कोरबा की संजू देवी ने रचा इतिहास, एशियन गेम्स में भारत को दिलाया गोल्ड मेडल
Raipur। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के छोटे से गांव केराकछार की बेटी संजू देवी ने अपनी मेहनत से बड़ा मुकाम हासिल किया है। कभी परिवार की आर्थिक मदद के लिए मजदूरी करने वाली संजू आज भारतीय महिला कबड्डी टीम की अहम खिलाड़ी बन चुकी हैं। उन्होंने 2026 एशियन गेम्स में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संजू की कहानी संघर्ष और हौसले की मिसाल है। गांव में सीमित सुविधाओं के बीच उन्होंने कबड्डी खेलना शुरू किया। अपनी मेहनत और लगन के दम पर वह अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचीं। उनकी उपलब्धि पर मुख्यमंत्री ने भी बधाई दी है।
पांचवीं कक्षा से शुरू हुआ कबड्डी का सफर
संजू देवी का जन्म 19 दिसंबर 2002 को कोरबा जिले के पाली विकासखंड के केराकछार गांव में हुआ। उन्होंने गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ाई के दौरान कबड्डी खेलना शुरू किया।
शुरुआत में गांव में बेहतर खेल सुविधाएं नहीं थीं। इसके बावजूद संजू ने अभ्यास जारी रखा। वह रोजाना कई किलोमीटर का सफर तय कर ट्रेनिंग के लिए जाती थीं।
उनकी प्रतिभा को साल 2021 में कोरबा जिला कबड्डी संघ के सचिव अनुज प्रताप सिंह ने पहचाना। उन्होंने संजू को आगे बढ़ने के लिए जरूरी मदद दी। इसके बाद उनका चयन बिलासपुर की बहतराई महिला कबड्डी अकादमी में हुआ।
परिवार के लिए मजदूरी भी की
संजू का बचपन आर्थिक परेशानियों के बीच बीता। परिवार की मदद के लिए वह माता-पिता के साथ मजदूरी भी करती थीं। इसके बावजूद उन्होंने खेल का सपना नहीं छोड़ा। कबड्डी के प्रति उनका जुनून लगातार बढ़ता गया। उन्होंने नौकरी के बजाय खेल को अपना करियर बनाने का फैसला किया। यही फैसला आगे चलकर उनकी पहचान बना।
उधार के पैसों से शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय सफर
संजू के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना आसान नहीं था। भारतीय टीम में चयन के बाद विदेश दौरे के लिए भी आर्थिक परेशानी सामने आई। एक इंटरव्यू में संजू ने बताया था कि बांग्लादेश जाने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। उस समय कोच ने उन्हें पांच हजार रुपए उधार देकर मदद की थी। इसी मदद से उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत हुई।
विश्व कप में बनीं MVP
साल 2025 में महिला कबड्डी विश्व कप में संजू ने शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने चीनी ताइपे के खिलाफ 16 अंक हासिल किए। उनके बेहतरीन प्रदर्शन के कारण भारत ने खिताब जीता। संजू को पूरे टूर्नामेंट की मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर यानी MVP चुना गया।
एशियन गेम्स में भारत को दिलाया गोल्ड
2026 एशियन गेम्स में संजू देवी भारतीय टीम की प्रमुख रेडर के रूप में शामिल हुईं। टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। संजू ने बांग्लादेश, ईरान और नेपाल के खिलाफ मुकाबलों में अहम भूमिका निभाई। उनकी रेडिंग ने टीम को कई महत्वपूर्ण जीत दिलाने में मदद की।
छत्तीसगढ़ की पहली महिला कबड्डी स्टार
संजू देवी की सफलता छत्तीसगढ़ के लिए भी खास है। वह प्रदेश से भारतीय महिला कबड्डी टीम में पहुंचने वाली प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। एक छोटे गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाली संजू ने साबित किया है कि मेहनत और जुनून से बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। आज वह देशभर के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।
FAQ
- संजू देवी कहां की रहने वाली हैं?
जू देवी छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के केराकछार गांव की रहने वाली हैं। - संजू देवी ने कौन-कौन सी बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं?
संजू देवी ने 2025 महिला कबड्डी विश्व कप में MVP खिताब जीता और 2026 एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता। - संजू देवी ने कबड्डी खेलना कब शुरू किया था?
संजू देवी ने सरकारी स्कूल में पढ़ाई के दौरान पांचवीं कक्षा से कबड्डी खेलना शुरू किया था।
ये खबरें भी पढ़े...
एशियन गेम्स: जालोर की माहेश्वरी ने बढ़ाया राजस्थान का गौरव, जीता कांस्य पदक
एशियन गेम्स 2026: शेफाली वर्मा के शतक से भारत ने बांग्लादेश को 114 रन से हराया
एशियन गेम्स के लिए एमपी के 19 खिलाड़ी क्वालिफाई, शूटिंग में MP का दबदबा