नव्या मलिक केस में नया खेल उजागर, 850 रईसजादे बने ब्लैकमेल का शिकार
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नव्या मलिक ड्रग्स केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताबड़तोड़ एंट्री के बाद इस हाई-प्रोफाइल सिंडिकेट के तार लगातार गहराते जा रहे हैं। इंटीरियर डिजाइनर से ड्रग्स सिंडिकेट के केंद्र तक पहुंची नव्या मलिक मामले में अब रायपुर के 8 बड़े प्रतिष्ठित होटल और पब्स ED के सीधे निशाने पर आ चुके हैं।
रसूखदारों से ब्लैकमेलिंग-उगाही का एक बड़ा ढांचा सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि नव्या इन होटलों और पब पार्टियों में युवाओं के फोटो खींचती, वीडियो बनाती। जिसके जरिए रईसजादों से मोटी रकम वसूली होती थी। एजेंसी अब कथित ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े पैसों के लेनदेन, संपत्तियों और संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।
850 नामों से मचा हड़कंप
SIT जांच से जुड़ी रिपोर्टों में दावा किया गया है कि नव्या मलिक के मोबाइल और नेटवर्क से करीब 850 प्रभावशाली लोगों के संपर्क सामने आए। इनमें होटल कारोबारी और रसूखदार परिवारों से जुड़े लोगों के नाम होने की बात कही गई है। नव्या मलिक ड्रग्स केस में ED ने पुलिस से चार्जशीट, केस डायरी और दूसरे जांच दस्तावेज मांगे हैं।
जांच रिपोर्ट के अनुसार नशे की हालत में लोगों को अश्लील फोटो वीडियो बनाए जाते। जिसके जरिए बाद में वसूली की जा रही थी। इसमें कई हाईप्रोफाइल लड़कियों के ग्रुप का सहारा लिया जा रहा था।
अश्लील डायरी का दावा
इस मामले में अश्लील तस्वीरों और वीडियो के जरिए 850 लोगों से वसूली करने की बात सामने आई है। वसूली के लिए बाकायदा एक डायरी बनाई गई थी। जिसे जांच एजेंसी ने जब्त कर लिया है। इस डायरी में वसूली का पूरा लेखा-जोखा है। बड़ी बात यह है कि इसमें ड्रग्स से जुड़ा कोई भी हिसाब किताब नहीं है। इसमें उन पब्स और होटलों का जिक्र जरुर है जहां या तो पार्टियां आयोजित की गईं, या होने वाली थीं।
होटल-पब में ड्रग्स का नेटवर्क
पुलिस जांच संबंधी रिपोर्टों में आरोप है कि रायपुर के होटल, क्लब, पब और निजी पार्टियों के जरिए ड्रग्स की सप्लाई की जाती थी। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, व्हाट्सऐप संपर्क और एडवांस पेमेंट के जरिए ग्राहकों तक पहुंचने की बात भी सामने आई है। 8 विशिष्ट होटल-पब को ईडी ने आधिकारिक तौर पर आरोपी या सिंडिकेट का अड्डा घोषित किया है।
SIT और वसूली डायरी
इधर कांग्रेस की तरफ से यह सवाल लगातार उठाया जा रहा है कि इस मामले मे जानबूझकर कोताही बरती जा रही है। SIT न केवल नव्या मलिक को बचाने की कोशिश कर रही है बल्कि उन तमाम चेहरों को उजागर नही किया जा रहा है जो डायरेक्ट या इनडायरेक्ट इस मामले से जुड़े हैं। ऐसे में एफआईआर, एसआईटी की रिपोर्ट, केस डायरी और न्यायालयीन रिकॉर्ड सामने आने के बाद जांच की हकीकत का पता चलेगा और पूरे नाम सामने आ जाएंगे।
असली सवाल, पैसा कहां गया?
अब जांच का अहम हिस्सा कथित ड्रग्स कारोबार से जुड़े पैसों के स्रोत, बैंक खातों, संपत्तियों और लेनदेन का पता लगाना है। यदि वित्तीय जांच में अपराध से अर्जित रकम या मनी लॉन्ड्रिंग के ठोस सबूत मिलते हैं, तो आगे की कार्रवाई उसी आधार पर होगी। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि नव्या मलिक अकेली संचालक थी या उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था।
FAQ
- नव्या मलिक ड्रग्स केस क्या है?
नव्या मलिक ड्रग्स केस छत्तीसगढ़ में कथित ड्रग्स नेटवर्क और उससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों की जांच से संबंधित मामला है। - नव्या मलिक ड्रग्स केस में ED क्या जांच रही है?
ED कथित अपराध से जुड़े पैसों के स्रोत, बैंक खातों, संपत्तियों, लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग के संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
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