कोरबा में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान बिजली तार पर चढ़ा अजगर
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के दादर में जगन्नाथ रथ यात्रा मेला चल रहा था। इस दौरान मेले के पास बिजली के तार पर एक विशाल अजगर दिखाई दिया। अजगर को देखते ही मेले में मौजूद श्रद्धालुओं और दुकानदारों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत कोरबा वन मंडल की रेस्क्यू टीम को सूचना दी। वन विभाग की टीम ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित बचाया।
रथ यात्रा मेले में अजगर
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दादर इलाके में जगन्नाथ रथ यात्रा मेले का आयोजन किया जा रहा था। मेले में भारी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय ग्रामीण पहुंचे थे। चारों तरफ खुशियों का माहौल था और लोग खरीदारी कर रहे थे। इसी बीच अचानक मेले के पास एक बिजली के तार पर लोगों की नजर पड़ी।
तार पर एक विशालकाय जीव लिपटा हुआ दिखाई दे रहा था। शुरुआत में लोगों को समझ नहीं आया कि वह क्या चीज है। जब लोगों ने पास जाकर ध्यान से देखा तो उनके होश उड़ गए। बिजली के पोल और तारों के बीच एक 8 फीट लंबा अजगर लटका हुआ था।
मेले में मच गई भारी अफरा-तफरी
तार पर विशाल अजगर को देखते ही मेले में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। दुकानदार अपनी दुकानें छोड़कर पीछे हटने लगे। श्रद्धालुओं में भी डर का माहौल बन गया। मेले में बच्चों और महिलाओं की बड़ी तादाद मौजूद थी। लोगों को डर था कि अजगर कहीं नीचे न गिर जाए। नीचे गिरने पर वह किसी पर हमला भी कर सकता था।
अजगर को देखने के लिए वहां धीरे-धीरे लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी। भीड़ के शोर से अजगर भी काफी परेशान नजर आ रहा था। स्थिति को बिगड़ता देख कुछ समझदार स्थानीय नागरिकों ने मोर्चा संभाला। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना कोरबा वन मंडल (Korba Forest Division) की रेस्क्यू टीम को दी।
वन विभाग की टीम ने संभाला मोर्चा
विशाल अजगर की सूचना मिलते ही वन विभाग की अधिकृत रेस्क्यू टीम तुरंत हरकत में आई। टीम प्रभारी जितेंद्र सारथी अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गए। उनके साथ टीम में राजू बर्मन, राकेश मानिकपुरी, साहिल और बॉबी शामिल थे।
मौके पर पहुंचते ही टीम ने सबसे पहले सुरक्षा घेरा तैयार किया। उन्होंने बिजली के तार के आसपास जमा भीड़ को सुरक्षित दूरी पर हटाया। वन अधिकारियों ने लाउडस्पीकर और आवाज लगाकर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। टीम का मानना था कि शोर से अजगर घबराकर नीचे गिर सकता है। इससे अजगर को चोट लग सकती थी या वह किसी पर हमला कर सकता था।
आधे घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू
रेस्क्यू टीम ने बेहद सावधानी के साथ अपना ऑपरेशन शुरू किया। बिजली के तारों के बीच रेस्क्यू करना बेहद जोखिम भरा काम था। टीम ने अपने विशेष उपकरणों और तकनीकी कौशल का इस्तेमाल किया। पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मेले में मौजूद हजारों लोगों की सांसें थमी रहीं।
सभी लोग टकटकी लगाए वन विभाग की टीम की कार्रवाई को देख रहे थे। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम को सफलता मिली। अजगर को बिना किसी नुकसान के बिजली के तार से नीचे उतार लिया गया। उसे सुरक्षित रूप से एक सुरक्षित बैग में बंद किया गया, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ा
अजगर को पकड़ने के बाद वन विभाग ने उसका प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण कराया। डॉक्टरों और विशेषज्ञों की जांच में अजगर पूरी तरह से स्वस्थ पाया गया। उसे किसी भी तरह की चोट नहीं आई थी। इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों ने अजगर को कोरबा के पास के घने जंगल में छोड़ दिया।
अजगर को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया है। वन विभाग ने इस सफल रेस्क्यू के बाद आम जनता से एक विशेष अपील भी की है। अधिकारियों ने कहा कि यदि कहीं भी कोई वन्यजीव दिखाई दे, तो उसे नुकसान न पहुंचाएं। वन्यजीवों को देखकर खुद कार्रवाई करने के बजाय तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दें। समय पर मिली जानकारी के कारण आज मेले में एक बड़ा हादसा टल गया।
FAQ
- कोरबा में अजगर कहां और किस कार्यक्रम के दौरान दिखाई दिया?
उत्तर: अजगर छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के दादर में आयोजित जगन्नाथ रथ यात्रा मेले के दौरान बिजली के तार पर दिखाई दिया। - कोरबा में रेस्क्यू के बाद वन विभाग ने अजगर का क्या किया?
उत्तर: वन विभाग की टीम ने अजगर का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया। वह पूरी तरह स्वस्थ था, इसलिए उसे पास के जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
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