छत्तीसगढ़ में खनन नियम बदले, निजी जमीन पर माइनिंग आसान

Aishwarya Dwivedi | Jun 24, 2026, 08:46 IST
निजी ज़मीन पर माइनिंग के नियम आसान किए गए
छत्तीसगढ़ सरकार ने खनन नियम बदलकर निजी जमीन पर माइनिंग आसान की है। अब अवैध खनन पर भारी जुर्माना लगेगा और एक साल काम बंद रहने पर पट्टा स्वतः ही रद्द कर दिया जाएगा।

समझें क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ सरकार ने खनन नियमों में बड़ा बदलाव किया है। निजी जमीन पर खनन अब आसान होगा। जमीन मालिक प्रीमियम देकर कॉम्पोजिट लाइसेंस ले सकेंगे। अवैध खनन करने वालों पर जुर्माना और सख्ती बढ़ाई गई है। एक साल तक काम न करने पर पट्टा खुद रद्द हो जाएगा।



निजी जमीन पर खनन हुआ आसान

छत्तीसगढ़ सरकार ने खनन कारोबार में बड़ा बदलाव किया है। अब निजी जमीन पर खनन करना पहले से आसान हो गया है। जमीन मालिक गौण खनिजों के लिए सीधे आवेदन कर सकेंगे।



इसके लिए उन्हें सरकार को तय प्रीमियम चुकाना होगा। प्रीमियम जमा करने के बाद उन्हें कॉम्पोजिट लाइसेंस (Composite License – खनन और उत्खनन दोनों के लिए संयुक्त अनुमति) मिल जाएगा। इससे अलग-अलग अनुमति लेने की झंझट खत्म होगी।





एक साल काम बंद तो पट्टा रद्द

नए नियमों में पट्टाधारियों के लिए सख्त शर्त भी जोड़ी गई है। पट्टा मिलने के बाद एक साल तक उत्पादन शुरू नहीं किया तो पट्टा खुद खत्म हो जाएगा।



इसी तरह उत्पादन शुरू करने के बाद भी एक साल से ज्यादा समय तक काम बंद रखा तो भी पट्टा रद्द माना जाएगा। सरकार का मकसद साफ है। कई कारोबारी खदानें लेकर सालों तक उन्हें खाली छोड़ देते हैं। अब इस पर रोक लगेगी।



अवैध खनन पर अब सख्त कार्रवाई

सरकार ने अवैध खनन करने वालों के लिए नियम कड़े कर दिए हैं। अवैध उत्खनन या परिवहन में पकड़े गए वाहन और मशीनों को छुड़ाना अब आसान नहीं होगा। वाहन छुड़ाने के लिए 50 हजार रुपए से 3 लाख रुपए तक की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी। यह राशि वाहन के प्रकार पर निर्भर करेगी।



प्रशमन शुल्क में भी बढ़ोतरी

अवैध परिवहन के मामलों में जुर्माना भी बढ़ा दिया गया है। अब कम से कम 25 हजार रुपए का प्रशमन शुल्क (Compounding Fee – कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए दिया जाने वाला जुर्माना) देना होगा।



इसके अलावा प्रति टन 2 हजार रुपए की दर से अतिरिक्त शुल्क भी लगेगा। यानी जितनी ज्यादा मात्रा में अवैध खनिज पकड़ा जाएगा, जुर्माना भी उतना ही बढ़ेगा। सरकार चाहती है कि अवैध कारोबारियों को साफ संदेश मिले।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ सरकार के नए नियमों के तहत 'कॉम्पोजिट लाइसेंस' क्या है और इसका निजी भूमि स्वामियों को क्या लाभ मिलेगा?
    उत्तर: कॉम्पोजिट लाइसेंस (Composite License) खनन (Mining) और उत्खनन (Quarrying) दोनों के लिए दी जाने वाली एक संयुक्त अनुमति है। नए नियमों के अनुसार, अब निजी जमीन के मालिक तय प्रीमियम चुकाकर सीधे इस लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे उन्हें अलग-अलग विभागों से अनुमति लेने की जटिल और लंबी कागजी प्रक्रिया (रेड टेप) से मुक्ति मिलेगी और निजी भूमि पर गौण खनिजों का खनन बेहद आसान हो जाएगा।
  2. खनन पट्टा (Mining Lease) रद्द होने के संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार ने समय-सीमा की क्या सख्त शर्त जोड़ी है?
    उत्तर: सरकार ने खदानें लेकर उन्हें खाली छोड़ने वाले कारोबारियों पर रोक लगाने के लिए सख्त नियम बनाया है। इसके तहत यदि किसी पट्टाधारी को खदान का आवंटन होने के बाद वह एक साल तक उत्पादन शुरू नहीं करता, तो पट्टा स्वतः (स्वेच्छा से) रद्द हो जाएगा। इसके अलावा, यदि उत्पादन शुरू होने के बाद भी लगातार एक साल से अधिक समय तक काम बंद रखा जाता है, तो भी खनन पट्टा पूरी तरह निरस्त माना जाएगा।
  3. अवैध खनन और अवैध परिवहन पर लगाम लगाने के लिए वाहनों और मशीनों को जब्त करने के क्या नियम तय किए गए हैं?
    उत्तर: नए नियमों के अनुसार, अवैध उत्खनन या खनिजों के अवैध परिवहन में संलिप्त पाए गए वाहनों और भारी मशीनों को छुड़ाना अब बेहद कड़ा कर दिया गया है। पकड़े गए वाहनों को कोर्ट या विभाग से रिलीज कराने के लिए मालिकों को 50 हजार रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक की भारी सुरक्षा राशि (Security Deposit) जमा करनी होगी। यह राशि वाहन के आकार और प्रकार (जैसे- ट्रैक्टर, हाइवा, जेसीबी) पर निर्भर करेगी।

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