महादेव सट्टा ऐप का दाऊद इब्राहिम से कनेक्शन ! ED ने किया चौकाने वाला खुलासा
Mahadev Satta App's connection with Dawood Ibrahim : महादेव सट्टा ऐप घोटाले में बड़ा खुलासा हुआ है। महादेव सट्टा ऐप का दाऊद इब्राहिम से कनेक्शन है। इसे लेकर ईडी ने दावा किया कि केस में मोस्ट वांटेड आतंकी दाऊद इब्राहिम की एंट्री हुई है। आरोपियों के वकील ने सुनवाई के दौरान एक केस का जिक्र करते हुए वारंट रद्द करने की मांग की है।
वकील ने कहा कि ईडी ने कोर्ट को गलत जानकारी दी।दरअसल, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ ईडी कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। इसी वारंट को आरोपियों ने वरिष्ठ एडवोकेट कपिल सिब्बल और किशोर श्रीवास्तव के जरिए बिलासपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मामले की सुनवाई जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
दाऊद इब्राहिम से है कनेक्शन
रवि उप्पल के वकील ने किशोर श्रीवास्तव जज के सामने ईडी की एफआईआर पढ़ी। एफआईआर पढ़ने के दौरान ईडी पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। रवि उप्पल के अधिवक्ता ने कहा कि एफआईआर में जिन बातों का उल्लेख है, उन बातों की ऐप्लीकेशन कोर्ट में सब्मिट नहीं की गई है। उन्होंने गुरुवार को कहा, न्यायधीश ने नोटिस जारी करते समय कथित अभियुक्त बताया, लेकिन ईडी ने अपनी FIR में अभियुक्त लिखा है।
ये दोनों अलग-अलग बातें हैं। ईडी ने गलत जानकारी देकर कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी कराया है। इसे रद्द कर देना चाहिए। वकील किशोर श्रीवास्तव ने अपने तथ्यों को सही साबित करने के लिए पुराने कई केस का रिफ्रेंस दिया। इनमें से एक केस दाऊद इब्राहिम से जुड़ा हुआ भी है। वहीं ईडी की तरफ से अधिवक्ता सौरभ पांडेय और अधिवक्ता जोहेब हुसैन ने बहस की।
580 करोड़ रुपए की संपत्ति फ्रिज
महादेव सट्टा एप केस में एक मार्च 2024 तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने कार्रवाई करके 580 करोड़ रुपए की संपत्ति फ्रीज की है। ईडी ने रायपुर, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, इंदौर, गुरुग्राम के कुल 15 ठिकानों पर दबिश दी है। इस मामले में आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार भी किया है। ईडी ने छत्तीसगढ़ में पूर्व सीएम सहित 19 नामजद आरोपियों, ब्यूरोक्रेट्स, पुलिस अधिकारी और अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है।
ऐप से 6000 करोड़ की हुई कमाई
ईडी करीब एक साल से महादेव ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही है। आरोप है कि इसमें छत्तीसगढ़ के उच्च पदस्थ राजनेताओं और नौकरशाहों के शामिल होने का पता चला है। ऐप के दो मुख्य प्रमोटर भी छत्तीसगढ़ से ही हैं। ईडी ने जानकारी दी कि, इस मामले में करीब 6,000 करोड़ रुपए की आय आंकी गई है।
मामले में दिग्गजों का नाम
महादेव ऐप सट्टा मामले में ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। ईडी ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल,सौरभ चंद्राकर,रवि उप्पल, शुभम सोनी, चंद्रभूषण वर्मा, आसीम दास, सतीश चंद्राकर, नीतीश दीवान, अनिल कुमार अग्रवाल, विकास छापरिया, रोहित गुलाटी, विशाल आहूजा, धीरज आहूजा, अनिल कुमार दम्मानी, सुनील कुमार दम्मानी, भीम सिंह यादव, हरिशंकर टिंबरेवाल, सुरेंद्र बागड़ी, सूरज चोखानी, संबंधित अज्ञात ब्यूरोक्रेट्स पुलिस अफसर और ओएसडी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है।
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