महासमुंद बाल संप्रेक्षण गृह से आठ नाबालिग फरार, 12 फीट की फांदी दीवार
समझें क्या है पूरा मामला
महासमुंद के शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह से सोमवार तड़के आठ नाबालिग फरार हो गए। इन नाबालिगों ने पहले अपने कमरे की खिड़की की ग्रिल तोड़ी। इसके बाद 12 फीट ऊंची दीवार पर लगे कांटेदार तार काट दिए। घटना सुबह करीब साढ़े तीन बजे के आसपास की बताई जा रही है। स्टाफ ने खिड़की टूटी देखी तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।
तड़के हुई सनसनीखेज वारदात
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक बड़ी घटना सामने आई है। जिला मुख्यालय से लगे बरौंडा बाजार में बाल संप्रेक्षण गृह स्थित है। यह एक शासकीय बाल सुधार गृह है। यहाँ सोमवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे हड़कंप मच गया।
सुधार गृह से अचानक 8 अपचारी बालक फरार हो गए। घटना के समय अधिकांश बच्चे सो रहे थे। फरार होने वाले बच्चों ने पूरी योजना बनाई थी। उन्होंने सबसे पहले कमरे की खिड़की पर ध्यान दिया। लोहे की ग्रिल को मजबूती से तोड़ा गया। इसके बाद वे बाहर निकलने में कामयाब हो गए।
12 फीट ऊंची दीवार भी लांघ गए
सुधार गृह परिसर की सुरक्षा दीवार काफी ऊंची बनाई गई है। इस दीवार की कुल ऊंचाई लगभग 12 फीट है। दीवार के सबसे ऊपरी हिस्से पर कांटेदार तार लगे थे। शातिर बालकों ने कांटेदार तारों को भी काट दिया। इसके बाद वे ऊंची दीवार फांदकर बाहर कूद गए।
घटना की रात बाल संप्रेक्षण गृह में कुल 27 बच्चे थे। तड़के जब ड्यूटी स्टाफ गश्त पर निकला तो हैरान रह गया। स्टाफ की नजर कमरे की टूटी खिड़की पर पड़ी। तुरंत सभी बच्चों की गिनती शुरू की गई। गिनती के दौरान 8 नाबालिग गायब पाए गए। घटना की जानकारी तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।
गंभीर अपराधों के आरोपी हैं बालक
फरार हुए सभी आठ नाबालिगों की उम्र 15 से 18 साल के बीच है। ये सभी पिछले चार से पांच महीनों से सुधार गृह में बंद थे। इन बालकों पर कई गंभीर मामलों में केस दर्ज हैं। इनमें से एक बालक पर दुष्कर्म का आरोप है। दो बालक चोरी के मामलों में आरोपी बनाए गए हैं।
तीन बालकों पर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज है। वहीं दो बालक एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत आरोपी हैं। ये सभी छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। इनमें भाटापारा, सरायपाली और महासमुंद के बालक शामिल हैं। इसके अलावा फिंगेश्वर और कुरुद के बालक भी इनमें शामिल हैं।
पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर
घटना की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। सिटी कोतवाली पुलिस को तुरंत जानकारी दी गई। महिला एवं बाल विकास विभाग को भी सूचित किया गया। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पूरी स्थिति का जायजा लिया। सुधार गृह परिसर का निरीक्षण किया गया।
सुरक्षा में हुई चूक की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। आस-पास के इलाकों में नाकेबंदी कर दी गई है। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। फरार बालकों के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी को पकड़ लिया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। 12 फीट ऊंची दीवार फांदना आसान काम नहीं है। कांटेदार तारों को काटने में भी समय लगा होगा। इसके बावजूद सुरक्षाकर्मियों को भनक तक नहीं लगी। रात की ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों पर सवाल उठ रहे हैं। क्या गश्त के दौरान लापरवाही बरती गई थी। प्रशासन अब ड्यूटी रोस्टर की जांच कर रहा है। दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है। बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
FAQ
- महासमुंद बाल सुधार गृह से कितने नाबालिग फरार हुए?
उत्तर: महासमुंद के शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह से कुल 8 नाबालिग फरार हुए हैं। ये सभी तड़के खिड़की की ग्रिल तोड़कर भागे थे। - फरार हुए नाबालिगों पर किस प्रकार के मामले दर्ज हैं?
उत्तर: फरार नाबालिगों पर रेप, चोरी, आबकारी और एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। इनकी उम्र 15 से 18 वर्ष के बीच है। - नाबालिगों ने सुधार गृह से भागने के लिए क्या तरीका अपनाया?
उत्तर: नाबालिगों ने पहले कमरे की खिड़की की ग्रिल तोड़ी। इसके बाद 12 फीट ऊंची दीवार के कांटेदार तार काटकर बाहर भाग गए।
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