छत्तीसगढ़ शराब ओवररेटिंग मामला : 3 एसआई सस्पेंड होने से विभाग में हड़कंप
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ के तीन जिलों में आबकारी विभाग ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान शराब दुकानों में तय दाम से अधिक वसूली पाई गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन उप निरीक्षक सस्पेंड कर दिए गए हैं। इसके साथ ही पांच बड़े अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस मिला है। विभाग ने सात दिनों के भीतर सभी से जवाब मांगा है।
आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग में हड़कंप मच गया है। दुर्ग, कांकेर और सरगुजा जिलों में विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शराब दुकानों में ओवररेटिंग की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसके बाद उड़नदस्ता टीमों ने औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान शराब दुकानों में गड़बड़ी सच साबित हुई। टीम ने ग्राहकों के जरिए इस अवैध वसूली को रंगे हाथों पकड़ा। इसके बाद आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा ने सख्त कदम उठाया। उन्होंने तीन उप निरीक्षकों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया।
इन अधिकारियों पर गिरा गाज
निलंबित होने वाले अधिकारियों में अनिल गुप्ता का नाम शामिल है। वह सरगुजा के अंबिकापुर में पदस्थ हैं। बौरीपारा दुकान में विदेशी शराब पर सौ रुपए अधिक वसूले जा रहे थे।
दूसरे अधिकारी ओम प्रकाश हैं जो भानुप्रतापपुर कांकेर में तैनात हैं। दुर्गकोंडल दुकान में बीयर की बोतल पर दस रुपए ज्यादा लिए गए। तीसरे अधिकारी हरीश पटेल हैं जो दुर्ग में पदस्थ हैं। अंजोरा दुकान में देसी शराब पर अस्सी रुपए अधिक वसूले गए।
बड़े अफसरों को थमाया नोटिस
इस मामले में सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर ही गाज नहीं गिरी है। आबकारी आयुक्त ने पांच बड़े अधिकारियों को भी नोटिस जारी किया है। इनमें दुर्ग के जिला आबकारी अधिकारी सीआर साहू शामिल हैं। सरगुजा के जिला आबकारी अधिकारी लक्ष्मीकांत गायकवाड़ को भी नोटिस मिला है।
इसके अलावा तीन सहायक जिला आबकारी अधिकारियों को भी घेरा गया है। दुर्ग के धीरज कनौजिया और कांकेर के मधुकर श्याम हरित को नोटिस मिला है। सरगुजा की शीला बड़ा को भी मदिरा की अधिक दर पर बिक्री के लिए नोटिस दिया गया है।
आदिवासियों से अवैध वसूली के आरोप
एक अन्य मामला कवर्धा से सामने आया है। वहां आबकारी विभाग के दो एसआई (SI - Sub Inspector) पर गंभीर आरोप लगे हैं। एसआई रायजादा और एसआई गीता पर आदिवासियों से वसूली का आरोप है। छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद ने इसकी लिखित शिकायत की है।
शिकायत के अनुसार दोनों अधिकारी बैगा आदिवासियों को जेल भेजने की धमकी देते हैं। धमकी देकर गरीब आदिवासियों से पैसे वसूल किए जाते हैं। पत्र के साथ पीड़ित आदिवासियों की एक सूची भी कमिश्नर को सौंपी गई है।
कमिश्नर की सख्त चेतावनी
आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य स्तरीय उड़नदस्ता लगातार जांच कर रहा है। आने वाले दिनों में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
सभी नोटिस पाने वाले अधिकारियों को सात दिन का समय मिला है। अगर सात दिनों में सही जवाब नहीं मिला तो कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होगी। आबकारी विभाग में आठ दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले ग्यारह जून को भी कई अधिकारियों पर एक्शन लिया गया था।
FAQ
- छत्तीसगढ़ के वर्तमान आबकारी आयुक्त (Excise Commissioner) कौन हैं?
उत्तर: छत्तीसगढ़ के वर्तमान आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा हैं। - छत्तीसगढ़ के किन तीन जिलों में हाल ही में शराब ओवररेटिंग पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है?
उत्तर: इस मामले में छत्तीसगढ़ के दुर्ग, कांकेर और सरगुजा जिलों में कार्रवाई की गई है। - कवर्धा जिले में निवास करने वाली किस विशेष संरक्षित जनजाति के उत्पीड़न की शिकायत आबकारी आयुक्त से की गई है?
उत्तर: कवर्धा में रहने वाली विशेष संरक्षित बैगा (Baiga) आदिवासी जनजाति के लोगों से अवैध वसूली की शिकायत की गई है।
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