महतारी वंदन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा : 27 हजार अपात्रों से 9 करोड़ वसूले

Umeshwari Baghel | Jul 18, 2026, 19:33 IST
महतारी वंदन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा
छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना में 27 हजार अपात्र महिलाओं के लाभ लेने का मामला सामने आया है। KYC और दस्तावेजों की जांच के बाद इन हितग्राहियों की पहचान हुई। सरकार ने अपात्र महिलाओं से राशि वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

समझें क्या है पूरा मामला

Raipur। छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जांच में पता चला है कि करीब 27 हजार अपात्र महिलाओं ने योजना के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त की। KYC प्रक्रिया और दस्तावेजों की जांच के दौरान इन मामलों की पहचान हुई। सरकार अब अपात्र हितग्राहियों से भुगतान की गई राशि वापस लेने की कार्रवाई कर रही है।



अब तक करीब 9 करोड़ रुपए की वसूली की जा चुकी है। वहीं लगभग 8 करोड़ रुपए की राशि वापस ली जानी बाकी है। सरकार ने योजना में KYC प्रक्रिया को भी सख्त कर दिया है, ताकि अपात्र लोगों को भुगतान रोका जा सके।



रायपुर में सबसे ज्यादा अपात्र मामले

महतारी वंदन योजना में अपात्र हितग्राहियों के मामले अलग-अलग जिलों से सामने आए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक रायपुर जिले में 2 हजार 883 अपात्र प्रकरण मिले हैं। रायगढ़ जिले में 1 हजार 17 मामले सामने आए हैं। वहीं नारायणपुर जिले में 404 प्रकरणों की पहचान की गई है।



KYC और अन्य रिकॉर्ड की जांच के बाद इन हितग्राहियों की पात्रता पर सवाल उठे। इसके बाद संबंधित मामलों में भुगतान रोकने और वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई। वर्तमान में करीब 40 हजार महिलाओं ने KYC प्रक्रिया पूरी नहीं की है। ऐसे हितग्राहियों को आगे योजना का लाभ जारी रखने के लिए तय प्रक्रिया पूरी करनी होगी।



68 लाख से ज्यादा महिलाओं को मिल रहा योजना का लाभ

छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। राज्य में करीब 68 लाख 54 हजार महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की जानकारी सामने आई है।



दूसरी ओर बड़ी संख्या में नवविवाहित महिलाएं नए आवेदन की प्रक्रिया शुरू नहीं होने के कारण योजना से जुड़ने का इंतजार कर रही हैं। बताया गया है कि एक बार आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अन्य विवाहित महिलाओं के लिए नियमित रूप से नए आवेदन नहीं लिए गए।



सुशासन तिहार के दौरान भी योजना से जुड़े आवेदन और मांगें सरकार तक पहुंची हैं। इससे नए पात्र हितग्राहियों को योजना में शामिल करने की मांग फिर तेज हुई है।



महतारी वंदन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा


सबसे ज्यादा आवेदन दोहराव के कारण हुए अपात्र

अपात्र मामलों की जांच में सबसे बड़ा कारण एक ही हितग्राही से जुड़े दो या उससे अधिक आवेदन सामने आना बताया गया है। इस श्रेणी में 15 हजार 36 प्रकरण निरस्त किए गए। यह कुल अपात्र मामलों का आधे से अधिक हिस्सा है।इसके अलावा सरकारी कर्मचारी या उनके परिवार से जुड़े 6 हजार 946 प्रकरण अपात्र पाए गए। योजना के निर्धारित मापदंड पूरे नहीं करने के कारण 2 हजार 931 मामलों को निरस्त किया गया।



आयकरदाता होने के कारण 819 प्रकरण अपात्र मिले। वहीं 765 आवेदन ऐसे लोगों से जुड़े थे, जो योजना की वैवाहिक स्थिति से संबंधित पात्रता पूरी नहीं करते थे। इसी तरह 21 वर्ष से कम उम्र के 370 प्रकरण सामने आए। स्थानीय निवासी नहीं होने से जुड़े 183 मामले भी अपात्रता की सूची में शामिल किए गए।



KYC से योजना में बढ़ी निगरानी

शुरुआती दौर में योजना का लाभ लेने के लिए KYC की प्रक्रिया इतनी सख्त नहीं थी। अब सरकार ने हितग्राहियों की पहचान और पात्रता की जांच बढ़ा दी है। इसका उद्देश्य गलत या दोहरे आवेदनों को रोकना और सरकारी राशि पात्र महिलाओं तक पहुंचाना है। अपात्र महिलाओं को पहले जारी की गई राशि वापस लेने की कार्रवाई भी जारी है। अब तक 9 करोड़ रुपए की वसूली होने के बाद भी करीब 8 करोड़ रुपए की वसूली बाकी बताई गई है।



महत्वपूर्ण तथ्य

27 हजार अपात्र महिलाओं ने योजना का लाभ लिया, जांच में खुलासा हुआ।


KYC और दस्तावेज सत्यापन के बाद अपात्र हितग्राहियों की पहचान हुई।


अब तक 9 करोड़ रुपए की वसूली सरकार कर चुकी है।


करीब 8 करोड़ रुपए की राशि की वसूली अभी बाकी है।


रायपुर में 2,883 और रायगढ़ में 1,017 अपात्र मामले मिले।


नारायणपुर में 404 प्रकरण अपात्र पाए गए।


वर्तमान में करीब 40 हजार महिलाओं ने KYC पूरी नहीं की है।


योजना के तहत 68 लाख 54 हजार से ज्यादा पात्र महिलाओं को लाभ मिल रहा है।


सबसे बड़ा कारण एक से ज्यादा आवेदन (15,036 मामले) रहा।


6,946 मामले सरकारी कर्मचारी या उनके स्वजन से जुड़े पाए गए।


योजना के नियमों का पालन नहीं करने पर 2,931 आवेदन निरस्त किए गए।


अन्य कारणों में आयकरदाता होना, कम उम्र, अविवाहित होना और स्थानीय निवासी नहीं होना शामिल है।



निष्कर्ष

महतारी वंदन योजना में 27 हजार अपात्र हितग्राहियों का मामला सामने आने के बाद पात्रता जांच और KYC की अहमियत बढ़ गई है। सबसे अधिक मामले दोहरे आवेदन और सरकारी कर्मचारियों या उनके परिवार से जुड़े पाए गए हैं। सरकार के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक तरफ अपात्र लोगों से सरकारी राशि की वसूली करनी है, वहीं दूसरी तरफ योजना के दायरे से बाहर रह गई पात्र महिलाओं को लाभ देने की व्यवस्था भी करनी होगी।



FAQ

  1. महतारी वंदन योजना में कितनी अपात्र महिलाओं ने लाभ लिया?
    जांच में करीब 27 हजार अपात्र महिलाओं के योजना का लाभ लेने की बात सामने आई है। KYC और दस्तावेज सत्यापन के बाद इन मामलों की पहचान हुई।
  2. अपात्र महिलाओं से कितनी राशि की वसूली हुई है?
    सरकार के अनुसार अब तक करीब 9 करोड़ रुपए की वसूली की जा चुकी है। वहीं लगभग 8 करोड़ रुपए की राशि अभी वसूलना बाकी है।
  3. महिलाओं को अपात्र क्यों घोषित किया गया?
    जांच में सबसे ज्यादा मामले एक से अधिक आवेदन, सरकारी कर्मचारी या उनके परिवार से जुड़े होने और योजना के तय नियमों को पूरा नहीं करने के कारण सामने आए हैं।

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