महादेव ऐप का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर रायपुर पहुंचा, कल CBI कोर्ट में होगी पेशी; 6000 करोड़ के सट्टेबाजी नेटवर्क की खुलेगी परतें
सट्टा किंग से जुड़ा मामला, अब आगे की कार्रवाई पर नजर
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर के मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज है। जुलाई 2026 में चंद्राकर को ओमान में हिरासत में लिए जाने की खबरें आई थीं। उसे भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण की प्रक्रिया चल रही है।
जांच एजेंसियों के आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, महादेव ऐप के जरिए ऑनलाइन दांव लगवाए जाते थे और देश के अलग-अलग हिस्सों में पैनल और शाखाएं बनाकर ग्राहक जोड़े जाते थे। सट्टेबाजी से मिली रकम को कई बैंक खातों के जरिए घुमाने और हवाला के माध्यम से विदेश भेजने के आरोप हैं। ईडी के अनुसार, इस मामले में करीब 6000 करोड़ रुपए के अपराध से हुई कमाई का अनुमान है।
सीबीआई ने इस मामले में छह चार्जशीट दाखिल करने की जानकारी दी है, जिनमें कई आरोपियों के नाम शामिल हैं। चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ अतिरिक्त सबूत जुटाने का दावा भी किया गया है। ये सभी आरोप हैं, जिन्हें अदालत में साबित किया जाना है।
जूस की दुकान से ऑनलाइन सट्टे तक
बताया जाता है कि चंद्राकर भिलाई में एक जूस की दुकान से जुड़ा रहा था। बाद में उसका नाम ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़ गया। ये बातें पुलिस और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट्स पर आधारित हैं।
दुबई की शादी और ईडी का दावा
फरवरी 2023 में संयुक्त अरब अमीरात में चंद्राकर की शादी चर्चा में आई थी। ईडी का दावा है कि शादी पर करीब 200 करोड़ रुपए नकद खर्च हुए, और इसके लिए चार्टर्ड विमान लिए गए थे। यह ईडी का आरोप है। इस खर्च के स्रोत की जांच ईडी कर रही है।
आगे क्या
जांच एजेंसियां चंद्राकर से महादेव ऐप के संचालन, पैनल चलाने वालों और रकम के लेन-देन के बारे में पूछताछ करना चाहती हैं। अदालत का फैसला आगे की जांच की दिशा तय करेगा। मामले के सभी आरोपी अदालत में अपना पक्ष रखने के अधिकारी हैं।
यह खबर क्यों जरूरी है
ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क पर कार्रवाई छत्तीसगढ़ और देश के युवाओं के आर्थिक भविष्य से जुड़ी है। मनी लॉन्ड्रिंग और विदेश में छिपे आरोपियों का प्रत्यर्पण भी इसमें शामिल है। अदालत और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर पूरे मामले की दिशा निर्भर करेगी।
FAQ
सवाल 1: महादेव ऐप मामले में सौरभ चंद्राकर पर क्या आरोप हैं?
जवाब: ईडी और सीबीआई के अनुसार चंद्राकर पर ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। ये आरोप हैं, जिन्हें अदालत में साबित करना होगा।
सवाल 2: चंद्राकर कहां है?
जवाब: जुलाई 2026 में ओमान में हिरासत में लिए जाने की खबरें आई थीं। प्रत्यर्पण की प्रक्रिया जारी है। ताजा स्थिति के लिए CBI या अदालत की आधिकारिक जानकारी देखें।
सवाल 3: 6000 करोड़ का आंकड़ा कहां से आया है?
जवाब: यह ईडी और सीबीआई के अनुमान के अनुसार है। यह कथित अपराध से हुई कमाई का अनुमान है, किसी की निजी संपत्ति का आंकड़ा नहीं।