PWD मंत्री अरुण साव के गृह जिले में बवाल, निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा
समझें क्या है पूरा मामला
मुंगेली जिले में अमरटापू धाम से भरवागुड़ा को जोड़ने वाला पुल बन रहा था। मटेरियल से लदी गाड़ी के ऊपर चढ़ते ही पुल का स्लैब भरभराकर गिर गया। घटना का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कांग्रेस ने भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप लगाया। डिप्टी सीएम अरुण साव ने इसे तकनीकी चूक बताते हुए जांच की बात कही।
गाड़ी चढ़ी और गिर गया स्लैब
निर्माणाधीन पुल पर मटेरियल से लदी एक गाड़ी आगे बढ़ रही थी। जैसे ही वाहन स्लैब के ऊपर पहुंचा, दबाव बढ़ा और कुछ ही पलों में स्लैब नीचे गिर गया।उस वक्त पुल पर कई मजदूर काम कर रहे थे। समय रहते सब वहाँ से हट गए और एक बड़ा हादसा टल गया।
वीडियो वायरल सवाल उठे
घटना का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। इसके बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए।लोगों का तर्क है कि अगर निर्माणाधीन अवस्था में ही स्लैब एक लोडेड वाहन का वजन नहीं झेल सका, तो पूरे होने के बाद इस पुल की मजबूती कितनी होगी।
4.02 करोड़ का पुल — समय पर नहीं बना
यह पुल लगभग 4 करोड़ 2 लाख रुपए की लागत से बनाया जा रहा है। इसका निर्माण आदेश दिसंबर 2024 में जारी हुआ था और छह महीने में काम पूरा होना था। तय समयसीमा बीत चुकी है लेकिन पुल अभी भी अधूरा है। इसके अलावा बिना माइनिंग विभाग की अनुमति के मिट्टी इस्तेमाल किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं।
कांग्रेस का हमला — भ्रष्टाचार का आरोप
मुंगेली दौरे पर आए कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता में इस घटना को गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि मुंगेली लोक निर्माण विभाग (PWD – Public Works Department) मंत्री का गृह जिला है। अगर यहाँ ही पुल का स्लैब गिर रहा है तो बाकी जिलों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की और कहा कि मुद्दा विधानसभा में भी उठाया जाएगा।
डिप्टी सीएम बोले — तकनीकी चूक है
उपमुख्यमंत्री और PWD मंत्री अरुण साव ने इस मामले पर अपना पक्ष रखा। उनके मुताबिक मटेरियल से लदी गाड़ी निर्धारित सीमा से आगे निकल गई थी, जिससे स्लैब पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। उन्होंने कहा कि घटना को जिस तरह पेश किया जा रहा है वास्तविकता वैसी नहीं है। उनके अनुसार अब तक की जानकारी में कोई भ्रष्टाचार सामने नहीं आया है और यह निर्माण के दौरान हुई एक तकनीकी चूक है।
जांच रिपोर्ट पर सबकी नजर
फिलहाल विभागीय जांच जारी है। विपक्ष भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहा है और सरकार इसे तकनीकी त्रुटि बता रही है।जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि स्लैब गिरने की असली वजह क्या थी और जिम्मेदारी किसकी है।
FAQ
- पुल निर्माण के संदर्भ में 'स्लैब' (Slab) क्या होता है?
उत्तर: स्लैब कंक्रीट और लोहे की छड़ों (Reinforced Concrete) से बनी वह समतल क्षैतिज (horizontal) सतह होती है, जिस पर वाहन या लोग चलते हैं। यह पुल का ऊपरी हिस्सा होता है। - किसी भी बड़े निर्माण कार्य में मिट्टी या मुरुम के इस्तेमाल के लिए किस विभाग की अनुमति अनिवार्य होती है?
उत्तर: माइनिंग विभाग (खनिज साधन विभाग - Mining Department)। बिना अनुमति के मिट्टी या खनिज निकालना अवैध उत्खनन की श्रेणी में आता है। - PWD का पूर्ण रूप (Full Form) क्या होता है?
उत्तर: Public Works Department (लोक निर्माण विभाग)। इसका मुख्य काम सरकारी भवनों, सड़कों, पुलों आदि का निर्माण और रखरखाव करना होता है।
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