मंत्रालय बस सेवा पर नया बवाल: 6 महीने एक्सटेंशन मिला पर नए कर्मियों का फ्री पास बंद, 2021 से अटके हैं पास

VINAY VERMA | Nov 05, 2026, 15:15 IST
नवा रायपुर जाने वाले नए कर्मचारियों को नहीं मिलेगा फ्री बस पास, सरकार के आदेश से नाराजगी
government employees are upset over the free bus pass restrictions for staff appointed after January 1, 2025, at Nava Raipur offices
छत्तीसगढ़ मंत्रालय और नवा रायपुर के विभागाध्यक्ष कार्यालयों में इन दिनों एक सरकारी चिट्ठी ने भारी हलचल मचा रखी है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने रायपुर से नवा रायपुर के बीच चलने वाली कर्मचारी बसों का अनुबंध छह महीने के लिए आगे तो बढ़ा दिया, लेकिन इसी आदेश के भीतर छिपी एक शर्त ने नए और पुराने कर्मचारियों के बीच तनाव बढ़ा दिया है।

एक तरफ जहां पुराने कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है, वहीं दूसरी तरफ आदेश के चौथे नंबर के बिंदु ने सैकड़ों कर्मचारियों को नाराज कर दिया है।




आदेश में क्या है पेंच?

27 अक्टूबर 2026 को जारी इस सरकारी आदेश के मुताबिक, रायपुर नगर निगम ट्रांसपोर्ट लिमिटेड और NRDA के बीच चल रहे अनुबंध को 1 नवंबर 2026 से 30 अप्रैल 2027 तक छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। नई व्यवस्था या निविदा प्रक्रिया पूरी होने तक प्रति बस पास की मासिक दर 3,066 रुपए तय की गई है।



लेकिन सारा विवाद आदेश के बिंदु क्रमांक 4 को लेकर छिड़ा है। इसमें साफ लिखा है कि वित्त विभाग के निर्देशानुसार 1 जनवरी 2025 के बाद नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों को मुफ्त बस पास की सुविधा नहीं दी जाएगी।




जमीनी हकीकत: 2021 से ही नहीं बन रहे पास

कागजों पर तो सरकार ने 1 जनवरी 2025 की तारीख तय की है, लेकिन मंत्रालय और इंद्रावती भवन में काम कर रहे कर्मचारियों का दर्द कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि जमीनी स्तर पर साल 2021 के बाद ज्वाइन करने वाले युवाओं के बस पास ही नहीं बनाए जा रहे हैं।



जब भी नए कर्मचारी पास बनवाने के लिए नोडल या संबंधित शाखा में जाते हैं, तो उन्हें वित्त विभाग की पाबंदियों का हवाला देकर लौटा दिया जाता है। ऐसे में 2025 की कटऑफ तारीख तय करने का क्या मतलब है, यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है।




कर्मचारियों का सवाल- क्या हम सरकार का हिस्सा नहीं?

शासन और कर्मचारियों के बीच अब सीधे टकराव की स्थिति बन गई है। प्रभावित अधिकारियों और कर्मचारियों का सीधा सवाल है कि क्या सरकार उन्हें अपना कर्मचारी नहीं मानती?



कर्मचारियों का तर्क है कि जब वे भी दिन-रात नवा रायपुर आकर सरकारी कामकाज निपटाते हैं, तो उनके साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है? एक ही दफ्तर में बैठकर एक जैसा काम करने वाले दो कर्मचारियों में से एक को मुफ्त सफर की सुविधा मिल रही है, जबकि दूसरे को अपनी जेब से रोजाना भारी किराया या पेट्रोल का खर्च उठाना पड़ रहा है।



नवा रायपुर शहर से 20-25 किलोमीटर दूर है। ऐसे में रोजाना निजी गाड़ियों से आने-जाने पर महीने का 5 से 6 हजार रुपए का अतिरिक्त बोझ सीधे कर्मचारियों की जेब पर पड़ रहा है।



अफसरशाही अब इस पूरे मामले में वित्त विभाग के पुराने नियमों का हवाला दे रही है, जबकि कर्मचारियों का कहना है कि वे इस दोहरे रवैये को लेकर चुप नहीं बैठेंगे।




  1. सरकारी कर्मचारियों के फ्री बस पास को लेकर विवाद क्यों हो रहा है?
    सामान्य प्रशासन विभाग के नए आदेश में 1 जनवरी 2025 के बाद नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों को मुफ्त बस पास की सुविधा नहीं देने की बात कही गई है। इससे नए कर्मचारियों में नाराजगी है।
  2. नवा रायपुर में किन कर्मचारियों को फ्री बस पास नहीं मिलेगा?
    आदेश के मुताबिक, 1 जनवरी 2025 के बाद नियुक्त सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को मुफ्त बस पास की सुविधा नहीं मिलेगी।
  3. सरकार ने कर्मचारी बस सेवा का अनुबंध कब तक बढ़ाया है?
    सरकार ने रायपुर नगर निगम ट्रांसपोर्ट लिमिटेड और NRDA के बीच बस सेवा का अनुबंध 1 नवंबर 2026 से 30 अप्रैल 2027 तक छह महीने के लिए बढ़ाया है।
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