महीनों तक हुआ 54 हजार अयोग्य महिलाओं का महतारी वंदन, डेढ़ लाख योजना से बाहर

Arun Tiwari | Jul 17, 2026, 10:16 IST
महतारी वंदन 2026
छत्तीसगढ़ की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना सरकार के खजाने पर भारी पड़ रही है। यही कारण है कि इसमें जांच कर अपात्रों को हटाया जा रहा है। अब तक 54 हजार से ज्यादा महिलाएं अपात्र निकल चुकी हैं। वहीं डेढ़ से ज्यादा इस योजना से बाहर हो चुकी हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • महतारी वंदन में अपात्र महिलाएं 54127
  • महतारी वंदन से बाहर हुई महिलाएं 155655
  • हर महीने 700 करोड़ का खर्च
  • अब तक 18 हजार करोड़ से ज्यादा का खर्च

छत्तीसगढ़ में चुनाव जीती बीजेपी सरकार ने आनन फानन में मोदी की गारंटी पूरी करने के लिए महतारी वंदन योजना शुरु कर दी। जितने आवेदन आए उनमें से अधिकांश महिलाओं को महतारी बनाकर सरकार ने वंदन कर लिया।



इसमें ऐसी भी महिलाएं शामिल हो गईं जो योजना की शर्तों को पूरा नहीं करती हैं। जब इसकी पड़ताल की तो सामने आया कि 54 हजार से ज्यादा महिलाएं ऐसी निकलीं जो नियमों को पूरा नहीं करती और महतारी वंदन का फायदा उठाती रहीं।



कोई सरकारी नौकरी में थी तो किसी की शादी नहीं हुई थी। पिछले ढाई साल में सरकार की इस योजना से डेढ़ लाख से ज्यादा महिलाएं बाहर हो चुकी हैं।



अब तक डेढ़ लाख बाहर :

छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने एक घोषणा की थी। इसके तहत सरकार बनने के बाद प्रदेश की हर महिला को 1 हजार रुपए महीने दिए जाएंगे। ये पैसे हर महीने उनके खाते में पहुंचेंगे।



इस महतारी वंदन योजना को मोदी की गारंटी कहा गया। बीजेपी चुनाव जीती और विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार बनी। सरकार ने मार्च 2024 से इस योजना की शुरुवात कर दी।



योजना में शामिल होने के लिए 70 लाख 27 हजार 154 आवेदन फॉर्म आए। इनमें से 70 लाख 9 हजार 158 महिलाएं इस योजना में शामिल की गईं जिनको पहली किस्त मिली।



योजना शुरु होने के करीब सवा साल और सरकार के ढाई साल बाद जून 2026 में 68 लाख 54 हजार 3 महिलाओं को महतारी वंदन का पैसा मिला। यानी 155655 महिलाएं योजना से बाहर हो गईं। हर महीने करीब 700 करोड़ का चंदन सरकार को भारी पड़ने लगा है।



54 हजार से ज्यादा अपात्र :

महतारी वंदन योजना के लिए नियम एवं शर्तें तय की गईं। इनमें प्रमुख रुप से सरकारी नौकरी या इन्कमटैक्स पेयी महिलाएं नहीं होनी चाहिए। पति यदि सरकारी नौकरी में है तो पत्नी को यह लाभ नहीं मिलेगा।



इसके अलावा महिला का बालिग होना और शादीशुदा होना अनिवार्य है। लेकिन महीनों तक ऐसी कई आयोग्य महिलाएं इस योजना का फायदा उठाती रहीं। समय-समय पर जो महिलाएं अपात्र मिलती गईं, उनको योजना से बाहर किया जाता रहा।



अब तक 54127 अपात्र महिलाएं मिल चुकी हैं। सरकार अब यह पड़ताल कर रही है कि इन अपात्रों ने इस योजना के तहत कितना पैसा लिया है। उसकी वसूली की तैयारी भी सरकार कर रही है।



इतनी अपात्र महिलाएं :

पहले भुगतान के बाद अपात्र - 27050


दो या अधिक आवेदन - 15036


सरकारी नौकरी - 6946


21 साल से कम उम्र - 370


अविवाहित - 765


छत्तीसगढ़ की स्थानीय निवासी नहीं - 183


आयकरदाता - 119


अन्य कारणों से अपात्र - 2931


कुल अपात्र महिलाएं - 54127



निष्कर्ष :

छत्तीसगढ़ सरकार अब तक महतारी वंदन योजना के तहत 18 हजार 807 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। यह योजना सरकार के खजाने पर भारी पड़ रही है।



यही कारण है कि कर्जदार सरकार इसमें से छंटनी करने लगी है। केवायसी के जरिए अपात्र महिलाओं की पहचान की जा रही है। हालांकि सरकार कहती है कि जिन्होने केवायसी नहीं कराई है उनकी राशि भी जारी की जा रही है। लेकिन 30 हज़ार महिलाएं ऐसी हैं जिनको केवायसी या अन्य कागज़ न मिलने से राशि रोकी गई है।



वहीं अपात्र के अलावा योजना से बाहर होने का कारण महिलाओं की मौत होना भी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस योजना में शामिल 1 लाख 21 हज़ार महिलाओं की मौत हो चुकी है।



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