रायपुर में सालों से जमे उप अभियंताओं की कुर्सी हिली, पीडब्ल्यूडी में बड़ा फेरबदल
इस फेरबदल में रायपुर के अलग-अलग संभागों के अधिकारी शामिल हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग, सेतु संभाग और प्रमुख अभियंता कार्यालय से जुड़े नाम भी सूची में हैं। अधिकारियों को गरियाबंद, दुर्ग, बालोद, सक्ती, सारंगढ़, बिलासपुर और राजनांदगांव सहित कई जगहों पर पदस्थ किया गया है।
रायपुर से 13 उप अभियंताओं को दूसरे जिलों में भेजा
तबादला सूची के अनुसार, रायपुर में पदस्थ 13 उप अभियंताओं को दूसरे जिलों और संभागों में भेजा गया है। इनमें प्रदीप कुमार चन्द्राकर को गरियाबंद और फारूक इशराक को दुर्ग भेजा गया है। प्रीति शर्मा को बालोद और रामनारायण सूर्यवंशी को सक्ती में पदस्थ किया गया है।
राहुल खोब्रागढ़े को दुर्ग परिक्षेत्र और देवेन्द्र कुमार सतपथी को सारंगढ़ भेजा गया है। ललीता साहू को दुर्ग के सेतु संभाग में जिम्मेदारी दी गई है। अरविंद किशोर देवांगन को भी दुर्ग में पदस्थ किया गया है।
वहीं, संजय कुमार श्रीवास्तव और आशीष तिवारी को बिलासपुर भेजा गया है। सुमित पोददार को राजनांदगांव में जिम्मेदारी मिली है। ज्योति कश्यप को बिलासपुर के सेतु संभाग और ऋषि सेन को गरियाबंद भेजा गया है।
दूसरे जिलों से 18 उप अभियंताओं को रायपुर बुलाया
विभाग ने दूसरे जिलों में पदस्थ 18 उप अभियंताओं को रायपुर में नई जिम्मेदारी दी है। इनमें चुम्मन लाल साहू को बलौदाबाजार से रायपुर लाया गया है। मंगल प्रसाद और मुकेश नायक को महासमुंद से राजधानी में पदस्थ किया गया है। संतोष कुमार साहू को गरियाबंद और प्रफुल राउत को दुर्ग से रायपुर भेजा गया है।
ठाकुरेश्वर प्रसाद महतो को मुंगेली से राजधानी में पदस्थ किया गया है। विनोद कुमार और शिवबचन सिंह को सूरजपुर से रायपुर लाया गया है। दुष्यंत डनसेना को पत्थलगांव से नई जिम्मेदारी मिली है।
प्रकाश शर्मा को जगदलपुर और देवेन्द्र कुमार साहू को सुकमा से रायपुर भेजा गया है। सतीश पटेल को बीजापुर और विकास कुमार वर्मा को कोंडागांव से राजधानी में पदस्थ किया गया है।
इसके अलावा प्रिया खटकर को बिलासपुर से रायपुर लाया गया है। सी.एस. मरकाम को सुकमा और शेख वसीम को बालोद से राजधानी में जिम्मेदारी मिली है। विकास कुमार सरावगी को अंबिकापुर और सुष्मिता चन्द्राकर को दुर्ग से रायपुर भेजा गया है।
रायपुर में भी बदली पदस्थापना, सेतु संभाग में नई जिम्मेदारी
तबादला सूची में रायपुर के भीतर पदस्थापना बदलने का मामला भी शामिल है। नेहा यदुवंशी को दुर्ग के सेतु संभाग से रायपुर के सेतु संभाग क्रमांक-1 में पदस्थ किया गया है।
इस बदलाव के बाद संबंधित कार्यालयों में जिम्मेदारियों का नया बंटवारा होगा। अधिकारियों को नई जगह पर कार्यभार संभालना होगा। इसके बाद निर्माण कार्यों और विभागीय निगरानी की जिम्मेदारी भी नई पदस्थापना के अनुसार तय होगी।
लंबे समय से एक जगह पदस्थ अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी?
तबादले में कई संभागों और जिलों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। इससे विभाग के अलग-अलग कार्यालयों में पदस्थापना बदली है। हालांकि, आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन अधिकारियों को एक ही जगह लंबे समय तक रहने के कारण हटाया गया है।
इसलिए फेरबदल को लंबे समय से एक ही जगह पदस्थ कर्मचारियों को दूसरी जिम्मेदारी देने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। विभाग की ओर से तबादले के कारणों को लेकर अलग से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
अब नई पदस्थापना पर कामकाज की परीक्षा
तबादला आदेश के बाद अब अधिकारियों के नई जगह कार्यभार संभालने पर नजर रहेगी। विभागीय कामकाज, निर्माण कार्यों की निगरानी और परियोजनाओं की प्रगति पर भी इसका असर पड़ सकता है।
हालांकि, तबादले से कामकाज में क्या बदलाव आएगा, यह नई पदस्थापना के बाद ही स्पष्ट होगा। अधिकारियों के कार्यभार संभालने और विभागीय जिम्मेदारियां निभाने के बाद ही इसके असर का आकलन किया जा सकेगा।
आगे क्या?
अब संबंधित उप अभियंताओं को नई पदस्थापना के अनुसार कार्यभार संभालना होगा। इसके बाद विभागीय कामकाज और निर्माण कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी नए सिरे से तय होगी। फेरबदल का वास्तविक असर अधिकारियों के कार्यभार संभालने और कामकाज की प्रगति से सामने आएगा।