मरवाही अपहरण केस : 3 दिन बाद व्यापारी का सफल रेस्क्यू, 3 किडनैपर अरेस्ट

Umeshwari Baghel | Jun 24, 2026, 15:01 IST
3 दिन में सुलझा मरवाही अपहरण कांड
GPM पुलिस ने मरवाही के उषाढ़ से अपहृत किराना व्यवसायी को 72 घंटे में ओडिशा के कोरापुट से सुरक्षित मुक्त कराया। पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। 20 लाख फिरौती, हथियार, फर्जी वाहन और गांजा तस्करी लिंक की भी जांच जारी है।

समझें क्या है पूरा मामला

Marwahi : गौरेला–पेंड्रा–मरवाही (GPM) जिले के मरवाही थाना क्षेत्र के उषाढ़ गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब एक किराना व्यवसायी का उसके घर के सामने से अपहरण कर लिया गया। घटना दिनदहाड़े हुई और परिवार के सदस्य भी मौके पर मौजूद थे। अचानक कार से आए बदमाशों ने व्यवसायी को जबरन उठाया और मौके से फरार हो गए, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया।



सीसीटीवी फुटेज से शुरुआती जांच

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई थी, जिससे पुलिस को आरोपियों की पहचान और भागने के रूट को लेकर शुरुआती अहम सुराग मिले। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई।



पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त जांच से खुला नेटवर्क

GPM पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त रूप से तकनीकी जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग, डिजिटल सर्विलांस और इंटर-स्टेट इनपुट के आधार पर पुलिस लगातार आरोपियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रही। लगातार तीन दिनों की जांच के बाद पुलिस टीम को अपहृत व्यवसायी के ओडिशा में होने की पुष्टि मिली।



ओडिशा के कोरापुट में रेस्क्यू ऑपरेशन

सुरागों के आधार पर पुलिस टीम ओडिशा के कोरापुट क्षेत्र पहुंची और वहां दबिश देकर अपहृत व्यवसायी को सुरक्षित बरामद कर लिया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया, जो अलग-अलग राज्यों से जुड़े बताए जा रहे हैं। ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया ताकि किसी तरह की चूक न हो।



20 लाख रुपए की फिरौती मांग का खुलासा

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अपहरण के बाद आरोपियों ने व्यवसायी के परिजनों से 20 लाख रुपए की फिरौती की मांग की थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फिरौती की यह योजना पहले से तय थी या मौके पर दबाव बनाने के लिए बनाई गई थी।



अंतरराज्यीय गिरोह और जेल कनेक्शन की आशंका

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं। बताया जा रहा है कि इनकी पहचान उत्तर प्रदेश की एक जेल में हुई थी, जहां से बाहर आने के बाद इन्होंने मिलकर एक संगठित गिरोह तैयार किया और कई राज्यों में आपराधिक गतिविधियां शुरू कीं।



अवैध कारोबार और गांजा तस्करी एंगल की जांच

पुलिस को जांच के दौरान कुछ ऐसे संकेत भी मिले हैं जो इस पूरे मामले को अवैध गांजा तस्करी और उससे जुड़े नेटवर्क से जोड़ते हैं। इसी आधार पर पुलिस अब पूरे आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि असली मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके।



हथियार और फर्जी पुलिस वाहन बरामद

गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक पिस्टल, छह जिंदा कारतूस, छह मोबाइल फोन और पुलिस लिखी नीली बत्ती लगी स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया गया है। इससे साफ है कि आरोपी वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी तैयारी और फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर रहे थे।



IMP FACTS

GPM पुलिस ने 72 घंटे में ओडिशा से अपहृत व्यवसायी को सुरक्षित छुड़ाया


अंतरराज्यीय गिरोह के 3 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया


20 लाख रुपए की फिरौती मांग का खुलासा हुआ


वारदात में इस्तेमाल पिस्टल और कारतूस बरामद हुए


फर्जी पुलिस वाहन से अपराध करने का तरीका सामने आया


मामले का गांजा तस्करी नेटवर्क से लिंक होने की जांच जारी है



फरार आरोपियों की तलाश तेज, बड़ा नेटवर्क खुलने की उम्मीद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है। वहीं गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश के लिए कई राज्यों में टीमें भेजी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क का बड़ा खुलासा हो सकता है।



FAQ

  1. GPM पुलिस ने अपहृत व्यवसायी को कहां से बरामद किया?
    GPM पुलिस ने तकनीकी जांच और साइबर ट्रैकिंग के आधार पर अपहृत किराना व्यवसायी को ओडिशा के कोरापुट क्षेत्र से सुरक्षित बरामद किया। पुलिस की संयुक्त टीम ने 72 घंटे के भीतर यह सफल रेस्क्यू ऑपरेशन अंजाम दिया।
  2. इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    इस अपहरण मामले में पुलिस ने तीन अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी अलग-अलग राज्यों से जुड़े हुए हैं और पूछताछ में उनके एक संगठित गिरोह से संबंध होने की जानकारी सामने आई है।
  3. क्या इस अपहरण में फिरौती की मांग हुई थी?
    हां, प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि अपहरण के बाद आरोपियों ने व्यवसायी के परिजनों से 20 लाख रुपए की फिरौती की मांग की थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह योजना पहले से बनाई गई थी या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थी।

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