200 करोड़ की शादी पड़ी भारी: जूस बेचने वाले सौरभ चंद्राकर के रॉयल वेडिंग का हिसाब लेगी ED, अब खुलेंगे सट्टा सिंडिकेट के राज
इस पूछताछ में करीब 6 हजार करोड़ रुपए के कथित सट्टा सिंडिकेट से जुड़े कई राज खुल सकते हैं। इस बीच ईडी की नजर भी सौरभ पर है। खास तौर पर उसकी शादी में खर्च हुए करीब 200 करोड़ रुपए का हिसाब जांच एजेंसी के लिए अहम है।
शादी में 200 करोड़ खर्च का आरोप
सौरभ चंद्राकर की फरवरी 2023 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रास अल खैमाह में हुई शादी जांच एजेंसियों के रडार पर है। ED के मुताबिक इस शादी और उससे जुड़े आयोजनों पर करीब 200 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। सवाल यह है कि भिलाई में कभी जूस की दुकान चलाने वाले सौरभ के पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई? शादी में मेहमानों को लाने के लिए चार्टर्ड विमानों, बड़े होटलों और इवेंट कंपनियों की सेवाएं ली गई थीं। ईडी इन आयोजनों से जुड़ी इवेंट कंपनियों, होटल, ट्रैवल एजेंट और विमान सेवा प्रदाताओं के रिकॉर्ड खंगाल चुकी है। अब सौरभ से पूछताछ में इस खर्च के स्रोत को लेकर भी सवाल हो सकते हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- महादेव सट्टा ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर से सीबीआई अब पूछताछ करेगी।
- रायपुर की विशेष अदालत ने उसे सीबीआई रिमांड पर सौंपा है।
- सौरभ चंद्राकर की शादी पर करीब 200 करोड़ रुपए खर्च होने का आरोप है।
- ईडी जानना चाहती है कि शादी का इतना पैसा कहां से आया।
- पूछताछ में सट्टा नेटवर्क के कई और नाम सामने आ सकते हैं।
वकीलों से हर शाम मुलाकात की अनुमति
रायपुर की विशेष अदालत में सीबीआई ने 10 दिन की रिमांड मांगी थी। सौरभ के वकीलों ने इसका विरोध किया। बचाव पक्ष ने अदालत में उसकी जान को खतरा होने की आशंका भी जताई। इस पर कोर्ट ने रिमांड की अवधि में हर शाम सौरभ को अपने वकीलों से मिलने की अनुमति दी है। दिल्ली से वरिष्ठ अधिवक्ता तुषार गिरी समेत अन्य वकील उसकी पैरवी के लिए रायपुर पहुंचे थे। सीबीआई की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता चंदन सिंह ने पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान मीडिया को भी कोर्ट रूम में मौजूद रहने की अनुमति दी गई।
एक दिन पहले नहीं हो सकी थी पेशी
सौरभ को मंगलवार शाम ही रायपुर कोर्ट में पेश किया जाना था। लेकिन दिल्ली से लाने में देरी हो गई। जब सीबीआई की टीम एयरपोर्ट पहुंची, तब तक अदालत का समय समाप्त हो चुका था। इसके बाद टीम उसे सीधे सीबीआई मुख्यालय ले गई। बुधवार को उसे विशेष अदालत में पेश किया गया। इससे पहले दिल्ली में हुई सुनवाई में सौरभ के वकीलों ने प्रत्यर्पण की शर्तों पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि सौरभ को ओमान से धनशोधन मामले में प्रत्यर्पित किया गया है, सीबीआई के मामले में नहीं। प्रत्यर्पण से जुड़े दस्तावेज पेश नहीं किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई थी। हालांकि अदालत ने सीबीआई को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दे दी थी।
ED भी पूछताछ की तैयारी में
रायपुर में सुनवाई के दौरान ईडी की टीम भी पहुंची। चर्चा है कि ईडी की ओर से सौरभ से पूछताछ की अनुमति मांगने के लिए आवेदन दिया गया है। हालांकि इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है। ईडी और सीबीआई दोनों ही महादेव सट्टा नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही हैं। फर्जी बैंक खातों, हवाला के जरिए रकम विदेश भेजने और दुबई में संपत्तियां खरीदने के आरोपों की पड़ताल की जा रही है।
रवि उप्पल समेत कई नाम जांच में
जांच एजेंसियों के मुताबिक सौरभ और रवि उप्पल इस नेटवर्क के प्रमुख संचालक थे। रेड्डी अन्ना, फेयरप्ले, स्काईएक्सचेंज और लोटस 365 जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े लेन-देन भी जांच के दायरे में हैं। विकास छपरिया और शुभम सोनी समेत कई अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। एजेंसियों का आरोप है कि भारत और न्।म् में हजारों ऑनलाइन पैनल के जरिए सट्टा चलाया जाता था। इसकी कमाई को अलग-अलग बैंक खातों और हवाला के जरिए विदेश भेजा जाता था।
साय बोले- पूछताछ में आएंगे कई नाम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सौरभ चंद्राकर से सीबीआई पूछताछ करेगी। पूछताछ में कई और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। संभव है कि इस मामले में कई अन्य लोग भी फंसें। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सीबीआई की 8 दिन की पूछताछ में सट्टा नेटवर्क के किन-किन चेहरों से पर्दा उठता है और ईडी को सौरभ की करोड़ों की शादी के खर्च का क्या हिसाब मिलता है।
यह खबर क्यों जरूरी है
महादेव सट्टा ऐप का मामला जांच एजेंसियों के लिए बड़ी परीक्षा बन गया है। सीबीआई की पूछताछ से सट्टा सिंडिकेट के कई चेहरे सामने आ सकते हैं। सौरभ चंद्राकर की शादी में 200 करोड़ रुपए खर्च होने का आरोप है, और ईडी इसका हिसाब मांग रही है। सवाल उठता है कि जूस की दुकान चलाने वाले के पास इतनी रकम कहां से आई। यह मामला ऑनलाइन सट्टा कंपनियों की जवाबदेही का उदाहरण है, जिसमें कमाई विदेश भेजे जाने का आरोप है।
FAQs
सवाल 1: सौरभ चंद्राकर से सीबीआई कितने दिन पूछताछ करेगी?
जवाब: रायपुर की विशेष अदालत ने सौरभ चंद्राकर को सीबीआई रिमांड पर सौंपा है, और पूछताछ 8 दिन तक चलेगी। सीबीआई ने 10 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन बचाव पक्ष के विरोध के बाद अदालत ने 8 दिन की अनुमति दी। रिमांड के दौरान उसे दिल्ली ले जाकर पूछताछ की जाएगी।
सवाल 2: सौरभ चंद्राकर की शादी में कितना खर्च हुआ?
जवाब: ईडी के मुताबिक फरवरी 2023 में संयुक्त अरब अमीरात के रास अल खैमाह में हुई सौरभ चंद्राकर की शादी पर करीब 200 करोड़ रुपए खर्च हुए। इसमें मेहमानों को लाने के लिए चार्टर्ड विमान, बड़े होटल और इवेंट कंपनियों की सेवाएं ली गई थीं। इतनी बड़ी रकम कहां से आई, यह जांच का अहम सवाल है।
सवाल 3: महादेव सट्टा ऐप मामले में आगे क्या हो सकता है?
जवाब: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि पूछताछ में कई और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। ईडी ने भी सौरभ से पूछताछ की अनुमति मांगने का आवेदन दिया है, जिस पर अभी फैसला नहीं हुआ है। ईडी और सीबीआई दोनों महादेव सट्टा नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही हैं।