार



शिकायतकर्ता: फरसगांव निवासी शिक्षक संजय कोडोपी



ठगी की रकम: करीब 2 करोड़ रुपए की शिकायत सामने आई



मुख्य तरीका: लोन की 40% राशि देकर 60% रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवाना



झांसा: आरोपी तीन साल में पूरा लोन चुकाने का भरोसा देते थे



प्रभावित क्षेत्र: फरसगांव, केशकाल, बड़े डोंगर, धनोरा, विश्रामपुरी सहित कई इलाके



जांच कार्रवाई: पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर और दस्तावेजों की जांच की



गिरफ्तार आरोपी: अंबिकापुर, जशपुर और सारंगढ़ सहित अलग-अलग जिलों से पकड़े गए



जब्ती: मोबाइल, बैंक चेकबुक, एटीएम कार्ड, डायरी, रजिस्टर, लैपटॉप और कंप्यूटर बरामद



पुलिस कार्रवाई: एसपी पंकज चंद्रा के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई



वर्तमान स्थिति: आरोपियों से पूछताछ जारी है, आगे की जांच चल रही है।



FAQ

  1. कोंडागांव में शिक्षकों से किस तरह की ठगी हुई?
    आरोपियों ने शिक्षकों को पर्सनल लोन दिलाने का झांसा दिया। लोन पास होने के बाद 60 प्रतिशत राशि अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली।
  2. इस ठगी मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    कोंडागांव पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को अलग-अलग जिलों से पकड़ा गया है।
  3. ठगी का शिकार कितने शिक्षक हुए हैं?
    पुलिस के अनुसार, अब तक करीब 43 शिक्षक इस गिरोह की ठगी का शिकार हुए हैं। मामले की जांच अभी जारी है।

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