Government Mobile Alert ; मोबाइल ने अचानक बजाया सायरन, घबराएं नहीं, यहां पढ़ें पूरी जानकारी
आज सुबह 11:40 बजे अगर आप सड़क पर थे, दफ्तर में थे या घर पर चैन की नींद ले रहे थे, तो एक चीखती हुई आवाज ने आपको चौंका दिया होगा। छत्तीसगढ़ के व्यस्त बाजारों से लेकर शांत जगहों तक, हर जगह नजारा एक जैसा था— सबके हाथ अपने मोबाइल की तरफ थे और चेहरों पर घबराहट।
लेकिन रुकिए ! यह किसी हैकर का हमला नहीं, बल्कि आपकी जान बचाने वाली तकनीक का 'लाइव रिहर्सल' था।
क्या हुआ था आज सुबह?
कोई गर्मियों में राहत की सांस लेते बैठा था तो कोई अपने दफ्तर के काम में था। सभी अपने रोज़मर्रा की जिंदगी में व्यस्त थे। तभी अचानक सभी के मोबाइल एक साथ इमरजेंसी सायरन की तरह बजने लगे। कुछ सेकंड्स के लिए लगा कि शायद कोई बड़ा संकट आ गया है। पर जल्द ही शोर के बीच आवाज आई— "घबराइए मत, यह सरकारी अलर्ट है।"
यह शोर क्यों जरूरी था?
भारत सरकार अब आपदाओं (Disasters) के समय सिर्फ किस्मत के भरोसे नहीं रहेगी। दूरसंचार विभाग (DoT) और NDMA ने मिलकर एक ऐसी 'स्वदेशी ढाल' तैयार की है जो भूकंप, बाढ़ और सुनामी जैसी स्थितियों में आपको सेकंडों में अलर्ट करेगी। यह संदेश C-DOT द्वारा विकसित 'सेल ब्रॉडकास्ट सेवा' के जरिए भेजा गया। इसकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह बिना इंटरनेट या नेटवर्क जाम होने की स्थिति में भी आपके फोन पर 'धमाका' कर सकता है।
नई प्रणाली: जो इसे खास बनाती है
दहशत नहीं, यह सुरक्षा की घंटी है
अचानक आए इस मैसेज से कई लोग घबरा गए कि कहीं उनका फोन हैक तो नहीं हो गया या कोई युद्ध जैसी स्थिति तो नहीं? लेकिन असल में यह नेशनल सिक्योरिटी ड्रिल का हिस्सा था। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि अगर कल को कोई वास्तविक खतरा आए, तो सूचना पहुंचने में एक सेकंड की भी देरी न हो।
"मैसेज को इग्नोर करें, लेकिन सिस्टम पर भरोसा रखें।" भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक टेस्ट था। नागरिकों को किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने या घबराने की जरूरत नहीं है।
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