जवान हो गई है, चल घुमाकर लाता हूं... छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में बीजेपी नेता समेत 3 लोगों पर FIR दर्ज
समझें क्या है पूरा मामला
- कोरबा भाजपा नेता अनिल चौरसिया समेत तीन लोगों पर केस दर्ज हुआ है।
- आरोप है कि दशहरे के कार्यक्रम में छात्रा पर अश्लील टिप्पणी हुई।
- परिजनों के मुताबिक चौकी और थाने में उन्हें सुनवाई नहीं मिली।
- कोरबा एसपी के निर्देश पर एफआईआर दर्ज हुई।
- आरोपियों की तलाश जारी है और गिरफ्तारी नहीं हुई।
दशहरे के कार्यक्रम में क्या हुआ?
20 अक्टूबर को दशहरे के दिन एक सार्वजनिक कार्यक्रम चल रहा था। वहां एक नाबालिग छात्रा भी मौजूद थी। आरोप है कि कौशल चौरसिया और उसके भाई अनिल चौरसिया ने नाबालिग छात्रा पर अश्लील टिप्पणी की। उन्होंने छात्रा से कहा, ‘तू तो अब बड़ी हो गई है, जवान हो गई है। चल, तेरे को घुमाकर लाता हूं।’
दोनों को भाई बताया गया है। छात्रा ने यह बात परिवार के एक सदस्य को बताई। इसके बाद वह उनके साथ दोनों आरोपियों से बात करने पहुंची।
मारपीट और अश्लील हरकत का आरोप
आरोप है कि बातचीत के दौरान गाली-गलौज और मारपीट हुई। इसमें कौशल चौरसिया, अनिल चौरसिया और दिनेश चौहान का नाम है। बीच-बचाव के दौरान नाबालिग के साथ अश्लील हरकत का भी आरोप है। शिकायत में उसका दुपट्टा खींचने की बात भी कही गई है।
डरी हुई छात्रा घर पहुंची और परिवार को सब बताया। ये सभी बातें अभी आरोप हैं। किसी का दोष अदालत में ही साबित होता है। तब तक तीनों आरोपी ही माने जाएंगे।
शिकायत पर पुलिस ने क्या किया?
परिजन उसी रात शिकायत लेकर पुलिस चौकी पहुंचे। उनका आरोप है कि वहां कार्रवाई नहीं हुई। उन्हें बालको थाना भेज दिया गया। कहा गया कि मामला उसी थाना क्षेत्र का है।
परिजनों के मुताबिक बालको थाने में भी उन्हें लौटा दिया गया। वहां थाना प्रभारी के आने के बाद मामला देखने की बात कही गई। पुलिस का पक्ष इस आरोप पर सामने नहीं आया है।
इसके बाद परिजन कोरबा एसपी से मिले। एसपी (SP - Superintendent of Police) यानी जिले के पुलिस प्रमुख। कोरबा एसपी के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर (FIR - First Information Report) पुलिस में दर्ज पहली सूचना होती है। यानी एफआईआर तक पहुंचने में परिजन तीन जगह गए।
पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज
कोरबा पुलिस ने तीनों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया है। पॉक्सो (POCSO - Protection of Children from Sexual Offences Act) एक कानून है। यह बच्चों को यौन अपराधों से बचाता है। साथ में छेड़छाड़, लज्जा भंग और मारपीट से जुड़ी धाराएं भी लगी हैं। लज्जा भंग यानी किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाना।
भाजपा विधि प्रकोष्ठ में अनिल चौरसिया
अनिल चौरसिया भाजपा विधि प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य हैं। वे पेशे से वकील भी हैं। उनके साथ कौशल चौरसिया और दिनेश चौहान भी नामजद हैं। नामजद यानी जिनके नाम एफआईआर में दर्ज हैं।
'ये आरोप साजिश हैं और पूरी तरह निराधार हैं। मैं मामले की निष्पक्ष जांच चाहता हूं। अगर शिकायत झूठी निकलती है, तो संबंधित लोगों पर भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।' - अनिल चौरसिया, सदस्य, भाजपा विधि प्रकोष्ठ प्रदेश कार्यसमिति
चौरसिया ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया है। इसमें उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग रखी है। शिकायत झूठी पाई जाने पर कार्रवाई की मांग भी उन्होंने की है।
कोरबा सीएसपी का बयान
'मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।' - प्रतीक चतुर्वेदी, सीएसपी, कोरबा
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के मुताबिक पुलिस छात्रा से छेड़छाड़ की जांच कर रही है। सीएसपी यानी पुलिस विभाग के अधिकारी। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश भी कर रही है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
अब नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर है।
यह खबर क्यों जरूरी है
नाबालिगों की सुरक्षा समाज की साझा जिम्मेदारी है। पॉक्सो जैसे कानून बच्चों को ऐसे अपराधों से बचाने के लिए बने हैं। सार्वजनिक जीवन में सक्रिय लोगों पर आरोप लगें, तो जनता निष्पक्ष जांच की उम्मीद करती है। संविधान का अनुच्छेद 21 हर नागरिक को गरिमा के साथ जीने का अधिकार देता है। साथ ही आरोपी तब तक निर्दोष माना जाता है। दोष अदालत में साबित होता है। इसलिए इस मामले में पुलिस जांच पर सबकी नजर है।