गर्मी में मिन्नी कश्मीर बना छत्तीसगढ़, गरियाबंद में भारी ओलावृष्टि

Aishwarya Dwivedi | May 01, 2026, 09:18 IST
Mini Kashmir Hailstorm Gariaband
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद और कवर्धा में भारी ओलावृष्टि से सड़कें सफेद हो गईं। तापमान में गिरावट से 44 डिग्री की झुलसाती गर्मी से राहत मिली, हालांकि यातायात कुछ देर बाधित रहा।

NEWS IN SHORT

  • गरियाबंद में भारी ओलावृष्टि से सड़कें पूरी तरह सफेद हुईं।
  • नेशनल हाईवे 130-सी पर घंटों तक यातायात बाधित रहा।
  • तापमान 44 डिग्री से गिरकर लोगों को राहत मिली।
  • तीन घंटे की बारिश से पूरे इलाके में ठंडक घुली।
  • कवर्धा और सारंगढ़ जिलों में भी तेज आंधी-बारिश।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ में जहां पारा 44 डिग्री सेल्सियस को छू रहा था, वहीं गुरुवार को मौसम के मिजाज ने ऐसी करवट ली कि लोग दंग रह गए। गरियाबंद जिले सहित प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ जबरदस्त ओलावृष्टि हुई। आलम यह था कि नेशनल हाईवे से लेकर जंगलों तक ओलों की ऐसी सफेद चादर बिछ गई, मानो छत्तीसगढ़ के इस हिस्से में बर्फबारी हुई हो।



नेशनल हाईवे पर थमी रफ्तार

गुरुवार दोपहर बाद अचानक आसमान में काले बादल छा गए और कड़कती बिजली के साथ बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते गरियाबंद के अभ्यारण्य क्षेत्र और नेशनल हाईवे 130-सी पर भारी ओलावृष्टि होने लगी। सड़क पर ओलों की परत इतनी मोटी थी कि कुछ समय के लिए आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। राहगीर अपनी गाड़ियाँ रोककर इस दुर्लभ नजारे को अपने कैमरों में कैद करते नजर आए। लगभग तीन घंटे तक रुक-रुक कर हुई इस बारिश ने पूरे इलाके को सराबोर कर दिया।



तापमान में आई गिरावट, मिली राहत

अमलीपदर तहसील और आसपास के क्षेत्रों में अप्रैल के आखिरी हफ्ते में गर्मी अपने चरम पर थी। जहाँ तापमान 44°C तक पहुंच चुका था, इस बारिश और ओलावृष्टि के बाद उसमें लगभग 2°C की गिरावट दर्ज की गई है। शाम को चली ठंडी हवाओं ने झुलसाने वाली गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत दी है।



बोड़ला और सारंगढ़ में भी दिखा असर

मौसम का यह बदलाव केवल गरियाबंद तक सीमित नहीं रहा। कवर्धा के बोड़ला शाम सवा चार बजे के करीब जोरदार आंधी और बिजली की गर्जना के साथ तेज बारिश हुई। इसके अलावा सारंगढ़-बिलाईगढ़ में भी दोपहर दो बजे से ही मौसम बदल गया था। यहाँ भी झमाझम बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई।



खेती-किसानी पर प्रभाव

एक तरफ जहां आम जनता को गर्मी से राहत मिली है, वहीं बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अचानक हुई इस ओलावृष्टि से खुले में रखी फसलों और सब्जी की खेती को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।



मौसम विभाग का पूर्वानुमान

आने वाले कुछ घंटों तक प्रदेश के कुछ अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के अंधड़ और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।



निष्कर्ष

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने गरियाबंद में भीषण गर्मी से फौरी राहत तो दी है, लेकिन यह जलवायु परिवर्तन के अनिश्चित संकेतों को भी दर्शाता है। जहां गिरते तापमान ने आमजन को सुकून पहुंचाया, वहीं अचानक हुई इस प्राकृतिक घटना ने कृषि क्षेत्र के लिए संभावित खतरों और चिंता को बढ़ा दिया है।



यह खबरें भी पढ़ें...

भीषण गर्मी के कारण स्कूलों के समय में किया बदला, 11.30 बजे हो जाएगी छुट्टी



भीषण गर्मी के बीच सीजी व्यापम का बड़ा फैसला; परीक्षाओं के समय में हुआ बदलाव



साहब के तोते के लिए बहाया हजारों लीटर पानी, भीषण गर्मी में फायर ब्रिगेड के दुरुपयोग पर उठे सवाल



एमपी में मौसम ने ली करवट, सीजी और राजस्थान में पड़ रही भीषण गर्मी: कई जिलों में लू का रेड अलर्ट



Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • भीषण गर्मी
  • जलवायु परिवर्तन
  • गरियाबंद
  • ओलावृष्टि