17 जुलाई से लागू हुआ नया नियम, MP-CG अपने स्तर पर बढ़ा सकेंगे महंगाई राहत भत्ता

VINAY VERMA | Jul 17, 2026, 23:23 IST
MP-CG पेंशनभोगियों के लिए DR से जुड़े नए नियम 2026
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकारों ने पारस्परिक सहमति की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब दोनों राज्य स्वतंत्र रूप से, केंद्र की सीमा के भीतर, पेंशनरों का महंगाई राहत भत्ता बढ़ा सकेंगे।

छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के लाखों पेंशनरों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब महंगाई राहत बढ़ाने के लिए दोनों राज्यों को एक-दूसरे की मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। दोनों सरकारों ने वर्षों से चली आ रही पारस्परिक सहमति की व्यवस्था खत्म कर दी है। यानी अब जिस राज्य की सरकार चाहे, वह अपने पेंशनरों के लिए सीधे महंगाई राहत बढ़ाने का आदेश जारी कर सकेगी। इस फैसले को प्रशासनिक सुगमता और पेंशनरों के हित में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।



अब दूसरे राज्य की मंजूरी जरूरी नहीं

मध्य प्रदेश वित्त विभाग द्वारा 17 जुलाई 2026 को जारी आदेश के मुताबिक, महंगाई राहत घोषित करने के लिए दूसरे राज्य की पूर्व सहमति लेने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। अब दोनों राज्य स्वतंत्र रूप से कार्यकारी आदेश जारी कर सकेंगे। इससे पहले यदि किसी राज्य को पेंशनरों के लिए डीआर बढ़ाना होता था तो दूसरे राज्य की सहमति की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी। इससे कई बार आदेश जारी होने में देरी होती थी और पेंशनरों को इंतजार करना पड़ता था।



कानून बदलने की जरूरत भी खत्म

सरकार ने एक और बड़ा बदलाव किया है। अब महंगाई राहत बढ़ाने के लिए किसी तरह के विधायी संशोधन या अलग कानूनी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी। केवल कार्यकारी आदेश जारी कर डीआर लागू किया जा सकेगा। हालांकि, जिस राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा, उसकी जानकारी दूसरे राज्य को केवल सूचना के तौर पर भेजी जाएगी। यानी अब समन्वय रहेगा, लेकिन मंजूरी की बाध्यता नहीं होगी।



केंद्र से ज्यादा DR नहीं दे सकेंगे राज्य

आदेश में एक अहम शर्त भी जोड़ी गई है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में से कोई भी राज्य केंद्र सरकार द्वारा घोषित महंगाई राहत की दर से अधिक डीआर नहीं देगा। यानी दोनों राज्यों को केंद्र की अधिकतम सीमा का पालन करना होगा। इससे वित्तीय अनुशासन भी बना रहेगा और राज्यों के बीच असमानता की स्थिति भी नहीं बनेगी।



17 जुलाई से लागू, दोनों राज्यों की सहमति से फैसला

यह प्रावधान 17 जुलाई 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आदेश पर छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव और मध्य प्रदेश के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी के हस्ताक्षर हैं। आदेश की प्रतिलिपि दोनों राज्यों के महालेखाकार, वित्त विभाग, पेंशन, कोष एवं लेखा विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है। नए फैसले से उम्मीद है कि भविष्य में महंगाई राहत बढ़ाने की प्रक्रिया तेज होगी और लाखों पेंशनरों को समय पर इसका लाभ मिल सकेगा।



FAQ

  1. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के पेंशनरों के लिए क्या नया नियम लागू हुआ है?
    उत्तर: अब दोनों राज्य एक-दूसरे की पूर्व मंजूरी के बिना अपने स्तर पर स्वतंत्र रूप से पेंशनरों का महंगाई राहत भत्ता (DR) बढ़ा सकेंगे।
  2. क्या मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में नया नियम लागू होने से डीआर की दरें केंद्र से ज्यादा हो सकती हैं?
    उत्तर: नहीं, आदेश में साफ लिखा है कि कोई भी राज्य केंद्र सरकार द्वारा घोषित दर से अधिक महंगाई राहत अपने पेंशनरों को नहीं दे सकेगा।
  3. पेंशनरों के लिए नियम कब से प्रभावी हुआ है और इस पर किसने हस्ताक्षर किए हैं?
    उत्तर: यह नियम 17 जुलाई 2026 से लागू हो गया है। इस पर एमपी के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी और छत्तीसगढ़ के वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव ने हस्ताक्षर किए हैं।

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