महासमुंद गैस घोटाला: 90 लाख की एलपीजी गबन करने वाले दो आरोपी महाराष्ट्र से गिरफ्तार

Harrison Masih | May 28, 2026, 17:36 IST
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महासमुंद पुलिस ने एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों के गबन मामले में मुख्य आरोपियों को को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया। पहले चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। 90 लाख रूपए में गैस बेचने का सौदा हुआ था।

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में लाखों रूपए की एलपीजी गैस चोरी और कालाबाजारी मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। गुरुवार को मुख्य आरोपी संतोष सिंह ठाकुर और उनके पुत्र सार्थक सिंह ठाकुर को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए होटल में छिपकर रह रहे थे।



इससे पहले इस मामले में शामिल अन्य आरोपी अजय यादव, पंकज चंद्राकर, निखिल वैष्णव और मनीष चौधरी को गिरफ्तार किया जा चुका है। 90 लाख में गैस बेचने का सौदा हुआ था।



कैसे हुई गिरफ्तारी?

महासमुंद पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने मीडिया को बताया कि संतोष सिंह ठाकुर और उनके पुत्र सार्थक घटना के बाद से फरार थे। उनकी तलाश में पुलिस ने रायपुर, कवर्धा, छुईखदान, कान्हा-किसली, कोलकाता, पुणे, मुंबई और कोल्हापुर तक अलग-अलग टीमें रवाना की थी।



सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा डेटा और तकनीकी विश्लेषण के बाद सूचना मिली कि आरोपी कोल्हापुर स्थित न्यू चालुक्य होटल में छिपे हुए हैं। स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने संतोष ठाकुर के पास से 20 हजार रूपए नगद भी जब्त किए।





Mahasamund Gas Scam


क्या है पूरा मामला?

24 दिसंबर 2025 को पुलिस ने 6 एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों को जब्त किया था। भीषण गर्मी और सुरक्षा कारणों से इन वाहनों को जिला प्रशासन ने सुरक्षित स्थान पर रखा। बाद में खाद्य विभाग की मौजूदगी में इन्हें ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स, उरला रायपुर के संचालक संतोष सिंह ठाकुर के सुपुर्द किया गया।



जांच में खुलासा हुआ कि 5 कैप्सूल ट्रकों में से करीब 87 टन एलपीजी गैस का गबन किया गया था, जिसकी कुल कीमत 77 लाख रूपए थी। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी संतोष सिंह ठाकुर और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। 90 लाख में गैस बेचने का सौदा हुआ था।



Mahasamund LPG Gas Scam

आरोपियों की भूमिका

संतोष सिंह ठाकुर - मुख्य आरोपी, सुपुर्द किए गए ट्रकों से अवैध लाभ में शामिल।


सार्थक सिंह ठाकुर - संतोष सिंह के पुत्र, फरार और मुख्य आरोपी के साथ।


अजय यादव, पंकज चंद्राकर, निखिल वैष्णव, मनीष चौधरी - पहले ही गिरफ्तार, गैस गबन और लेन-देन में शामिल।



एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि इस केस में अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी भी जारी है।



IMP Facts

  • मामला सीधे महासमुंद पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा दर्ज।
  • पुलिस ने कई जिलों में टीम भेजकर तकनीकी और फील्ड जांच की।
  • गैस चोरी, एलपीजी कैप्सूल ट्रक गबन और कालाबाजारी में विशेषज्ञ जांच।
  • गिरफ्तार आरोपियों की पुष्टि, सीसीटीवी फुटेज और टोल डेटा के आधार पर।

निष्कर्ष

महासमुंद पुलिस की इस कार्रवाई से एलपीजी गैस चोरी और कालाबाजारी के मामलों में बड़े पैमाने पर सफलता मिली है। मुख्य आरोपी संतोष सिंह ठाकुर और उनके पुत्र की गिरफ्तारी के बाद अब पूरे मामले की जांच तेज़ी से आगे बढ़ेगी।



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